शिक्षा के साथ पर्यावरण सवारने में जुटे प्राचार्य पंत
शिवपुरी। शहर में छतरी के समीप स्थित शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय परिसर में इन दिनों हरियाली फैली नजर आती है। चारों तरफ बाग बगीचे में फूल खिले दिखाई देते हैं तो वही सुगंधित फूल वाले पौधे मौजूद हैं। इतना ही नहीं यहां पौधों की शानदार कटिंग करने के साथ उन्हें आकर्षक आकार भी दिया गया है।
बता दें कि यह हरियाली पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्राचार्य आरएस पंत की मेहनत का नतीजा है। वे यहां विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मुहैया कराने के लिए तो प्रयास करते ही रहते हैं। शिक्षा देने के बाद बचे हुए समय में अपने हाथों से पर्यावरण हित में हरियाली फैलाने का काम भी करते हैं। खास बात यह है कि उन्होंने इसके लिए कोई सरकारी फंड हरियाली फैलाने में इस्तेमाल नहीं किया है। दान में मिले पौधे या फिर आपसी सहयोग से हरियाली फैलाने में जुटे हुए हैं। उन्होंने कॉलेज परिसर में हरियाली के माध्यम से महाविद्यालय का नाम भी इस तरह उकेरा है, कि वह किसी साइन बोर्ड की तरह नजर आता है। हमने उनसे बातचीत की।
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सिंधिया राजघराने को जाता है श्रेय
वैसे तो ग्वालियर चंबल संभाग में सिंधिया राजघराने ने कई सौगात दी हैं, उनमें से एक समय ग्रीष्मकालीन राजधानी रही शिवपुरी पर इस परिवार की खास नजर रहती है। वर्तमान में शिवपुरी को बेहतर, उत्क्रष्ट शिक्षा का हब बनाने कई कदम सिंधिया राजघराने ने उठाये हैं। सतनवाड़ा पर एनटीपीसी कॉलेज, शिवपुरी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण महाविद्यालय की स्थापना आने वाले कल के लिये मील का पथर साबित होंगे। बात करें तो राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ही शिवपुरी पॉलिटेक्निक कॉलेज का निर्माण करवाया है। जबकि आजकल प्रदेश सरकार में मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया स्कूल शिक्षा मंत्री हैं। उन्होंने साल 2020 में मंत्री बनने के साथ ही प्रदेश भर के पॉलिटेक्निक और तकनीकी महाविद्यालयों सहित शिवपुरी जिले में इस पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों का भविष्य बनाने की ठान ली है। शिवपुरी जिले को तकनीकी क्षेत्र में उत्कृष्ट शिक्षा का तमगा दिलाने के लिए भी उन्होंने ठोस कदम उठा लिए हैं। जैसे ही आचार संहिता समाप्त हो रही है, वैसे ही इस मामले में फिर से तेजी आने की उम्मीद है।
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राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया।-
प्राचार्य आर एस पंत।

आपकी इस खबर ने कर्मचारियों का उत्साह दोगुना कर दिया, बहुत बहुत धन्यवाद
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