shivpuri शिवपुरी। मध्य प्रदेश सरकार की विद्यार्थी प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ अब केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) और अन्य केंद्रीय बोर्ड के होनहार छात्रों को भी दिलाने के लिए प्रयास तेज हो गए हैं। शिवपुरी (विधानसभा क्षेत्र-25) के विधायक देवेंद्र कुमार जैन (पत्ते वाले) ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक पत्र लिखकर इस विसंगति को दूर करने की मांग की है।
टॉपर अंतरा जैन का मामला आया सामनेविधायक देवेंद्र जैन ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में शहर के अग्रणी गीता पब्लिक स्कूल की छात्रा अंतरा जैन का विशेष रूप से उल्लेख किया है। वर्ष 2026 के घोषित सीबीएसई हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणामों में अंतरा जैन ने 98.6 प्रतिशत अंक हासिल कर मध्य प्रदेश के कॉमर्स संकाय में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इसके बावजूद, सीबीएसई बोर्ड से होने के कारण उन्हें राज्य सरकार की
होने के कारण उन्हें राज्य सरकार की प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
केवल एमपी बोर्ड तक सीमित हैं योजनाएं
पत्र में विधायक ने बताया कि वर्तमान में मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल (MP Board) से संबद्ध सरकारी और निजी स्कूलों के मेधावी छात्रों को ही प्रावीण्य सूची में स्थान पाने पर सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जाता है। जबकि, केंद्रीय बोर्ड (जैसे सीबीएसई) के स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र भी मध्य प्रदेश के ही मूल निवासी हैं और वे भी बेहद कड़ा परिश्रम करके उत्कृष्ट अंक लाते हैं।
भेदभाव खत्म करने की मांग
विधायक जैन ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि प्रदेश के केंद्रीय बोर्डों में अध्ययनरत विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करने के लिए उन्हें भी राज्य शासन की विद्यार्थी प्रोत्साहन योजनाओं में शामिल किया जाए। उन्होंने मांग की है कि इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई कर सभी मेधावी छात्रों को समान रूप से लाभान्वित किया जाए, ताकि किसी भी होनहार छात्र के साथ भेदभाव न हो।
स्कूल संचालकों ने जताई सहमति, रखी मांगेंविधायक के इस पत्र के बाद शहर के शिक्षा जगत में खुशी की लहर है और विभिन्न स्कूल संचालकों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है:
पवन शर्मा (संचालक, गीता पब्लिक स्कूल): उन्होंने विधायक देवेंद्र कुमार जैन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह हमारे स्कूल और शिवपुरी के लिए गर्व की बात है कि हमारी छात्रा अंतरा जैन ने प्रदेश में प्रथम स्थान पाया है। सरकार को ऐसे सभी होनहारों का हौसला बढ़ाना चाहिए।
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एम एस अरोरा (संचालक, गुरुनानक इंटरनेशनल स्कूल): उन्होंने इस पहल को बेहद सराहनीय बताया। इसके साथ ही उन्होंने मांग जोड़ी कि सीबीएसई के साथ-साथ आईसीएसई (ICSE) व अन्य मान्यता प्राप्त बोर्ड के टॉपर्स को भी इन योजनाओं के दायरे में शामिल किया जाना चाहिए।
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अशोक ठाकुर (संचालक, शिवपुरी पब्लिक स्कूल): उन्होंने भी इस पहल का खुला स्वागत किया और कहा कि मध्य प्रदेश के मूल निवासी छात्रों के बीच बोर्ड के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। यह कदम शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाएगा।
























































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