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#mamakadhamakanews: ब्रेकिंग: मध्य प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल; आईएएस भास्कर लाक्षाकार को इंदौर कमिश्नर की कमान, देखें पूरी तबादला सूची

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bhopal भोपाल। मध्य प्रदेश में शुक्रवार आधी रात को एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है, जिसमें 20 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए गए हैं। नए मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल के पदभार ग्रहण करने के बाद जारी हुई इस पहली तबादला सूची में इंदौर कमिश्नर समेत 6 जिलों के कलेक्टर्स बदले गए हैं। इस प्रशासनिक सर्जरी में खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग के आयुक्त रहे भास्कर लाक्षाकार (2010 बैच) को नया इंदौर संभागायुक्त (कमिशनर) नियुक्त किया गया है। वहीं, निवर्तमान इंदौर कमिश्नर डॉ. सुदाम पी. खाड़े को मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।
मप्र प्रशासनिक फेरबदल: पूरी खबर विस्तार से
6 जिलों में नए कलेक्टर्स की तैनाती
शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदेश के इन जिलों में नए कलेक्टर्स की जिम्मेदारी सौंपी गई है:
रतलाम: अजय कटेसरिया
शहडोल: मिशा सिंह
अनूपपुर: रत्नाकर झा
खरगोन: गुरु प्रसाद
मंदसौर: दिव्यांक सिंह
आगर-मालवा: डॉ. शेर सिंह मीणा।
वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारियां
जिलों के कलेक्टर्स के अलावा शासन ने मंत्रालय स्तर के कई वरिष्ठ अधिकारियों के प्रभारों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं:
नीरज मण्डलोई (अपर मुख्य सचिव): मुख्यमंत्री के भरोसेमंद अधिकारी मण्डलोई को जनवरी 2027 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS-2027) की कमान सौंपी गई है। इसके साथ ही वे अब उद्योग और एमएसएमई (MSME) विभाग का नेतृत्व भी करेंगे।
डॉ. राजेश राजौरा (एसीएस): इन्हें आरसीपीवी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी का महानिदेशक (DG) नियुक्त किया गया है।
राघवेंद्र सिंह (प्रमुख सचिव): इन्हें वन विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
संदीप यादव (प्रमुख सचिव): इन्हें जल संसाधन विभाग में भेजा गया है, जहाँ वे केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध जैसी प्रमुख लिंक परियोजनाओं का कार्य संभालेंगे।
ई. रमेश कुमार: इन्हें राजस्व विभाग के साथ-साथ नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (NVDA) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

















#mamakadhamakakanews: नीट परीक्षा, MP देश का पहला राज्य, फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का सीएम मोहन यादव ने किया ऐलान, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर में गठित होगी कोर्ट। पीएम नरेंद्र मोदी का मास्टर स्ट्रोक, नीट परीक्षा विवाद पर केंद्र सरकार का अब तक का सबसे बड़ा एक्शन शुरू, फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के कई अधिकारियों की बर्खास्तगी, सीबीआई जांच में तेजी

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Delhi दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा में हुई अनियमितताओं के विरोध में मचे भारी बवाल और उग्र प्रदर्शनों के बाद सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ चुकी है। नीट परीक्षा विवाद पर केंद्र सरकार का अब तक का सबसे बड़ा एक्शन शुरू हो गया है, जिसके तहत पेपर लीक माफियाओं पर नकेल कसने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के कई अधिकारियों की बर्खास्तगी की जा रही है। सरकार और सीबीआई की इस संयुक्त और त्वरित कार्रवाई ने जंतर-मंतर पर डटे प्रदर्शनकारी छात्रों को यह संदेश देने की कोशिश की है कि देश की परीक्षा प्रणाली की शुचिता को बहाल करने के लिए हर संभव कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाए जा रहे हैं।
MP में फास्ट ट्रैक की तैयारी
सीएम डॉ मोहन यादव ने पीएम नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद शुक्रवार को एमपी में फास्ट ट्रैक बनाने की घोषणा कर दी है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के 4 बड़े महानगरों में स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट (Fast-Track Courts) स्थापित करने की बड़ी घोषणा की है।
इन 4 शहरों में खुलेंगे विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट
भोपाल (Bhopal)
इंदौर (Indore)
ग्वालियर (Gwalior)
जबलपुर (Jabalpur)
क्या होगा इन अदालतों का काम?
पेपर लीक मामलों पर नकेल: ये अदालतें मुख्य रूप से पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक से जुड़े गंभीर अपराधों की विशेष सुनवाई करेंगी।
युवाओं को त्वरित न्याय
परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों के मामलों की नियमित अदालतों में सालों-साल खिंचने वाली लंबी प्रक्रिया को खत्म कर, छात्रों और नौकरी के उम्मीदवारों (Job Aspirants) को तय समय सीमा के भीतर न्याय दिलाना इसका प्राथमिक उद्देश्य है।
शिक्षा और रोजगार सुरक्षा
युवाओं की शिक्षा और रोजगार से संबंधित विवादों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा ताकि उनका कीमती भविष्य बर्बाद न हो।
एमपी बना पहला राज्य
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने भी इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश और विशेष कोर्ट का क्षेत्राधिकार तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। देश में परीक्षा माफियाओं के खिलाफ राज्य स्तर पर इतनी तेजी से फास्ट ट्रैक अदालतें गठित करने वाला मध्य प्रदेश पहला राज्य बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक और युवाओं से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के आह्वान के ठीक एक दिन बाद, मध्य प्रदेश सरकार ने यह त्वरित कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने अपने पन्ना दौरे के दौरान इस ऐतिहासिक निर्णय का ऐलान किया।
युवाओं के नाम पीएम मोदी का लगातार दूसरा वीडियो संदेश
आभार और आश्वासनदेर रात पहला वीडियो: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर देर रात एक विशेष वीडियो संदेश जारी कर प्रदर्शन कर रहे युवाओं और उनके अभिभावकों को बड़ा भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर बेहद गंभीर है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर दंड
पीएम ने ऐलान किया कि उन्होंने संबंधित विभागों को इस मामले की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने के निर्देश दे दिए हैं। इसके साथ ही दोषियों को बेहद कठोर दंड देने के प्रावधानों वाला प्रस्ताव तैयार किया गया है।
कैबिनेट की बैठक में अंतिम मुहर
इस बिल के मसौदे को कैबिनेट बैठक में चर्चा के बाद अंतिम रूप दिया जा रहा है। संसद के आगामी सत्र में इस कड़े कानून से जुड़े बिल को जल्द से जल्द पास कराने की तैयारी है।
दूसरा आभार वीडियो
पीएम मोदी के इस पहले वीडियो को सोशल मीडिया पर मिलियन (लाखों) में देखा गया। युवाओं से मिले इसी भारी जुड़ाव, सुझाव और समर्थन को देखते हुए प्रधानमंत्री ने अगले ही दिन एक और वीडियो जारी कर देश के युवाओं का आभार जताया है।
एनटीए (NTA) पर गिरी गाज, कई बड़े अधिकारी बर्खास्त
अधिकारियों की छुट्टी: 
जंतर-मंतर पर मचे बवाल और बढ़ते राजनीतिक व सामाजिक दबाव के बीच आज नीट परीक्षा कराने वाली एजेंसी (NTA) के कई अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया है।
जवाबदेही तय:
 सरकार ने साफ संकेत दिया है कि परीक्षा प्रणाली के भीतर रहकर लापरवाही बरतने वाले या पेपर लीक माफिया की मदद करने वाले किसी भी आंतरिक अधिकारी को अपनी कुर्सी पर रहने का अधिकार नहीं है।
सीबीआई (CBI) जांच में तेजी:
 अब तक 14 आरोपी गिरफ्तार
केंद्रीय एजेंसी का शिकंजा: इस पूरे पेपर लीक और परीक्षा घोटाले की कमान संभाल रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच अब अंतिम दौर में है।
14 गिरफ्तारियां: 
देश के अलग-अलग राज्यों (जैसे बिहार, झारखंड, दिल्ली, हरियाणा) से कड़ियां जोड़ते हुए सीबीआई ने अब तक कुल 14 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें पेपर लीक कराने वाले मास्टरमाइंड, सॉल्वर गैंग के सदस्य और बिचौलिए शामिल हैं।
न्यायिक हिरासत बढ़ी
दिल्ली की अदालत ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों की जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें आगे की पूछताछ और कड़े ट्रायल के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।


















#mamakadhamakanews: सावधान! शिवपुरी की सड़कों और पार्कों में सादे कपड़ों में घूमेगी 'निर्भया', एसपी यांगचेन डोलकर भूटिया ने की 'ऑपरेशन मजनू' की शुरुआत

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* शिवपुरी में मनचलों की खैर नहीं: सिविल ड्रेस में तैनात 'निर्भया टीम' ने पार्क से हुड़दंगियों को दबोचा
shivpuri शिवपुरी। महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस अधीक्षक श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया के कड़े रुख के बाद शहर में मनचलों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू हो गया है। छात्राओं और महिलाओं से छेड़छाड़ करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए विशेष 'निर्भया टीम' को पूरी तरह एक्टिव कर दिया गया है।पुलिस अधीक्षक के निर्देशन तथा एएसपी श्री आर. डी. प्रजापति व सीएसपी श्री सचिन कुमार धुर्वे के मार्गदर्शन में महिला पुलिस कर्मियों को सिविल ड्रेस (सादे कपड़ों) में शहर के स्कूलों, कॉलेजों, प्रमुख बाजारों और पार्कों में तैनात किया गया है।
यह टीमें गुपचुप तरीके से महिलाओं पर फब्तियां कसने और अभद्र व्यवहार करने वाले आवारा तत्वों पर पैनी नजर रख रही हैं।इसी कड़ी में वीर सावरकर पार्क में सादे कपड़ों में तैनात निर्भया टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए पार्क में घूम रहे कुछ मनचलों को युवतियों के साथ अभद्र व्यवहार करते रंगे हाथों पकड़ा। महिला पुलिस कर्मियों ने तुरंत एक्शन लेते हुए थाना देहात की मोबाइल वैन को मौके पर बुलाया और हुड़दंगियों को गिरफ्तार करवाकर थाने भिजवाया, जहाँ उनके खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से सार्वजनिक स्थलों पर हड़कंप मच गया है।
















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