शिवपुरी। हैदराबाद की एक अभियुक्त महिला के द्वारा शिवपुरी निवासी जड़ी बूटी व्यवसाई दिवंगत राजकुमार जैन के माध्यम से वर्ष 2015 में जड़ीबूटी मंगाई गई थी और इसके एवज में चैक भी दिया गया लेकिन जब चैक बाउंस हो गया तो हैदराबाद निवासी महिला से उक्त राशि प्राप्त करने के लिए माननीय न्यायालय की शरण ली। जहां अधिवक्ता गजेन्द्र सिंह यादव के ठोस एवं तर्कों को आधार मानते हुए माननीय न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी शिवपुरी ने अभियुक्त अश्विनी गूती को 6 माह का सश्रम कारावास एवं 18 लाख 37 हजार 910 रूपये प्रतिकर के रूप में देने का आदेश पारित किया, इसके साथ ही यदि अभियुक्त के द्वारा उक्त राशि नहीं दी गई तो संबंधित अभियुक्त को एक माह का अतिरिक्त कारावास सजा भुगतनी होगी।
परिवाद के अनुसार अभियुक्त हैदराबाद निवासी महिला अश्विनी गूती पुत्री विजय गूती एवं पत्नि डॉ.सतीश गूती ने अपने व्यवसाय निसर्ग बायो साईंस डायरेक्टर निवासी हफसीगुड़ा हैदराबाद ने परिवादी महावीर जड़ीबूटी आयुर्वेद भवन शिवपुरी द्वारा प्रो. राजकुमार जैन निवासी खेड़ापति कॉलोनी से अपनी फर्म को क्रमांक 120/15-15 दिनांक 08.12.2015 का परर्चेज ऑर्डर भेजते हुए 10 हजार किलोग्राम गम (बीपीएस डब्ल्यूवायएसएसआरएम)की मांग की गई तथा उसके भुगतान के लिए 30 दिवस का एक चैक पीडीएस देना अंकित किया था, जिस पत्र के क्रम में परिवादी राजकुमार जैन के द्वारा बिल क्रं.252/दिनांक 14.12.2015 को 5 हजार 67 किलोग्राम कीमत 9 लाख 30 हलार 302 रूपये की ट्रांसपोर्ट के माध्यम से भेजी थी, जो उसे प्राप्त हो गई थी तथा उसके भुगतान के लिए आरोपी महिला अश्विनी गूती के द्वार एक चैक अपनी कंपनी स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद के खाते का बताकर दिया था। परिवादी राजकुमार जैन ने उक्त चैक की राशि प्राप्त करने हेतु चैक को अपने खाते में जमा किया तो संबंधित बैंक द्वारा ज्ञापन दिनांक 08.02.2016 राशि अपर्याप्त रिसीव के साथ संबंधित बैंक द्वारा बाउंस होकर वापस आ गया। उक्त चैक बाउंस होने की सूचना अपने अधिवक्ता के माध्यम से भेजी जो उसे प्राप्त हो गई थी। प्राप्त होने के पश्चात भी अभियुक्त अश्विनी गूती ने उक्त चैक राशि का भुगतान नहीं दिया जिस पर माननीय न्यायालय के समक्ष उक्त राशि प्राप्त करने हेतु परिवाद वर्ष 2016 में प्रस्तुत किया किन्तु अभियुक्त अश्विनी गूती वर्ष 2025 में परिवादी स्व.राजकुमार जैन की मृत्यु पश्चात उक्त प्रकरण में उपस्थित होकर जमानत कराई। परिवादी राजकुमार की मृत्यु उपरांत उनके वारिसान के रूप में उनकी पत्नि श्रीमती सुलोचना जैन पक्षकार बनने के उपरांत माननीय न्यायालय के समक्ष साक्ष्य दी गई तथा आरोपी की ओर से भी बचाव साक्ष्य के रूप में साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। उक्त साक्ष्य की विवेचना उपरांत एवं परिवादी की ओर से अधिवक्ता गजेन्द्र सिंह यादव के द्वारा प्रस्तुत किए गए ठोस आधार एवं न्याय दृष्टांत व तर्कों के आधार पर माननीय न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी शिवपुरी ने अभियुक्त अश्विनी गूती को 6 माह का सश्रम कारावास एवं 18 लाख 37 हजार 910 रूपये प्रतिकर के रूप में देने का आदेश पारित किया, इसके साथ ही यदि अभियुक्त के द्वारा उक्त राशि नहीं दी गई तो संबंधित अभियुक्त को एक माह का अतिरिक्त कारावास सजा भुगतनी होगी। उक्त प्रकरण में परिवादी की ओर से पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता गजेन्द्र सिंह यादव के साथ सहयोगी अधिवक्ता अशपाक खान, अजय शाक्य के द्वारा की गई।










































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