* लापरवाहों को तीन दिन का अल्टीमेटम, फिर होगी कार्रवाई
शिवपुरी। जिले के सरकारी स्कूलों में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार बच्चों के नामांकन, अपार आईडी जैसे महत्वपूर्ण कार्य को लेकर जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कड़े तेवर अख्तियार कर लिए हैं। शनिवार को शिवपुरी विकासखण्ड के करीब 350 स्कूल जिनमें प्राथमिक, माध्यमिक व हायर सेकेण्डरी स्कूल शामिल हैं,के प्रभारियों, जनशिक्षकों सहित जनशिक्षा केन्द्र प्रभारियों की मैराथन बैठक शहर के हैप्पीडेज स्कूल में डीईओ आकाश सिंह यादव व डीपीसी दफेदार सिंह सिकरवार ने ली। इस दौरान अधिकारियों नें स्कूलों में नामांकन व अपार आईडी की प्रगति को लेकर प्रभारियों से वन-टू-वन चर्चा की और जिन स्कूलों में प्रगति बेहद न्यून या संतोषप्रद नहीं थी उनको दो टूक शब्दों में हिदायद दी है कि या तो कार्य पूर्ण करें या कार्यवाही के लिए तैयार रहें। समीक्षा के दौरान अधिकारीद्वय ने शहर के मावि मदकपुरा, हरिजन बस्ती सईसपुरा एवं पीएमश्री घोसीपुरा स्कूल के प्रभारियों को नामांकन व अपार आईडी में प्रगति अपेक्षित न होने पर नाराजगी जताते हुए तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। इस अवधि में यदि कार्य नहीं हुआ तो संबंधितों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। इस समीक्षा बैठक में प्रमुख रूप से जिला शिक्षा केन्द्र के एपीसी उमेश करारे, मुकेश पाठक, शिवपुरी बीआरसीसी अतर सिंह राजौरिया, मौजूद रहे। नवपदस्थ बीआरसीसी अतर सिंह राजौरिया ने बैठक के प्रारंभ में विकासखण्ड के स्कूलों के नामांकन, अपार आईडी सहित अन्य कार्यों से जुड़े आंकड़े प्रस्तुत किए। वहीं बैठक का संचालन जन शिक्षक अरविंद सरैया ने किया जबकि तकनीकी सहयोग एमआईएस कोर्डिनेटर हेमंत खटीक ने दिया।
100 फीसदी कार्य पूर्ण करने पर मिली प्रशंसा और प्रशस्ति
अधिकारियों ने जहां नामांकन, अपार आईडी, ऑलम्पियार्ड, चाइल्ड ट्रेकिंग, ड्रॉप बॉक्स, असाक्षर पंजीयन जैसे कार्यों में लापरवाही बरतने वालों को फटकार लगाई तो वहीं बड़ी संख्या में ऐसे शाला प्रभारी भी थे जिन्होंने सभी क्षेत्रों में समय पर कार्य पूर्ण किया है। अधिकारियों ने न केवल उनकी प्रशंसा की, बल्कि उन्हें सम्मानित कर प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया, साथ ही अन्य प्रभारियों से भी कहा कि वे इसी तरह कार्य करें।
महत्वपूर्ण आदेशों की कॉपी उपलब्ध कराएं जनशिक्षक
बैठक को संबोधित करते हुए डीपीसी सिकरवार ने कहा कि जिला व प्रदेश स्तर से जारी होने वाले कुछ आदेश ऐसे हैं जिनकी हार्डकॉपी न हो तो भी डिजीटल कॉपी से कम चल सकता है, लेकिन कई आदेश महत्वपूर्ण अभियान, व्यापक मूल्यांकन आदि से जुड़े होते हैं जिनकी हार्ड कॉपी स्कूल में उपलब्ध होना चाहिए। उन्होंने जनशिक्षकों को ऐसे आदेशों की फोटो कॉपी शाला प्रभारियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं और भ्रमण के दौरान अधिकारी ऐसे देखेंगे कि आदेश उपलब्ध हैं या नहीं।
घंटी बजाइए, पालकों से करिए संपर्क
बैठक के दौरान डीपीसी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रतिदिन निर्धारित समय पर स्कूल की घंटी बजाई जाए जिससे सकारात्मक माहौल बनेगा। इसके अलावा शिक्षक चक्रिय क्रम में न केवल अभिभावकों से घर-घर जाकर संपर्क करेंगे, बल्कि बच्चों को नियमित व समय पर स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करेंगे और यह पूरा रिकॉर्ड पंजी में विधिवत संधारित किया जाएगा। उन्होंने बच्चों को प्रतिदिन होमवर्क, सुलेख, फेयर कॉपी संधारण, स्कूल परिसर में स्वच्छता, प्रिंटरिच वातावरण तैयार करने के भी निर्देश दिए। साथ ही हर माह के पहले शनिवार को एसएमसी बैठक आयोजित करने, प्रवेश पंजी में जन्मतिथि अनिवार्य रूप से शब्दों में भी अंकित करने की भी हिदायत दी।
















































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