शिवपुरी। शीत ऋतु की तेज सर्दी के चलते शिवपुरी जिले के सभी स्कूलों में 7 व 8 जनवरी की छुट्टी घोषित कर दी गई है। जिला शिक्षा अधिकारी विवेक श्रीवास्तव ने कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी के निर्देश पर अवकाश घोषित लिया लेकिन स्टाफ को जाना होगा।
* दो हफ्ते में 6300 किमी की यात्रा पर 5 राज्यों की यात्रा कर आध्यात्मिक, धार्मिक व पर्यटन महत्व को जाना
शिवपुरी। शिवपुरी शहर के 5 युवाओं का दल 2025 की समाप्ति पर 5 राज्यों के भ्रमण पर रवाना हुआ था जो 2026 में मंगलवार की शाम यात्रा पूर्ण कर शिवपुरी पहुंचा। इस
दौरान शहर में प्रवेश से पूर्व इन तीर्थयात्री युवाओं का स्वागत हुआ। दरअसल धार्मिक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक व पर्यटन की दृष्टि से भारत देश की विविधता को जानने, समझने और उसे जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ये युवा दल हर साल लंबी यात्रा कर सोशल
साइट के माध्यम से जानकारी प्रसारित करते हैं। इस बार युवाओं का यह दल तेलांगाना, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडू व कर्नाटक जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों के साथ-साथ महाराष्ट्र राज्य के भ्रमण पर था। इस दल में ब्लॉगर,
लेखक एवं शिक्षक नीरज सरैया, प्रख्यात कवि प्रदीप अवस्थी, शिक्षक संघ के अध्यक्ष स्नेह सिंह रघुवंशी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं शिक्षक बृजेन्द्र भार्गव कुल्लू एवं मनोज खत्री शामिल थे। इस दौरान इस दल ने दक्षिण
भारत के विभिन्न प्रमुख मंदिरों की स्थाप्य कला, पूजन पद्धति से लेकर यहां के धार्मिक एवं आध्यात्मिक व ऐतिहासिक महत्व को जाना। वहीं पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय लोगों की जीवन शैली, कृषि, व्यवसाय व परंपराओं को भी नजदीक से महसूस किया। दल ने शिव के धाम शिवपुरी से शिव के ही
धाम ज्योर्तिलिंग मल्लिकार्जुन, रामेश्वरम सहित महाराष्ट्र के बैरुल में स्थित घृष्णेश्वर महादेव के अलावा अरुणाचलेश्वर महादेव, श्रीलक्ष्मीनारायण गोल्डन टेम्पल, ईशा फाउण्डेशन द्वारा स्थापित आदियोगी स्टेच्यू,
विश्व के सबसे बड़े मंदिरों में शुमार रंगनाथम मंदिर, अर्धनारीश्वर मंदिर, मीनाक्षी मंदिर मदुरई सहित कन्याकुमारी में स्थित माता कन्याकुमारी मंदिर एवं स्वामी विवेकानंद की तपस्या स्थली का भ्रमण किया, साथ ही पर्यटन की दृष्टि से विश्वविख्यात केन्द्र शासित राज्य पोंडेचरी, हैदराबाद के चार मीनार सहित तीन समुद्रों के संगम का अवलोकन किया और शिवपुरी जिले सहित देश में सुख-समृद्धि की कामना के साथ शिवघोष किया। ये टीम जब शिवपुरी लौटी तो मित्रों ने आतिशबाजी, ढोल बजाकर पुष्पहारों से उनका स्वागत किया।
शिवपुरी। प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम 1857 के महान सेनानायक क्रांतिरत्न तात्या टोपे जी की 213वी जन्मजयंती के गर्वित अवसर पर आर्यावर्त सोशल फाउण्डेशन व नगरवासियों द्वारा उनके पवित्र समाधि स्थल पर दीपदान कर उनके महान जीवन चरित्र का पुण्य स्मरण किया। महानायक की
बलिदान गाथा पर चर्चा करते हुए वीर तात्या के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में उनके अद्वितीय योगदान व विलक्षण व्यक्तित्व के बारे में उपस्थित राष्ट्रप्रेमी नागरिकों से विचार साझा किए गए। फाउंडेशन के अध्यक्ष एडवोकेट नितिन भारद्वाज द्वारा वीर तात्या के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वीर तात्या स्वराज्य का उदघोष थे। तात्या
स्वाधीनता संग्राम के ऐसे नायक रहे जिन्होंने अदम्य साहस से अन्तिम क्षण तक राष्ट्र के शत्रुओं का सामना किया और वीरगति प्राप्त की। 1857 के महायुद्ध में उनकी भूमिका विलक्षण योजक व प्रखर सेनापति की रही। जहां क्रांति उत्कर्ष पर रही वहां तात्या उत्साह के साथ अंग्रेज़ों को पराजित करते रहे, वहीं जब क्रांति युद्ध आत्मरक्षा का युद्ध बन गया
तब भी तात्या रसद-पानी व सिपाहियों की कमी से जूझते हुए धैर्य के साथ क्रांति की लौ को अन्तिम समय तक जलाए रखे। वीर तात्या का जीवन साहस, अप्रतिम शौर्य, पराक्रम, वीरता व बलिदान की गौरव गाथा है हम सभी उनके इन गुणों को धारण कर राष्ट्र की सुरक्षा व विकास में सदा अपना सर्वश्रेष्ठ दें यही सच्चे अर्थों में देश सेवा होगी।
इस अवसर पर नगर पालिका स्वास्थ्य अधिकारी योगेश शर्मा, एडवोकेट वरुण पाठक, संचित श्रीवास्तव, प्रदीप शर्मा लव शर्मा, नीतेश झा, प्रदीप पाराशरओम उत्थानं ग्रुप से योगेंद्र व्यास, अनिल सिंह गौर, भानु समाधिया, नगर पालिका से राजू बाथम ( सहायक पार्क प्रभारी ), पंकज बाथम, अभिलेख गोस्वामी, विरखु कुशवाह, भुजजा मांझी, परमू कुशवाह, आर्यावर्त सोशल फाउंडेशन के सदस्य व नगरवासी उपस्थित रहे।
शिवपुरी। #सिंधिया परिवार की तीसरी पीढ़ी अपना स्वयं का दर्द भूलकर जनता के बीच पहुँची....MPCA के प्रेसिडेंट Mahanaaryaman Rao Scindia कार में लगी चोट से पसली में हुए दर्द के बाबजूद जनता के बीच पहुँचे....जब दर्द असहनीय हुआ तब अस्पताल में दिखाने आये ये बात वायरल video ने साबित कर दी है। बेहद सहज, सरल और अपने दादा, पिता की शैली पर चलने की कोशिश कर रहे युवराज महाआर्यमन सिंधिया ने जनता से मिले अभूतपूर्व प्यार के लिए अपना दर्द तकभुला दिया, उन्हें याद ही नहीं रहा कि उन्हें चोट लगी है और दर्द हो रहा है। शायद यही कारण रहा कि वे अपने हाथ पसलियों तक ले जाते रहे लेकिन उफ तक नहीं कीजब शाम को ज्यादा दर्द हुआ तो जिला अस्पताल पहुंचे जहां परीक्षण के बाद आराम करने की सलाह पर उन्हें गुना, अशोकनगर का दौरा बीच में छोड़ना पड़ा। आज मंगलवार को उन्हें अपोलो हॉस्पिटल ग्वालियर में भी चेकअप के लिए ले जाना पड़ा। बता दें कि युवराज महाआर्यमन सिंधिया का न सिर्फ शिवपुरी बल्कि कोलारस, पिछोर में भी ऐतिहासिक स्वागत किया गया। शहर के शिवपुरी पब्लिक स्कूल में युवराज महाआर्यमन सिंधिया ने युवाओं से संवाद में कहा कि दादा जी, पिताजी की तरह वे भी जनसेवा के पथ पर चलेंगे। यानि कि साफ है कि सिंधिया परिवार जनसेवा के लिए राजनीति करता है न कि सिर्फ राजनीति और इसीलिए वह गुना, शिवपुरी, अशोकनगर ही नहीं अंचल को परिवार कहते नहीं थकते।
जनता के नाम युवराज महाआर्यमन का संदेश
आप सभी की चिंता, दुआओं और शुभकामनाओं के लिए दिल से धन्यवाद।
ईश्वर की कृपा से मैं ठीक एवं सकुशल हूँ और डॉक्टरों की सलाह पर कुछ समय आराम कर रहा हूँ।
इस समय मिले आप सभी के स्नेह, संवेदना और आशीर्वाद के लिए मैं हृदय से आभारी हूँ।
ईर्ष्यालु, प्रतिद्वंदी पासंग में नहीं
सिंधिया राजघराने ने पूरे संभाग को अनेक सौगात दी हैं। लाखों, करोड़ों की सौगातें उनकी बदौलत ही मिली है लेकिन जब सांसद से कोई नपाध्यक्ष या विधायक के स्तर वाले कार्यों की अपेक्षा करता है तो हंसी आती है। लोगों की ध्यान रखना चाहिए कि उन्होंने स्वाद बदलकर शर्मिंदगी झेली है, जिसे जिताकर लाए थे उसने एक रेल का डिब्बा तक अंचल को नहीं दिया था। तब लोगों ने उनसे उद्योग क्यों नहीं मांगे ? राजनीति के जानकार यहां तक कहते हैं कि शिवपुरी के युवा प्रतिभाशाली होकर देश ही नहीं वरन विदेश तक उच्च पदों पर सेवारत हैं उन्हें पलायन की सूची में लाना गलत है। रही बात उद्योग की तो माधव टाइगर रिजर्व लाख विरोध के बाद जल्द एक बड़ा पर्यटन उद्योग बनकर उभरेगा और तब पन्ना, रणथंभोर, कार्बेट की तरह देश विदेश के पर्यटक शिवपुरी आएंगे।