मुख्य हाइलाइट्स की मुख्य सुर्खियां (Headings)
* कारीगरों का मास्टरस्ट्रोक: पिछले साल की गड़बड़ी से लिया सबक, इस बार खड़ा किया 81 फीट का 'हृष्ट-पुष्ट' रावण
*हाई-टेक कुंभकरण: इंदौर के विशेष अनारों का कमाल, तीर लगते ही गोल-गोल चकराएगा 80 फीट के कुंभकरण का सिर
*बुराई की 'ब्रांडेड' विदाई: एक अनोखा प्रयोग, रावण और कुंभकरण को पहनाए जाएंगे 4 फीट के 'Adidas' और 'Nike' के जूते
*धमाकेदार जुगलबंदी: कानपुर की आतिशबाजी के बीच पुतलों पर घूमेगी झांसी की मशहूर 'चकरी ठुंडी'
*त्रिकोणीय मुकाबला: शिवपुरी के तीन मैदानों में गूंजेंगे युद्ध प्रसंग, शाम 7:45 से शुरू होगा पुतला दहन
75 साल का गौरवशाली इतिहास: मटका फोड़ परंपरा से शुरू हुआ पंजाबी समाज का सफर आज भी आपसी भाईचारे के साथ बरकरार
मुख्य आकर्षण (Highlights) जिन्हें जानना बेहद जरूरी है:
81 फीट का 'फिट' रावण: पिछले साल (2025) पुतले को खड़ा करने में आई दिक्कतों से सबक लेते हुए, इस बार कारीगरों ने एक बेहद मजबूत, डील-डौल वाला और 'हृष्ट-पुष्ट' रावण तैयार किया है ताकि यह बिल्कुल बेडौल न दिखे।
*इंदौर के अनार और चकराता सिर: पहली बार 80 फीट का कुंभकरण बनाया गया है, जिसके सिर में इंदौर से मंगाए गए विशेष 'अनार' लगाए गए हैं। जैसे ही भगवान राम का तीर उसके सिर पर लगेगा, कुंभकरण का सिर गोल-गोल चकराता हुआ नजर आएगा!
*एडिडास और नाइकी के जूते: एक अनोखे प्रयोग के तहत, बुराई के प्रतीक रावण और कुंभकरण को चार फीट के जूते पहनाए जाएंगे, जिन पर प्रसिद्ध ब्रांड 'Adidas' और 'Nike' के लोगो (Marking) होंगे।
*झांसी की चकरी ठुंडी और कानपुर की आतिशबाजी: मानव वेलफेयर सोसाइटी के आयोजन में रावण और कुंभकरण के पुतलों की ठुंडी (chin) पर झांसी की मशहूर चकरी घूमेगी और कानपुर के विशेष पटाखों की अद्भुत आतिशबाजी देखने को मिलेगी।
*75 साल पुरानी 'मटका फोड़' परंपरा: पंजाबी समाज पिछले 75 वर्षों से सिद्धेश्वर मेला ग्राउंड में रावण दहन कर रहा है। इसकी शुरुआत आपसी सद्भाव बढ़ाने के लिए हुई थी, जहां कभी घास-फूस के रावण में मटकी को उल्टा लटकाकर दहन की शुरुआत की गई थी।
मंच पर दिखेगा असली रोमांच
इस बार दशहरे के पर्व को और भी भव्य बनाने के लिए बाहर से आए विशेष कलाकार सिद्धेश्वर मेला ग्राउंड सहित शहर के विभिन्न चौराहों (न्यू ब्लॉक चौराहा, माधव चौक आदि) पर रामायण के युद्ध प्रसंगों का सजीव मंचन करेंगे। न्यू ब्लॉक पर कुंभकरण वध, माधव चौक पर मेघनाथ वध और मेला ग्राउंड पर मुख्य रावण वध का रोमांचक दृश्य देखने को मिलेगा।
टाइम-टेबल: कहाँ और कब होगा महा-दहन?
शहर में इस बार तीन प्रमुख स्थानों पर रावण दहन और भव्य युद्ध प्रसंगों का जीवंत मंचन होगा:
* सिद्धेश्वर मेला ग्राउंड (पंजाबी समाज):
समय: 20 अक्टूबर को शाम 7:45 बजे।खासियत: यहाँ 45 फीट के रावण का दहन होगा। इससे पहले शाम 4:00 बजे आनंदपुर जल मंदिर कुटिया से एक भव्य जुलूस (चल समारोह) निकलेगा जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए शाम 6:45 बजे मेला ग्राउंड पहुंचेगा।
*नरसिंह उत्सव समिति (काली माता मंदिर के पास): समय: 20 अक्टूबर को रात 7:45 बजे भव्य रावण दहन किया जाएगा।
*गांधी पार्क मैदान (मानव वेलफेयर सोसाइटी): समय: 20 अक्टूबर को रात 8:00 बजे। खासियत: यहाँ आपको एडिडास-नाइकी के जूतों वाले पुतले और सिर चकराने वाला नजारा दिखेगा।

















































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