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#धमाका_न्यूज: शिवपुरी में डांस कॉम्पटीशन का ग्रैंड फिनाले संपन्न, बॉलीवुड अभिनेता कपिल सिंह लालवानी और मिस तेलंगाना आयुषी ढेंगुला रहे मौजूद

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* शहर में गूंजी घुंघरू की झंकार, 'नीतू फैंसी ज्वेलर्स' द्वारा आयोजित भव्य डांस कॉम्पटीशन का ग्रैंड फिनाले संपन्न, बॉलीवुड अभिनेता कपिल सिंह लालवानी और मिस तेलंगाना आयुषी ढेंगुला रहे मौजूद
शिवपुरी। शहर के होटल नक्षत्र रिसोर्ट एवं गार्डन में गुरुवार को एक बेहद भव्य और यादगार डांस कॉम्पटीशन के ग्रैंड फिनाले का आयोजन किया गया। 'नीतू फैंसी ज्वेलर्स' की संचालक आरती जैन 'नीतू' द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में कला और उत्साह का अनोखा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में सेलिब्रिटी गेस्ट के रूप में बॉलीवुड अभिनेता कपिल सिंह लालवानी ने शिरकत की, जबकि सुपर जज के रूप में मिस तेलंगाना 2025 आयुषी ढेंगुला एवं प्रसिद्ध मॉडल व डांसर राहुल व्यास उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महिपाल अरोरा एवं गेस्ट ऑफ ऑनर दीपेश अग्रवाल रहे।
प्रतियोगिता में सभी आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सीनियर कैटेगरी में 'अरे द्वारपालो' भजन पर मनमोहक प्रस्तुति देने वाले कुलदीप रावत ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि वैष्णवी रजक दूसरे और शिवम गुप्ता तीसरे स्थान पर रहे। जूनियर कैटेगरी में भगवान राम पर



आधारित धार्मिक प्रस्तुति के साथ अनमोल भार्गव ने पहला स्थान हासिल किया। गुना से आईं राशि गुप्ता ने 'विजयी भवा' गाने पर नारी शक्ति को दर्शाते हुए दूसरा और बीनागंज की जैनिशा जैन ने भी नारी शक्ति पर शानदार प्रस्तुति देकर तीसरा स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा जूनियर कैटेगरी में आरुषि गुप्ता (क्लासिकल डांस), काव्या तिवारी और रौनक सोनी को स्पेशल प्राइज से नवाजा गया। सभी प्रतिभागियों को गिफ्ट और सर्टिफिकेट देकर उनका हौसला बढ़ाया गया।
इस अवसर पर 'बैटलग्राउंड्स सीजन 2' की रनर अप मुस्कान शेख और सर्वाइकल डॉक्टर भरत अग्रवाल (नारियल वाले) को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में अनेक लोगों का सहयोग रहा।














#धमाका_न्यूज: जनसुनवाई में मिली शिकायत, कलेक्टर अर्पित ने किया निरीक्षण, मिली कमियां तो हॉस्टल अधीक्षिक प्रीति सूर्येश को हटाकर फतेहपुर की अनीता तिग्गा को थमाया चार्ज

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​शिवपुरी। जिला कलेक्टर अर्पित वर्मा जनसुनवाई को कितनी संजीदगी से हैंडिल कर रहे हैं इसकी नजीर तब देखने को मिली जब शिवपुरी के शासकीय अनुसूचित जाति कन्या पोस्ट मैट्रिक छात्रावास की छात्राओं से मिली शिकायत के बाद कलेक्टर छात्रावास जा पहुंचे। उन्होंने अव्यवस्थाओं को देखा तो अधीक्षक को तत्काल हटा दिया। बकौल छात्राओं खाने में कीड़े, गंदा पानी पीने मिलता था शिकायत पर हॉस्टल अधीक्षिका प्रीति सूर्येश धमकी देती थी। कलेक्टर ने अधीक्षिका को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है। छात्राओं ने 9 जून को जनसुनवाई में पहुंचकर कलेक्टर से शिकायत की थी। इसके बाद भी जब बात नहीं बनी, तो 11 जून को लड़कियां फिर कलेक्ट्रेट जा पहुंचीं। छात्राओं का आरोप था कि हॉस्टल में उन्हें जानवरों से बदतर खाना दिया जा रहा है, दाल और सब्जी में कीड़े मिल रहे हैं, पीने के पानी की किल्लत है, शौचालय टूटे पड़े हैं और साफ-सफाई का नामोनिशान नहीं है। हद तो तब हो गई जब शिकायत करने पर अधीक्षिका प्रीति सूर्येश द्वारा छात्राओं को करियर बर्बाद करने की धमकियां दी जाने लगीं।
​जांच रिपोर्ट आते ही एक्शन, कोटा भेजी गईं मैडम
​मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर एक स्पेशल जांच दल का गठन किया गया था। जांच टीम जब हॉस्टल पहुंची तो वहां के हालात देखकर दंग रह गई। रिपोर्ट में अधीक्षिका की घोर लापरवाही और पदीय कर्तव्यों के उल्लंघन की पुष्टि हुई।
​जिला संयोजक, जनजातीय कार्य विभाग द्वारा जारी कड़क आदेश के तहत प्रीति सूर्येश को तत्काल प्रभाव से हॉस्टल के प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। सजा के तौर पर उन्हें अब शासकीय अनुसूचित जनजाति बालक आश्रम शाला 'कोटा' में सिर्फ शिक्षकीय कार्य के लिए अटैच कर दिया गया है।
​अनीता तिग्गा को मिली नई जिम्मेदारी
​हॉस्टल की व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने के लिए प्रशासन ने नया दांव खेला है। अब इस कन्या पोस्ट मैट्रिक छात्रावास की नई कमान शासकीय अनुसूचित जाति कन्या सीनियर छात्रावास फतेहपुर में पदस्थ प्राथमिक शिक्षिका अनीता तिग्गा को सौंपी गई है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।














#धमाका_खास_खबर: MP में 'एक देश, एक कानून' की दस्तक, लॉन्च हुआ UCC पोर्टल, आखिर क्या है समान नागरिक संहिता?, शादी, तलाक और संपत्ति के बदलेंगे नियम! मध्य प्रदेश में UCC पोर्टल लाइव, 12 सवालों पर मांगी जनता की राय

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भोपाल/शिवपुरी। मध्य प्रदेश सरकार उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद समान नागरिक संहिता लागू करने की तैयारी में तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी के चलते मध्य प्रदेश सरकार ने शनिवार को राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जनता से सुझाव मांगने के लिए आधिकारिक पोर्टल ucc.mp.gov.in लॉन्च कर दिया है। 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर इस पोर्टल के जरिए अब आम नागरिक, सामाजिक संगठन, और प्रतिनिधि 22 जून 2026 तक अपने ऑनलाइन सुझाव और विचार दर्ज करा सकते हैं। सरकार का उद्देश्य इस कानून को सर्वसमावेशी और जन-उन्मुखी बनाना है।
पोर्टल पर सुझाव की प्रक्रिया
कोई भी नागरिक UCC मध्य प्रदेश पोर्टल पर जाकर अपना नाम, धर्म, जिला और मोबाइल नंबर दर्ज कर ऑनलाइन फॉर्म भर सकता है। पोर्टल पर दिए गए 12 प्रमुख प्रश्नों के उत्तर 'हाँ' या 'ना' में देने होते हैं, जिसके बाद OTP सत्यापन से सुझाव दर्ज हो जाता है।
हाई-लेवल कमेटी का गठन
सरकार ने अप्रैल में सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई के नेतृत्व में 6 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा कर सभी धर्मों के लोगों से राय ले रही है।
ग्रामीण स्तर पर जागरूकता:
 सीएम डॉ. मोहन यादव ने सभी जिला कलेक्टर्स को विशेष ग्राम सभाएं आयोजित करने और पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं ताकि समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
आखिर क्या है समान नागरिक संहिता (UCC)? जान lijiye
समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) का अर्थ है भारत (या राज्य) में रहने वाले प्रत्येक नागरिक के लिए एक समान कानून होना, चाहे वह किसी भी धर्म, जाति या समुदाय से संबंध रखता हो।
*वर्तमान में, भारत के अलग-अलग धर्मों के लोग शादी, तलाक, संपत्ति, और गोद लेने जैसे मामलों के लिए अपने-अपने पर्सनल लॉ (जैसे- हिंदू पर्सनल लॉ, मुस्लिम पर्सनल लॉ) का पालन करते हैं। UCC लागू होने से सभी धार्मिक पर्सनल लॉ समाप्त हो जाएंगे और सभी नागरिकों पर एक ही सिविल कानून लागू होगा।
*भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 (राज्य के नीति निर्देशक तत्व) में देश में समान नागरिक संहिता लागू करने की बात कही गई है।
UCC लागू होने से क्या बदल जाएगा?यदि मध्य प्रदेश में यूसीसी लागू होता है, तो मुख्य रूप से निम्नलिखित नागरिक मामलों में बड़े बदलाव आएंगे:
* शादी और तलाक का एक नियम
सभी धर्मों में विवाह और तलाक (विवाह विच्छेद) की प्रक्रिया समान हो जाएगी।
* शादी का अनिवार्य पंजीकरण:
 हर विवाह का कानूनी तौर पर रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक होगा।
* बहुविवाह पर रोक
किसी भी धर्म के नागरिक को एक से अधिक जीवनसाथी रखने की अनुमति नहीं होगी।
* संपत्ति में समान अधिकार:
 पिता की संपत्ति और विरासत पर बेटे और बेटी दोनों का समान अधिकार होगा।
* बच्चा गोद लेने (दत्तक ग्रहण) के नियम: सभी नागरिकों के लिए बच्चा गोद लेने और भरण-पोषण से जुड़े कानून एक समान होंगे।
* लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण: उत्तराखंड मॉडल की तरह, लिव-इन में रहने वाले जोड़ों के लिए भी रजिस्ट्रेशन और नियमों का प्रावधान किया जा सकता है।
अब जानिए इसके समर्थन और विरोध में क्या तर्क हैं?
पक्ष (समर्थक)
लैंगिक समानता: महिलाओं और बेटियों को पैतृक संपत्ति व तलाक में बराबर के अधिकार मिलेंगे।
विपक्ष (विरोधी)
धार्मिक स्वतंत्रता: आलोचकों का मानना है कि यह विभिन्न समुदायों के धार्मिक व पारंपरिक कानूनों में हस्तक्षेप है।
पक्ष
*कानूनी सरलता: देश के जटिल और अलग-अलग पर्सनल लॉ की जगह एक सरल, पारदर्शी कानून होगा।
विपक्ष
विविधता को खतरा: कुछ जनजातीय और सांस्कृतिक समूहों को डर है कि इससे उनकी विशेष रीति-रिवाज प्रभावित हो सकते हैं।
पक्ष
राष्ट्रीय एकता: सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होने से सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलेगा।
विपक्ष
आम सहमति का अभाव: विरोधियों का तर्क है कि इसे बिना व्यापक आम सहमति के जल्दबाजी में लागू नहीं किया जाना चाहिए।
ये बोली सरकार
मध्य प्रदेश सरकार का कहना है कि वे सभी वर्गों के हितों और रीति-रिवाजों को ध्यान में रखकर, प्राप्त सुझावों के आधार पर ही संतुलित और व्यावहारिक ड्राफ्ट तैयार करेंगे।
यदि आप इस कानून के निर्माण में अपना मत देना चाहते हैं, तो आप सीधे MP UCC Portal पर जाकर अपना सुझाव सबमिट कर सकते हैं।
शिवपुरी कलेक्टर अर्पित वर्मा की भी सुनिए
'समान नागरिक संहिता' पर नागरिकों से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। जिसके लिए https://ucc.mp.gov.in पर आप सुझाव दे सकते हैं।
आज मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से इस पर चर्चा की और निर्देश दिए हैं। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री Arpit Verma IAS एनआईसी से वीडियो कांफ्रेंस में शामिल हुए।
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर जन सुझाव आमंत्रित, 22 जून तक दे सकेंगे नागरिक अपने सुझाव
 मध्यप्रदेश शासन द्वारा समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के संबंध में जन परामर्श एवं सुझाव प्राप्त करने हेतु विशेष पोर्टल प्रारंभ किया गया है। इस पहल का उद्देश्य प्रदेश के नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए उनके सुझाव एवं मत प्राप्त करना है। आमजन 22 जून 2026 तक यूसीसी पोर्टल पर अपने सुझाव एवं अभिमत दर्ज करा सकते हैं। नागरिक ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपने विचार साझा कर सकते हैं, जिससे जनभावनाओं एवं सुझावों को व्यापक रूप से संकलित किया जा सके।
नागरिक https://ucc.mp.gov.in पोर्टल पर जाकर अथवा उपलब्ध कराए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर अपने सुझाव दर्ज कर सकते हैं।
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा ने आज समस्त एसडीएम के साथ भी इस संबंध में बैठक की। उन्होंने समान नागरिक संहिता पर सक्रिय रूप से अपने विचार एवं सुझाव साझा करने की अपील की है।
 जनसहभागिता से प्राप्त सुझाव प्रदेश के समावेशी एवं प्रभावी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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