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#mamakadhamakanews : आनंद मार्ग सेमिनार, "आत्मानुभूति से जीव और ब्रह्म का भेद मिट जाता है"

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शिवपुरी 18 जुलाई। आनंद मार्ग प्रचारक संघ शिवपुरी द्वारा आयोजित त्री दिवसीय योग साधना शिविर के द्वितीय दिवस का विषय "भक्ति रूप सेतु" की व्याख्या करते हुए आचार्य गंभीरानंद अवधूत ने कहा कि
भक्ति रूपी सेतु में भक्ति वह माध्यम है जो जीवात्मा को परमात्मा से जोड़ता है।
ज्ञान और कर्म इस मार्ग की तैयारी हैं—ज्ञान वस्तु का सूक्ष्म विश्लेषण और समझ पैदा करता है।कर्म उस समझ के अनुसार आचरण।
जब साधक इन दोनों के सहारे आगे बढ़ता है, तब भक्ति उत्पन्न होती है और वही उसे “भवसागर” से पार कराती है। भक्ति का उद्देश्य द्वैत मिटाकर जीव और शिव की एकता का अनुभव कराना है।
भक्ति साधना नहीं, अनुभूति है
 भक्ति स्वयं साधना नहीं बल्कि साधना का परिणाम है।
ज्ञान और कर्म के द्वारा साधक ऐसी अवस्था तक पहुँचता है जहाँ: आनंद की अनुभूति होती है,
मन भाव-विभोर हो जाता है,भक्त गाने, हँसने और नृत्य करने लगता है,अंततः समाधि की अवस्था प्राप्त होती है।यह अनुभव केवल पढ़ने से नहीं, बल्कि स्वयं अनुभूति से प्राप्त होता है — जैसे आम का स्वाद केवल देखकर नहीं जाना जा सकता।परमब्रह्म सर्वव्यापी है
परमब्रह्म को सर्वज्ञ और सर्वव्यापक बताया गया है।
वह प्रत्येक वस्तु, प्रत्येक कण और प्रत्येक जीव में विद्यमान है।
प्रकृति के तीनों गुण — सत्व, रज और तम — उसी के अंतर्गत हैं।
संसार की कोई भी जगह ऐसी नहीं जहाँ वह न हो।जब साधक भक्ति में गहराई तक उतरता है तब उसे इस सर्वव्यापक सत्ता का अनुभव होने लगता है।
 विश्व क्या है?विश्व को “भवानी शक्ति” की अभिव्यक्ति कहा गया है।अर्थात यह सारा जगत परम चेतना की अभिव्यक्ति है।
ब्रह्म एक ही है,सभी जीव उसी के अंश हैं,पापी और पुण्यात्मा दोनों उसी परम सत्ता की संतान हैं।
सामान्य मनुष्य संसार को “विषय” मानकर देखता है, पर आध्यात्मिक अनुभव में साधक समझता है कि:
वह केवल देखने वाला नहीं,
बल्कि परम चेतना का ही अंश है।
यह अवस्था समाधि और आत्मबोध की ओर ले जाती है जहाँ जीव और ब्रह्म में भेद समाप्त हो जाता है।
मन के चार धाम
मन की चार अवस्थाएँ बताई गई हैं:
चेतन मन
अवचेतन मन
अचेतन मन
तुरीय अवस्था (निरालम्ब अवस्था)
पहली तीन अवस्थाओं में मन सीमित रहता है, जबकि तुरीय अवस्था में मौलिक सृष्टि और परम अनुभूति संभव होती है।
 सदाशिव और कुंडलिनी
सदाशिव को निरंतर चेतन अवस्था में स्थित बताया गया है।
तंत्र साधना और कुंडलिनी जागरण के माध्यम से मनुष्य उच्च चेतना तक पहुँच सकता है।
“सहस्रार” से निकलने वाली दिव्य ऊर्जा पूरे शरीर और मन को प्रभावित करती है और आनंदमयी समाधि की स्थिति उत्पन्न करती है।
 शिव का वास्तविक अर्थ
शिव को केवल देवता नहीं बल्कि:
आदि चेतना,अनंत प्रकाश,
और परम आनंद का स्वरूप बताया गया है।
जब साधक आत्मानुभूति करता है तब उसे अनुभव होता है:
“शिवोऽहम्” — मैं ही शिव हूँ।
यह अनुभव भक्ति, ज्ञान और कर्म — तीनों के समन्वय से प्राप्त होता है, किन्तु अंततः भक्ति सबसे श्रेष्ठ सेतु मानी गई है।
भक्ति जीव और शिव के बीच का पुल है।
ज्ञान और कर्म भक्ति तक पहुँचने के साधन हैं।
परमात्मा सर्वत्र विद्यमान है।
आत्मानुभूति से जीव और ब्रह्म का भेद मिट जाता है।
अंतिम सत्य आनंद, प्रेम और एकत्व का अनुभव है। सेमिनार में दूसरे दिवस प्रातः है सभी भक्तगणों ने पाञ्चन्य  किया एवं नगर कीर्तन प्रभात फेरी निकल गई। इस अवसर पर आनंद मार्ग के केंद्र से पधारे आचार्य राग नुगानंद अवधूत द्वारा शिक्षा भारती बाल निकेतन हायर सेकेंडरी स्कूल में विद्यार्थियों को नैतिक शिक्षा और योग साधना का प्रशिक्षण दिया गया।
















#mamakadhamakanews: अंतरराष्ट्रीय शतरंज दिवस 20 को, ₹11,000 की इनामी शतरंज प्रतियोगिता 19 को

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shivpuri शिवपुरी। अंतरराष्ट्रीय शतरंज दिवस के अवसर पर आर. के. मेमोरियल  चेस एकेडमी, शिवपुरी के तत्वाधान में सेकंड ओपन लिटिल चैंप्स चेस प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। आयोजन सचिव श्री पवन वशिष्ठ और जिला खेल, युवा कल्याण अधिकारी एवं टूर्नामेंट डायरेक्टर डॉ. के. के. खरे ने बताया कि  यह प्रतियोगिता  स्वीस पद्धति आधारित 6 चक्रों में संपन्न की जाएगी। टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए आयु-21 रखी गई है। प्रथम तीन खिलाड़ियों को कैश प्राइज और ट्रॉफी, चौथे और पांचवे को कैश प्राइज प्रदान की जाएगी। इसके अलावा  अलग-अलग कैटेगरी में जैसे वेस्ट गर्ल्स ,अंडर-17,अंडर-14,अंडर-11 ,अंडर-8, फिजिकल चैलेंज को कैश प्राइज और ट्रॉफी से सम्मानित किया जाएगा‌।चीफ आर्बिटर मुख्य भूमिका श्री अनेकांत जैन संभालेंगे। सभी खिलाड़ियों को प्रशस्ति पत्र प्रमाण पत्र और वितरित किए जाएंगे। आयोजन स्थल श्रीमंत माधवराव सिंधिया स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स शिवपुरी रहेगा। टूर्नामेंट में भाग लेने हेतु रजिस्ट्रेशन करवाने की अंतिम तिथि 18 जुलाई शाम 5:00 बजे रहेगी। और अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए हुए नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:- 8770141032 , 9039234605.

















#mamakadhamakanews: नन्हे मुन्ने बच्चों ने देखा बदलता शिवपुरी: दून जूनियर स्कूल के बच्चों का रेलवे स्टेशन टूर

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​शिवपुरी। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत स्थानीय रेलवे स्टेशन के कायाकल्प के बाद इसकी खूबसूरती का दीदार करने दून जूनियर स्कूल के नन्हे-मुन्ने बच्चे पहुँचे।
स्टेशन की नई भव्यता, रंग-बिरंगी कलाकृतियों और उत्कृष्ट नक्काशी को देखकर बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
​शैक्षणिक भ्रमण (टूर) के तहत आयोजित इस विजिट में स्कूल के नर्सरी से लेकर यूकेजी (UKG) तक के छोटे
बच्चों ने हिस्सा लिया। स्टेशन परिसर में कदम रखते ही आधुनिक सुख-सुविधाओं और दीवारों पर उकेरी गई सुंदर कलाकृतियों ने बच्चों का मन मोह लिया। भ्रमण के दौरान स्टेशन पर मौजूद रेलवे स्टाफ ने भी बड़े ही उत्साह के साथ नन्हे-मुन्नों को वहां उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं की जानकारी दी। बच्चों की मासूम जिज्ञासा और उनका भारी उत्साह देखकर रेलवे का स्टाफ भी काफी रोमांचित रहा और उन्होंने बच्चों का गर्मजोशी से स्वागत किया।
​इस दौरान बच्चों के चेहरे की खुशी और कौतूहल देखते ही बन रहा था। स्कूल प्रबंधन के अनुसार, इस तरह के व्यावहारिक दौरों से बच्चों का ज्ञानवर्धन होता है। भ्रमण के दौरान बच्चों की सुरक्षा और मार्गदर्शन के लिए दून जूनियर स्कूल का पूरा स्टाफ और शिक्षक भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
















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