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#धमाका_न्यूज: सुरमई संगीत परिवार का गठन, सुकून शिवपुरी बने अध्यक्ष, धर्मेन्द्र साहू सचिव

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शिवपुरी। शहर के सभी गायक कलाकारों को एक बैनर तले लाने और उभरते हुए युवा गायक कलाकारों को उचित मंच प्रदान करने के उद्देश्य को ले कर सुरमई संगीत परिवार शिवपुरी का गठन किया गया, जिसमें सर्व सम्मति से शहर के जाने माने कवि व शायर पं सुकून शिवपुरी को जिलाध्यक्ष और उभरते हुए बेहतरीन गायक धर्मेन्द्र साहू को ज़िला सचिव बनाया गया। अन्य पदाधिकारियों में सेवा निवृत्त ऐग्ज्यूकीटिव इंजीनियर सी0 पी0 वर्मा-उपाध्यक्ष, नीतेश शर्मा-सह सचिव, पंकज श्रीवास्तव-कोषाध्यक्ष,  पत्रकार मणिका शर्मा-मीडिया प्रभारी, पत्रकार आरती जैन-प्रचार सचिव और जहांगीर ख़ान, संगीता श्रीवास्तव, प्रियंका मिश्रा व चंद्रकला साहू को कार्यकारिणी सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया।
सुरमई संगीत परिवार का प्रथम कार्यक्रम गांधी सेवाश्रम शिवपुरी में परिवार के संरक्षक श्री प्रकाश जी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ, जिन्होंने परिवार की ओर से सभी गायक कलाकारों का माल्यार्पण कर हार्दिक स्वागत किया। इसके बाद शहर के लगभग सभी गायक कलाकारों ने श्रोताओं को एक से एक बढ़ कर बेहतरीन गीत सुनाए और देर रात तक कार्यक्रम चलता रहा । 
कार्यक्रम में उक्त गायकों के अलावा अभिषेक समाधिया, पत्रकार ज़क़ी ख़ान, पत्रकार राम यादव,  फ़ोटोग्राफ़र समर अली, नारायण राठौर, किशन सिंह राणावत, नीरज राणावत, त्रिलोचन जोशी, विजय भार्गव, ब्रजेश अग्निहोत्री, गिरीश मिश्रा मामा, भरत सेन, कुणाल सक्सेना, श्रद्धा रेवाड़ीकर, विष्णु बाथम, हरीश श्रीवास्तव, शिवम दुबे, कु0 श्रेष्ठा साहू व कमलेश गुप्ता ने भी लाजवाब नग़मे सुनाए। कार्यक्रम का संचालन गायक ज़ाहिद अली ने किया। अंत में सुकून शिवपुरी ने सभी का आभार व्यक्त किया।











#धमाका_बड़ी_खबर: शहर में आर्मी और पुलिस भर्ती जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाने वाले ट्रेनर मोनू रजक को पुलिस प्रताड़ना दिए जाने के आरोप लगाते हुए सैकड़ों लोग सड़क पर उतरे, सीएसपी धुर्वे ने कहा, जांच के बाद ही कुछ कह पाएंगे

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शिवपुरी। शहर में आर्मी और पुलिस भर्ती जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाने वाले ट्रेनर मोनू रजक को पुलिस प्रताड़ना दिए जाने के आरोप लगाते हुए सैकड़ों लोग सोमवार को सड़क पर उतर पड़े। फिजिकल थाना पुलिस पर चोरी के आरोप में मोनू को चुपचाप उठाकर सुभाषपुरा के पुराने थाने ले जाकर मारपीट किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। उक्त मामले में पांच पुलिसकर्मियों के नाम सामने आए हैं जिन पर कारवाई की मांग को लेकर सैकड़ों लोग पैदल मार्च करके मोनू की पत्नी के साथ एसपी ऑफिस पहुंचे। जहां उनकी मुलाक़ात एसडीओपी सचिन धुर्वे से हुई। जिन्होंने बताया कि एसपी अवकाश पर हैं वे मामले की सात दिन में जांच करवाएंगे लेकिन लोग संतुष्ट नहीं हुए। बता दें कि मोनू रजक शिवपुरी में युवाओं को फिजिकल ट्रेनिंग देने वाले एक लोकप्रिय कोच हैं, जिसके कारण इस घटना ने एक बड़े आंदोलन का रूप ले लिया है। शिवपुरी में फिजिकल ट्रेनर मोनू रजक को पुलिस हिरासत में प्रताड़ित करने और बर्बरता से मारपीट करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
50 लाख की चोरी में पूछताछ के लिए उठाया 
करीब 35 दिन पहले हुई 50 लाख रुपये से अधिक की चोरी के मामले में पुलिस ने संदेह के आधार पर मोनू रजक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। शनिवार रात (3 अक्टूबर 2026) को छोड़े जाने के बाद जब उनके शरीर और पैरों पर चोट व सूजन के निशान मिले, तो परिजनों और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले सैकड़ों युवाओं में आक्रोश फैल गया। सैकड़ों युवाओं और रजक समाज के लोगों ने इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है। शिवपुरी में फिजिकल ट्रेनर मोनू रजक मामले में परिजनों के आक्रोश और प्रदर्शन के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस हिरासत से शनिवार रात करीब 9 बजे छोड़े जाने के बाद पीड़ित के परिजनों, रजक समाज के लोगों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे सैकड़ों युवाओं ने इस प्रताड़ना के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।
हिरासत में लेना: मोनू रजक अपनी पत्नी रजनी रजक और बच्चों के साथ फिजिकल क्षेत्र में किराए के मकान में रहते हैं। उनकी पत्नी के अनुसार, 2 अक्टूबर 2026 को चौहान नाम का एक पुलिसकर्मी मोनू को पूछताछ के बहाने अपने साथ ले गया था।
चोरी का शक: शहर के मातादीन अग्रवाल के घर हुई ₹50 लाख से अधिक की बड़ी चोरी के मामले में पुलिस मोनू पर संदेह कर रही थी। मोनू का आरोप है कि मातादीन अग्रवाल और उनकी पत्नी के कहने पर पुलिस ने उसे निशाना बनाया।
गंभीर मारपीट के आरोप: ट्रेनर मोनू रजक का आरोप है कि फिजिकल और सुभाषपुरा दोनों थानों की पुलिस ने उन पर चोरी का जुर्म कबूल करने का भारी दबाव बनाया। जब उन्होंने इनकार किया, तो उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और मामले को जबरन 'पारदी गैंग' से जोड़ने की कोशिश की गई।
अस्पताल में भर्ती: शनिवार रात करीब 9 बजे पुलिस ने जब मोनू को छोड़ा, तो परिजन उन्हें तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनके हाथ-पैर में गंभीर चोटें और सूजन पाई गई।
पीड़ित की पत्नी (रजनी रजक) का बयान: 
मोनू रजक की पत्नी रजनी रजक ने पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई और कहा: 
"मेरे पति को 2 अक्टूबर को पुलिस उठाकर ले गई थी। इसके बाद न तो हमें उनसे मिलने दिया गया और न ही उनकी कोई जानकारी दी गई। उन्हें पहले भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था और उन्होंने सहयोग किया था, लेकिन इस बार पुलिस ने उनके साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की है। बिना किसी पुख्ता सबूत के किसी निर्दोष व्यक्ति को इस तरह प्रताड़ित करना पूरी तरह गलत है। हम पुलिस के इस रवैए के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे और न्याय के लिए न्यायालय (कोर्ट) की शरण लेंगे।" पीड़ित की पत्नी ने साफ किया है कि यदि पुलिस विभाग के आला अधिकारियों (SP) की तरफ से त्वरित और निष्पक्ष जांच नहीं की जाती है, तो समाज और परिवार मिलकर कोर्ट की शरण (न्यायालय में याचिका) लेंगे।
एसपी (SP) कार्यालय में सौंपा गया ज्ञापन
मोनू रजक की पत्नी रजनी रजक ने सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचकर एक औपचारिक शिकायत और ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं: 
  • दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग: ज्ञापन में स्पष्ट रूप से फिजिकल थाने के स्टाफ और पूछताछ में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों (विशेषकर चौहान नामक पुलिसकर्मी) पर बर्बरतापूर्वक मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। मांग की गई है कि थर्ड डिग्री टॉर्चर देने वाले इन कर्मियों को तुरंत सस्पेंड कर जांच शुरू की जाए। 
  • झूठे मामले में फंसाने की साजिश: आवेदन में कहा गया है कि मोनू को किसी पारदी गैंग या ₹50 लाख की चोरी के इस बड़े मामले से जबरन जोड़ने की साजिश रची जा रही थी। ज्ञापन के जरिए एसपी से सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई गई है।
  • मेडिकल रिपोर्ट की मांग: परिजनों ने जिला अस्पताल में कराए गए मोनू के इलाज और मेडिकल परीक्षण की रिपोर्ट को भी इस जांच में शामिल करने को कहा है, जिसमें मोनू के हाथ-पैर में गंभीर चोटें और भारी सूजन साफ देखी जा सकती है।
  • सैकड़ों युवाओं की एकजुटता: मोनू से ट्रेनिंग लेने वाले सैकड़ों छात्र और फिजिकल एकेडमी के युवा इस कार्रवाई के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं। युवाओं का कहना है कि जो ट्रेनर सुबह-शाम बच्चों को देश सेवा और पुलिस भर्ती के लिए तैयार करता है, पुलिस ने उसी के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाई है।
  • रजक समाज का आंदोलन: रजक समाज के स्थानीय नेताओं और पदाधिकारियों ने चेताया है कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला और दोषी पुलिस अधिकारियों पर सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो पूरे शिवपुरी जिले में उग्र आंदोलन और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
  • सीएसपी सचिन अंशुल धुर्वे ने कहा: "हम उक्त मामले की जांच कर रहे हैं जिसके बाद ही कुछ कह सकेंगे"।
थाना प्रभारी (फिजिकल थाना प्रभारी - अवनीश सिंह राठौड़) का बयान
इस पूरे विवाद और मारपीट के आरोपों पर फिजिकल थाना प्रभारी अवनीश सिंह राठौड़ ने पुलिस का पक्ष रखते हुए कहा:
"मातादीन अग्रवाल और उनकी पत्नी ने फिजिकल ट्रेनर मोनू रजक पर चोरी को लेकर बेहद प्रबल शंका जताई थी। चोरी वाली रात मोनू रजक की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं और पुलिस द्वारा ली गई उनकी शुरुआती स्टेटमेंट (बयानों) में भी काफी अंतर था। इसी विरोधाभास के चलते उन्हें नियमानुसार पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पुलिस द्वारा उनके साथ किसी भी प्रकार की मारपीट या प्रताड़ना के आरोप पूरी तरह से गलत और बेबुनियाद हैं।"
















#धमाका_बड़ी_खबर: पार्वती की तरह जिद पर अड़ी गायत्री, हितेचि के नीचे लेटे लोग तो पुलिस बुलाने गई, बोली, नहीं हटा अतिक्रमण तो टेंट लगाकर धरने पर बैठूंगी, देखिए video

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विपिन शुक्ला के साथ ऋषि शर्मा की रिपोर्ट 
shivpuri शिवपुरी। नगर के गांधी पेट्रोल पंप को हटाने को लेकर हाईकोर्ट के आदेश पर अमल शुरू हो गया है। सोमवार को नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा वादे के अनुसार मौके पर पहुंची। टीम मौजूद थी लेकिन हितेचि मौजूद नहीं थी जिसे वे खुद लेने गई और जब वापिस आई तो पंप पर मौजूद स्टाफ ने नारेबाजी शुरू कर दी। मशीन के नीचे लेट गई। इस तमाशे के बीच नपाध्यक्ष ने मीडिया से कहा कि हम कई साल बाद केस जीते है ये बेशकीमती भूमि है उसे हम खाली करवाकर रहेंगे।
नपाध्यक्ष गायत्री पार्वती की तरह जिद पर आ गई हैं , बोली पुलिस बल लेकर आती हु, नहीं हटा पाई तो यहीं धरना दूंगी
नपाध्यक्ष गायत्री, पार्वती की तरह जिद पर आ गई हैं। जनता के विरोध के बीच वे ये कहकर जीप में सवार हुई कि पुलिस फोर्स लेकर आती हु। कोर्ट का आदेश अमल कराऊंगी नहीं हटे तो टेंट लगाकर धरना दूंगी। वकील बोले राजस्व, पुलिस का है आदेश अमल कराना, फिर केस कोर्ट में है
गांधी पंप के संचालक समीर गांधी के साथ मौजूद एडवोकेट भार्गव ने मीडिया से कहा कि कोर्ट के आदेश पर राजस्व अमल करवाना राजस्व टीम का काम है। पुलिस बल साथ ही तब तो ठीक, फिर हमारा केस सुप्रीम कोर्ट में चला गया है। 











#धमाका_बड़ी_खबर: पुलिस ने फर्जी एपीके (APK) फाइल भेजकर 1.16 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले MP के शिवपुरी निवासी अनुराग डागी को किया गिरफ्तार

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अलवर/शिवपुरी। अलवर की वैशाली नगर थाना पुलिस ने फर्जी एपीके (APK) फाइल भेजकर 1.16 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले मध्य प्रदेश के शिवपुरी निवासी अनुराग डागी को गिरफ्तार किया है। वैशाली नगर थाना टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को मध्य प्रदेश के शिवपुरी से दबोचा और अदालत में पेश किया। शिवपुरी का आरोपी अनुराग डागी वैशाली नगर थाना पुलिस की गिरफ्त में है, लेकिन उसके पीछे काम करने वाला पूरा गैंग इंटरनेट पर सक्रिय है। इस गैंग का काम करने का तरीका कुछ इस प्रकार है।
मामला: पीड़ित के बैंक खाते से फर्जी APK फाइल के जरिए 1,16,000 रुपये की ऑनलाइन ठगी। 
  1. कांटेक्ट लिस्ट का इस्तेमाल: जब गिरोह किसी एक व्यक्ति का व्हाट्सएप हैक करता है, तो वे सीधे अनजान नंबर से मैसेज नहीं भेजते। वे पीड़ित के ही व्हाट्सएप अकाउंट से उसके दोस्तों, रिश्तेदारों और ग्रुप्स में मैलवेयर फाइल फॉरवर्ड करते हैं।
  2. भरोसे का फायदा: शनिवार और रविवार को आपके किसी परिचित या दोस्त के नंबर से ही एक मैसेज आता है जिसमें लिखा होता है— "यह ऐप डाउनलोड करो, इसमें फ्री रिचार्ज/इनाम/सरकारी योजना का लाभ मिल रहा है।" परिचित का नाम देखकर लोग बिना सोचे-समझे फाइल डाउनलोड कर लेते हैं।
  3. व्हाट्सएप हैक होने और लगातार फाइलें आगे जाने की वजह
    यूजर की यह शिकायत बिल्कुल सही है कि यह वायरस लगातार लोगों के व्हाट्सएप से खुद-ब-खुद आगे भेजा जा रहा है। तकनीकी भाषा में इसे 'व्हाट्सएप अकाउंट टेकओवर मैलवेयर' कहा जाता है।
  4. ऑटो-फॉरवर्डिंग स्क्रिप्ट: जैसे ही कोई पीड़ित उस फर्जी .apk फाइल (जैसे Update.apk, Kyc.apk या Wedding.apk) पर क्लिक करके उसे फोन में इंस्टॉल करता है, वह ऐप बैकग्राउंड में फोन का पूरा कंट्रोल ले लेता है।
    • मैसेज पढ़ना और भेजना: यह वायरस फोन के एसएमएस (SMS) और व्हाट्सएप मैसेजेस को पढ़ने और खुद से टाइप करने की अनुमति (Permissions) चुरा लेता है। इसके बाद, आपके बिना कुछ किए ही आपके व्हाट्सएप से आपकी पूरी कांटेक्ट लिस्ट को वही वायरस फाइल शनिवार और रविवार को लगातार डिलीवर होने लगती है।
    • ओटीपी (OTP) चोरी: इसी दौरान बैंक खातों से पैसे ट्रांसफर करने के लिए जो ओटीपी आता है, उसे यह वायरस हैकर्स के सर्वर पर फॉरवर्ड कर देता है और यूजर के फोन से उस डिलीट भी कर देता है, जिससे पैसे कटने का पता देर से चलता है।











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