देवास। खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए DG उपेंद्र जैन घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम का निरीक्षण किया। मीडिया से चर्चा करते हुए DG ने स्पष्ट कहा कि पुलिस शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क की पहचान कर चुकी है और अब इस मामले की जड़ तक पहुंचकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
DG उपेंद्र जैन के मुताबिक, अवैध शराब से भरे आयशर ट्रक को पकड़ने के लिए पुलिस की टीम मौके पर पहुंची थी। इसी दौरान खातेगांव TI दिलीप पुरी ने ट्रक को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने कथित तौर पर उनके ऊपर ही वाहन चढ़ा दिया, जिससे घटनास्थल पर ही उनकी दुखद मृत्यु हो गई।
DG ने बताया कि फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है और पुलिस की टीमें पांच जिलों में कार्रवाई कर रही हैं। पुलिस ने शराब कहां से लोड हुई, कहां पहुंचाई जा रही थी, तस्करी में कौन शामिल था और ट्रक का चालक-क्लीनर कौन था, इन सभी की पहचान कर ली है।
इतना ही नहीं, शराब के परिवहन से जुड़े ट्रांसपोर्ट मालिक, वाहन मालिक और जिस शराब दुकान से शराब रवाना हुई थी, उसकी भी पहचान की जा चुकी है। DG ने कहा कि फिलहाल सभी पहलुओं पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं। गिरफ्तारी और कार्रवाई से जुड़ी विस्तृत जानकारी जांच प्रभावित न हो, इसलिए अभी साझा करना उचित नहीं होगा।
आइए जानिए कौन थे दिलीप पुरी
पुलिस शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क की पहचान कर चुकी है और अब इस मामले की जड़ तक पहुंचकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
• अवैध तस्करी पर कार्रवाई: 1 और 2 नवंबर 2026 की रात को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक आयशर ट्रक में गुप्त चेंबर बनाकर हरदा (टिमरनी) से गुजरात के लिए भारी मात्रा में अवैध शराब ले जाई जा रही है।
• संदेही वाहन द्वारा कुचला जाना:
इंदौर-बेतूल हाईवे पर जब टीआई दिलीप पुरी ने पुलिस टीम के साथ नाकाबंदी कर ट्रक को रोकने का प्रयास किया और ड्राइवर को नीचे उतरने को कहा, तो चालक ने वाहन रोकने के बजाय उसकी रफ्तार बढ़ा दी। ट्रक चालक गजेंद्र उर्फ अक्कू रावत ने टीआई के ऊपर गाड़ी चढ़ा दी, जिससे पिछला पहिया उन पर चढ़ गया। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया।
मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी:
इस जघन्य हत्याकांड के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध शराब तस्करी नेटवर्क के मुख्य मास्टरमाइंड राहुल जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है।
अंतरराज्यीय नेटवर्क:
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि अवैध शराब का यह नेटवर्क मध्य प्रदेश से लेकर गुजरात तक फैला हुआ था।
मुख्यमंत्री द्वारा सहायता की घोषणा
• मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शहीद टीआई दिलीप पुरी के परिवार के लिए 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है।
• इसके साथ ही उनकी पत्नी को अनुकंपा के आधार पर सब इंस्पेक्टर (SI) के पद पर शासकीय नौकरी देने और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष महानिदेशक (Special DG) को जिम्मेदारी सौंपी है।
व्यक्तिगत पृष्ठभूमि
• दिलीप पुरी मूल रूप से धार जिले की सरदारपुर तहसील के ग्राम बरमंडल के रहने वाले थे।
• पुलिस सेवा में आने से पहले, उन्होंने धार जिले के बदनावर क्षेत्र में लगभग दो वर्षों तक एक शासकीय स्कूल में शिक्षक के रूप में भी अपनी सेवाएं दी थीं, जिसके बाद उनका चयन मध्य प्रदेश पुलिस में हुआ। उनके पार्थिव शरीर को पूरे राजकीय सम्मान (गार्ड ऑफ ऑनर) के साथ उनके पैतृक गांव में अंतिम विदाई दी गई।
















































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