डॉ विकासदीप शर्मा
शारदीय नवरात्रि में अष्टमी-नवमी की तिथि, कन्या पूजन, हवन और व्रत पारण को लेकर श्रद्धालुओं के मन में कई प्रश्न रहते हैं। शास्त्रीय तिथि-निर्णय में तिथि, उदया तिथि और धार्मिक कर्मों के उचित समय का विशेष महत्त्व होता है।
अष्टमी नवमी तिथि-निर्णय के अनुसार, वर्ष 2026 में नवरात्रि के अंतिम दिनों के लिए
1. महाअष्टमी कब है? जाने
शारदीय नवरात्रि में महाअष्टमी (दुर्गाष्टमी) का व्रत 18 अक्टूबर 2026, रविवार को बताया गया है। इस दिन माँ दुर्गा की विशेष पूजा, दुर्गा सप्तशती का पाठ, कन्या पूजन तथा परंपरानुसार हवन किया जाता है।
## 2. महानवमी कब है?
महानवमी 19 अक्टूबर 2026, सोमवार को बताई गई है। उपलब्ध तिथि-निर्णय के अनुसार, 19 अक्टूबर को प्रातः 7 बजकर 53 मिनट तक अष्टमी तिथि रहेगी। इसके पश्चात नवमी तिथि प्रारंभ होने के आधार पर अष्टमी-नवमी से संबंधित हवनादि कर्म इस अवधि में किए जा सकते हैं।
## 3. नवरात्रि में हवन कब करें?
नवरात्रि में हवन का समय अपनी पूजा-पद्धति, संकल्प और स्थानीय पंचांग के अनुसार निर्धारित करना चाहिए।
- अष्टमी का हवन: अष्टमी तिथि के अनुसार किया जा सकता है।
- नवमी का हवन: नवमी तिथि में हवन करने की परंपरा के अनुसार किया जा सकता है।
- उदया तिथि के अनुसार नवमी का हवन: प्रस्तुत निर्णय में 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को प्रातः 9 बजकर 38 मिनट तक हवन किए जाने का विकल्प भी बताया गया है।
हवन करते समय अपने कुलाचार, परंपरा और स्थानीय पंचांग का ध्यान रखना उचित है।
# 4. नवरात्रि व्रत का पारण कब करें?
प्रस्तुत निर्णय के अनुसार, नवरात्रि व्रत का पारण 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को किया जाएगा।
इस दिन मध्याह्न में श्रवण नक्षत्र तथा शुक्ल दशमी तिथि होने के आधार पर दशहरा मनाने का उल्लेख किया गया है। इसी कारण इस निर्णय में 20 अक्टूबर को पारण का दिन बताया गया है।
# धार्मिक महत्त्व
















































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