Responsive Ad Slot

Latest

latest

Bhopal

bhopal

Delhi

delhi

Shivpuri

shivpuri

Crime

crime

Politics

politics

VIDEO

video

News By Picture

pictures

#धमाका_बड़ी_खबर: शिवपुरी में कांग्रेस का बीजेपी पर तीखा हमला, "जनता" से "सड़क पर उतरने का आह्वान", बताया 'प्रशासनिक और राजनीतिक फेल्योर'

कोई टिप्पणी नहीं
shivpuri शिवपुरी। शिवपुरी जिला कांग्रेस मुख्यालय पर आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने प्रदेश की भाजपा सरकार और स्थानीय जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिला अध्यक्ष मोहित अग्रवाल, शहर अध्यक्ष एडवोकेट साहब सिंह कुशवाह, संजय चतुर्वेदी, अवधेश शिवहरे और प्रवक्ता विजय चौकसे ने मीडिया से बातचीत की। कांग्रेस ने इस बार सिर्फ चेतावनी नहीं दी, बल्कि शिवपुरी की जनता से अपने हक के लिए सीधे सड़क पर उतरने का खुला आह्वान किया है। नेताओं ने शहर की बुनियादी समस्याओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ तीखे तेवर दिखाए।
जनता से सड़क पर उतरने का आह्वान
कांग्रेस नेताओं ने शिवपुरी की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि पानी, बिजली और खाद जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए अब घरों से बाहर निकलना होगा। शहर अध्यक्ष साहब सिंह कुशवाह ने कहा, "यह लड़ाई अब सिर्फ कांग्रेस की नहीं, बल्कि शिवपुरी के हर उस नागरिक की है जो बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहा है। जब तक जनता सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज नहीं कराएगी, यह बहरी सरकार और पक्षपाती प्रशासन नहीं जागेगा।"
कृत्रिम जल संकट की ग्राउंड रियलिटी
जलावर्धन योजना के पूरी तरह फेल होने के मुद्दे पर कांग्रेस ने वीडियो साक्ष्यों का हवाला दिया। नेताओं ने कहा कि ठेकेदारों द्वारा पूरे शहर की सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया है। कई इलाकों में पाइपलाइन डालने के बाद भी पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। नेताओं ने इसे 'प्रशासनिक भ्रष्टाचार' और 'कृत्रिम जल संकट' करार दिया, जिससे जनता भीषण गर्मी में टैंकर माफियाओं के भरोसे रहने को मजबूर है। नपा के इंजीनियर सचिन चौहान को पूरी जल व्यवस्था चौपट करने का जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि 8 साल से ये अधिकारी किसकी कृपा से लुट मचाये हुए है।
अघोषित बिजली कटौती से त्रस्त जनताब्लाक कांग्रेस और जिला कमेटी के नेताओं ने पूर्व में कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापनों का जिक्र करते हुए कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिना किसी सूचना के घंटों बिजली काटी जा रही है। रात के समय बार-बार बिजली जाने से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं का जीना मुहाल हो गया है।
किसानों को खाद की किल्लत
कांग्रेस ने किसानों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस समय किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ रहा है। सरकार उन्हें समय पर खाद उपलब्ध कराने में नाकाम रही है।
प्रशासन के पक्षपात पर सवाल
कांग्रेस नेताओं ने हाल ही में कलेक्टर से सिर्फ बीजेपी नेताओं की मुलाकात होने पर गहरी आपत्ति जताई। उन्होंने सवाल खड़ा किया, "क्या जिले में अकेले बीजेपी नेता ही जनप्रतिनिधि हैं? क्या बाकी राजनीतिक दलों और विपक्ष का कोई अस्तित्व नहीं है?"
कांग्रेस की अगली रणनीति
प्रेस वार्ता के समापन पर प्रवक्ताओं और वरिष्ठ नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि आगामी कुछ दिनों के भीतर बिजली कटौती पर रोक नहीं लगी, पेयजल संकट का समाधान नहीं हुआ और किसानों को खाद की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की गई, तो पूरी जिला कांग्रेस जनता को साथ लेकर कलेक्ट्रेट का घेराव करेगी और बड़ा उग्र आंदोलन शुरू करेगी।
पिछोर धरने पर हमला और कानून व्यवस्था का मुद्दा
हालिया वीडियो रिपोर्ट्स और स्थानीय मीडिया खबरों के अनुसार, शिवपुरी के पिछोर में चल रहे कांग्रेस के शांतिपूर्ण धरने पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा लाठी-डंडों से हमला किया गया था। जिला अध्यक्ष मोहित अग्रवाल ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि सत्ता के संरक्षण में विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस ने पुलिस अधीक्षक (SP) को ज्ञापन सौंपकर सभी आरोपियों पर तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग उठाई है।


#धमाका_खास_खबर: 'महाराज' के मंत्रियों पर बीजेपी विधायक 'पन्ना' का पलटवार, प्रभारी मंत्री खुद को सिंधिया से बड़ा समझते हैं, ऊर्जा मंत्री को बताया 'नाकारा'

कोई टिप्पणी नहीं
guna गुना। मध्य प्रदेश में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान एक बार फिर खुलकर सड़कों पर आ गई है। गुना से भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने शनिवार को बिजली संकट को लेकर अपनी ही सरकार के दो कद्दावर मंत्रियों के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री द ग्रेट ज्योतिरादित्य सिंधिया (महाराज) के बेहद करीबी माने जाने वाले ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर बेहद तीखे आरोप लगाए हैं।
इस पूरे विवाद में अब कांग्रेस के पूर्व मंत्री और राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह की भी एंट्री हो गई है, जिन्होंने इस बहाने भाजपा सरकार और सिंधिया गुट को आड़े हाथों लिया है। कुल मिलाकर यह मामला अब मध्य प्रदेश की सियासत में तूल पकड़ चुका है, क्योंकि विधायक पन्नालाल शाक्य अपने बयानों के लिए जाने जाते हैं और उनके इस सीधे हमले ने सीधे तौर पर केंद्रीय मंत्री द ग्रेट ज्योतिरादित्य सिंधिया के गुट पर हमला बोल दिया है।
विधायक पन्नालाल शाक्य का तीखा हमला
गुना शहर में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और जनता की शिकायतों को लेकर विधायक पन्नालाल शाक्य शनिवार को भारी संख्या में स्थानीय लोगों और किसानों को साथ लेकर अचानक बिजली कंपनी के कार्यालय (जीएम दफ्तर) का घेराव करने पहुंचे। वहां अधिकारियों को जमकर लताड़ने के बाद जब उन्होंने मीडिया से बात की, तो अपनी ही सरकार के मंत्रियों पर तीखी भड़ास निकाली:
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर पर हमला: पन्नालाल शाक्य ने ऊर्जा मंत्री को 'नाकारा' बताते हुए उनकी कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, "जनता को दिखावे की राजनीति नहीं, बल्कि काम करने वाला जनसेवक चाहिए। वो ऊर्जा मंत्री तो भगवान का बंदा है, जो कभी बिजली के पोल पर चढ़ जाते हैं तो कभी नाली में उतर जाते हैं, लेकिन इससे जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होता। मैं मुख्यमंत्री मोहन यादव से भोपाल जाकर अनुरोध करूंगा कि ऐसे नाकारा मंत्री को तत्काल पद से हटाएं, जो सरकार की छवि खराब कर रहे हैं।"
प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर अपमान का आरोप
शाक्य यहीं नहीं रुके, उन्होंने जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर अहंकार का आरोप लगाते हुए कहा, "प्रभारी मंत्री खुद को केंद्रीय मंत्री और क्षेत्र के प्रभावशाली नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया (महाराज) से भी बड़ा समझते हैं। हवाई पट्टी पर एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मुझे 'चलो हटो' कहकर धक्के से एक तरफ कर दिया था। ऐसे मंत्रियों को पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।"
कांग्रेस के पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह का पलटवार:
भाजपा विधायक के इस खुले विद्रोह के बाद कांग्रेस को सरकार को घेरने का बड़ा मौका मिल गया है। पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने भाजपा की आंतरिक कलह और सिंधिया समर्थकों पर तंज कसते हुए बड़ा बयान दिया है:मंत्रियों की 'नौटंकी' और अहंकार उजागर: जयवर्धन सिंह ने कहा कि जो बात कांग्रेस हमेशा से कहती आ रही थी, आज वही बात भाजपा के अपने ही वरिष्ठ विधायक पन्नालाल शाक्य सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर रहे हैं।
महाराज के मंत्रियों पर साधा निशाना: उन्होंने कहा कि सिंधिया जी (महाराज) के साथ जो नेता कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए थे, वे आज पूरी तरह से अहंकार में डूबे हुए हैं। जनता बिजली, पानी और मूलभूत सुविधाओं के लिए त्राहि-त्राहि कर रही है और इनके जिम्मेदार मंत्री सिर्फ जमीनी काम करने के बजाय पोल पर चढ़ने और नालियों की सफाई करने जैसी 'नौटंकी और दिखावा' कर रहे हैं।
सिंधिया गुट बनाम मूल भाजपा की लड़ाई:
 जयवर्धन सिंह ने आगे जोड़ा कि गुना-ग्वालियर अंचल में अब 'मूल भाजपा' बनाम 'सिंधिया समर्थक' (महाराज गुट) की जंग खुलकर सामने आ गई है। जब सत्ताधारी दल के विधायक ही सुरक्षित और सम्मानित महसूस नहीं कर रहे हैं, तो आम जनता की सुरक्षा और सुनवाई की उम्मीद कैसे की जा सकती है।
















#धमाका_न्यूज: हाय हाय गर्मी, शिक्षकों का ग्रीष्मकालीन अवकाश बढ़ा, अब 7 जून तक रहेगा अवकाश

कोई टिप्पणी नहीं
भोपाल। मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी को देखते हुए लोक शिक्षण संचालनालय ने शिक्षकों के ग्रीष्मकालीन अवकाश में वृद्धि कर दी है। अब 7 जून तक अवकाश रहेगा। प्रदेश के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किए जाने और शिक्षकों द्वारा गर्मी के दौरान जनगणना एवं बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े कार्य संपादित किए जाने को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल द्वारा जारी आदेश के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए पूर्व में घोषित अवकाश कार्यक्रम में संशोधन करते हुए शिक्षकों के लिए ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि अब 01 मई 2026 से बढ़ाकर 07 जून 2026 तक कर दी गई है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश में वर्तमान समय में अत्यधिक गर्मी और हीट वेव की परिस्थितियां निर्मित हैं। कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच रहा है। ऐसी स्थिति में शिक्षकों के स्वास्थ्य हित को ध्यान में रखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग के पूर्व आदेश दिनांक 24 मार्च 2026 में संशोधन किया गया है।
संचालनालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि दशहरा, दीपावली एवं शीतकालीन अवकाश पूर्ववत यथावत रहेंगे। आदेश की प्रति समस्त संभागीय संयुक्त संचालकों, जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला परियोजना समन्वयकों को भेजी गई है, ताकि प्रदेशभर में इसका पालन सुनिश्चित कराया जा सके।
शिक्षकों को राहत
भीषण गर्मी के बीच शिक्षकीय कार्यों, जनगणना और बोर्ड परीक्षा संबंधी जिम्मेदारियों के कारण शिक्षकों पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ था। ऐसे में अवकाश अवधि बढ़ाए जाने को शिक्षकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की दृष्टि से राहतकारी निर्णय माना जा रहा है।














#धमाका_बड़ी_खबर: शहर के राजेश्वरी रोड पर फूंकी डीपी बदलने के आधे घंटे बाद भड़क उठी डीपी में आग, नतीजा 2 दिन 1 रात गुल रही बिजली, मेंटिनेंस की खुली पोल, देखिए video

कोई टिप्पणी नहीं
shivpuri शिवपुरी। शहर के राजेश्वरी रोड स्थित राजेंद्र ब्रदर्स के पास वाली बिजली डीपी में बीती रात जोरदार आग लग गईं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। व्यवसाई राजेंद्र गोयल ने मामले की जानकारी बिजली कम्पनी को देकर बिजली बंद करवाई और फिर साथियों के साथ मिलकर आग बुझाने की शुरुआत की। बता दें कि इसके बाद पूरी रात से लेकर शुक्रवार और शनिवार को 2 दिन इससे जुड़े इलाके की बिजली गुल रही। खास बात ये है कि गुरुवार को ये डीपी फुक गई थी जिसे शुक्रवार की शाम तक बिजली कंपनी ने बदला और देर रात बिजली चालू की लेकिन आधे घंटे के अंदर ही डीपी धूं धूं करके जल उठी। इसके बाद शनिवार की शाम को बिजली की सप्लाई की जा सकी है।
चोरों को रोकने में नाकाम, कटौती हुई मजबूरी
लोगों का कहना है कि बिजली कंपनी नगर में बिजली चोरी रोकने में नाकाम है जिसकी भरपाई वह इनामदार उपभोक्ताओं से करती है। नतीजे में घोषित कटौती मेंटिनेंस के नाम पर करती है और ये मेंटिनेंस कैसा होता है इसकी नजीर ये जलती हुई डीपी है।














© all rights reserved by Vipin Shukla @ 2020
made with by rohit Bansal 9993475129