Responsive Ad Slot

Latest

latest

Bhopal

bhopal

Delhi

delhi

Shivpuri

shivpuri

Crime

crime

Politics

politics

VIDEO

video

News By Picture

pictures

#धमाका_न्यूज: 4 माह की मासूम बेटी की मुस्कान के लिए लड़ी गई एक कानूनी लड़ाई, पिता को मिली जमानत

कोई टिप्पणी नहीं
शिवपुरी। न्यायालय के एक आदेश ने केवल एक अभियुक्त को जमानत नहीं दी, बल्कि एक चार माह की मासूम बच्ची को अपने पिता से मिलने की उम्मीद भी लौटा दी है।
विशेष न्यायालय द्वारा पुष्पेन्द्र चौहान को जमानत प्रदान किए जाने के बाद यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। बचाव पक्ष का कहना है कि यह केवल एक कानूनी लड़ाई नहीं थी, बल्कि एक ऐसे पिता की पीड़ा की लड़ाई थी जो अपनी नवजात बेटी से दूर था और लगातार उसे देखने की आस में जी रहा था।
बताया जाता है कि पुष्पेन्द्र चौहान और युवती के संबंधों से एक पुत्री का जन्म हुआ था, जो अभी मात्र चार माह की है। पिता होने के नाते वह अपनी बेटी के भविष्य, सुरक्षा और उससे मिलने के अधिकार को लेकर लगातार चिंतित था। यही कारण था कि उसने पूर्व में पुलिस अधीक्षक को भी आवेदन देकर अपनी पीड़ा व्यक्त की थी। एक पिता के लिए अपनी गोद में खेलने वाली बेटी से दूर रहना किसी सजा से कम नहीं होता।
जमानत सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की अधिवक्ता रितु शर्मा ने केवल कानूनी प्रावधानों पर ही नहीं, बल्कि मामले के मानवीय पक्ष को भी मजबूती से न्यायालय के समक्ष रखा। उन्होंने अभिलेखों, न्यायालयीन कथनों और प्रकरण की वास्तविक परिस्थितियों का गहन अध्ययन कर न्यायालय को यह समझाने का प्रयास किया कि हर आरोप के पीछे एक मानवीय कहानी भी होती है, जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता। एक पुत्री का जन्म हुआ था, जो अभी मात्र चार माह की है। पिता होने के नाते वह अपनी बेटी के भविष्य, सुरक्षा और उससे मिलने के अधिकार को लेकर लगातार चिंतित था। यही कारण था कि उसने पूर्व में पुलिस अधीक्षक को भी आवेदन देकर अपनी पीड़ा व्यक्त की थी। एक पिता के लिए अपनी गोद में खेलने वाली बेटी से दूर रहना किसी सजा से कम नहीं होता।
जमानत सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की अधिवक्ता रितु शर्मा ने केवल कानूनी प्रावधानों पर ही नहीं, बल्कि मामले के मानवीय पक्ष को भी मजबूती से न्यायालय के समक्ष रखा। उन्होंने अभिलेखों, न्यायालयीन कथनों और प्रकरण की वास्तविक परिस्थितियों का गहन अध्ययन कर न्यायालय को यह समझाने का प्रयास किया कि हर आरोप के पीछे एक मानवीय कहानी भी होती है, जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता।
कहा जाता है कि कई रातों तक फाइलों के बीच बैठकर की गई तैयारी, प्रत्येक दस्तावेज का सूक्ष्म अध्ययन और न्याय के प्रति अटूट समर्पण ने इस मामले को एक नई दिशा दी। अधिवक्ता रितु शर्मा ने यह साबित किया कि वकालत केवल पेशा नहीं, बल्कि न्याय के लिए संघर्ष का माध्यम भी है।
न्यायालय द्वारा जमानत स्वीकृत किए जाने के बाद परिवार की आंखों में राहत के आंसू दिखाई दिए। परिजनों का कहना है कि उन्हें विश्वास था कि सत्य और न्याय अंततः अपना मार्ग बना लेंगे।

#धमाका_न्यूज: भारत विकास परिषद पहुंची शिवपुरी जेल, एडवोकेट शैलेंद्र समाधिया ने कैदियों के लिए भेंट किए 15 कूलर

कोई टिप्पणी नहीं
*मन की बात कार्यक्रम का प्रसारण एवं विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर बंदियों को किया गया जागरूक
शिवपुरी, 31 मई 2026। सर्किल जेल शिवपुरी में प्रधानमंत्री के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें एपिसोड का सामूहिक प्रसारण किया गया। कार्यक्रम के दौरान बंदियों, जेल अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री के विचारों को ध्यानपूर्वक सुना। इस अवसर पर भारत विकास परिषद के पदाधिकारी एवं सदस्य भी उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री द्वारा अपने संबोधन में गंगा डॉल्फिन के रेस्क्यू अभियान, तमिलनाडु की गिरजा अम्मा के प्रेरणादायी संकल्प तथा भीषण गर्मी के मौसम में स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने नागरिकों से लू से बचाव एवं स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की अपील की। भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए भारत विकास परिषद के सहयोग से सर्किल जेल शिवपुरी में निरुद्ध बंदियों के लिए 15 कूलर भेंट किए गए। इस पहल की जेल प्रशासन द्वारा सराहना की गई।
विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर चलाया गया जागरूकता अभियान
विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर बंदियों को तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। भारत विकास परिषद के पदाधिकारियों ने बंदियों को नशामुक्त जीवन अपनाने, सकारात्मक सोच विकसित करने तथा कौशल विकास के माध्यम से बेहतर भविष्य निर्माण के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में बंदियों को तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों का त्याग करने तथा अपने परिवार एवं समाज को भी नशामुक्ति के प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई गई।
नशा नाश की जड़ है इससे बचे और जीवन में सुधार लाए : जेल अधीक्षक रमेशचंद्र आर्य
*विश्व मद्य निषेध दिवस पर भारत विकास परिषद शाखा शिवपुरी के द्वारा भीषण गर्मी को देखते हुए सर्किल जेल में दान किए 15 कूलर, दिलाई मद्य निषेध की शपथ
शिवपुरी की यह जेल हमेशा से सुधार ग्रह के रूप में जानी जाती है लेकिन आज समय अब बदल गया है, हमे प्रयास करना चाहिए कि अपराध से दूर रहे और यह तभी संभव होगा जब हम नशे से दूर रहेंगे और यही नशा नाश की जड़ है, इससे बचें और अपन जीवन में सुधार लाए, निश्चित रूप से आपको कभी जेल के द्वारा नहीं आना पड़ेगा और अपने घर परिवार के साथ खुशहाल जीवन जी सकेंगें। नशे से दूर रहने को लेकर यह प्रेरक उद्बोधन दिये जेल अधीक्षक रमेशचंद आर्य ने जो जेल परिसर में समाजसेवी संस्था भारत विकास परिषद शाखा शिवपुरी के द्वारा आयोजित मद्य निषेध दिवस के जागरूकता कार्यक्रम को मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित कर रहे थे।
आयोजित कार्यक्रम के बारे जानकारी देते हुए संस्था भारत विकास परिषद शाखा शिवपुरी अध्यक्ष गणेश धाकड़ व सचिव अमित सहगल ने संयुक्त रूप से बताया कि जेल परिसर में आयोजित विश्व मद्य निषेध दिवस कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के निवृतमान अध्यक्ष एड शैलेंद्र समाधिया, विशिष्ट अतिथि जेल उपाधीक्षक आर के एस पांडे, मद्य निषेध की शपथ दिलाने पूर्व अध्यक्ष संजीव जैन एवं संस्था सचिव अमित सहगल मंचासीन रहें। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए एड शैलेंद्र समाधिया ने अपने वक्तव्य में कहा कि आज विश्व मद्य निषेध दिवस है और यह दिन हमे बताता है कि नशा कोई भी हो उसका परिणाम गलत ही होता और जब गलत होगा तो उससे अपराध और अपराधी बनने के बाद जेल, इसलिए अपराध से बचना है तो नशे से दूर रहे, इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी में कैदियों को भी धूप और गर्मी का सामना करना पड़ता है ऐसे में स्वयं(शैलेंद्र समाधिया निवर्तमान अध्यक्ष) की ओर से पहल करते हुए सेवा कार्य स्वरूप संस्था भारत विकास परिषद शाखा शिवपुरी के माध्यम से सभी कैदियों को गर्मी से राहत प्रदान कर के लिए यह 15 कूलर दान किए गए है। सेवा कार्यस्वरूप यह सभी कूलर कार्यक्रम का संचालन कर रहे संजीव जैन के साथ संस्था सचिव अमित सहगल, संजीव गुप्ता, दिनेश जैन, सुकेश मित्तल, मनीष अरोरा, मनोज जैन आदि सहित अन्य संस्था सदस्यों के द्वारा जेलर श्री आर्य एवं उप अधीक्ष श्री पांडेय का माल्यार्पण करते हुए सभी कूलर सौंपे गए। इस अवसर पर विश्व मद्य निषेध दिवस के मौके पर जेल परिसर में निरुद्ध कैदियों को नशा मुक्त रखते हुए जागरूक करने के उद्येश्य से मद्य निषेध की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम समापन पर संस्था सचिव अमित सहगल के द्वारा इस सेवा कार्य शामिल सभी की सहभागिता के प्रति व्यक्त किया गया। इस दौरान सभी कैदियों ने  मद्य निषेध की शपथ लेते हुए नशे से दूर रहने का संकल्प लिया।
जेल प्रशासन ने व्यक्त किया आभार
कार्यक्रम के दौरान सर्किल जेल अधीक्षक श्री आर.सी. आर्य, उप जेल अधीक्षक श्री रामशिरोमणी पाण्डेय सहित जेल स्टाफ उपस्थित रहा। कार्यक्रम के अंत में जेल अधीक्षक द्वारा भारत विकास परिषद के पदाधिकारियों एवं सदस्यों का आभार व्यक्त किया गया।














#धमाका_बड़ी_खबर: डकैत रामबाबू गड़रिया की तस्वीर पर पुष्प अर्पित करते हुए पिछोर विधायक प्रीतम लोधी बोले, डकैत रामबाबू मेरा "मित्र और बड़ा भाई" था, सामंती शक्तियों और समाज के कुछ लोगों के अत्याचार व प्रताड़ना के कारण बना था डाकू"

कोई टिप्पणी नहीं
शिवपुरी। राजनीति में चटपटे बयान की ख्याति अर्जित कर चुके पिछोर विधायक प्रीतम लोधी रविवार को फिर एक बार चर्चा के वायस बन गए हैं। इस बार उन्होंने एक समय के कुख्यात डकैत रामबाबू गड़रिया की याद ताजा करते हुए उन्हें अपना मित्र और बड़ा भाई कह डाला है। इतना ही नहीं उन्होंने रामबाबू के चित्र पर पुष्प अर्पित किए जिसे लेकर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। 
दरअसल शिवपुरी जिले के पिछोर क्षेत्र में पाल/बघेल समाज द्वारा रविवार को आयोजित लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में कुख्यात डकैत रामबाबू गड़रिया को अपना "मित्र और बड़ा भाई" बताया, जिसके बाद उनका यह बयान और डकैत की तस्वीर पर माल्यार्पण करना चर्चा का विषय बन गया है। 
मंच पर लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की तस्वीर के बगल में डकैत रामबाबू गड़रिया की तस्वीर भी रखी गई थी, जिस पर विधायक प्रीतम लोधी ने पुष्प अर्पित किए और माल्यार्पण किया। विधायक लोधी ने मंच से कहा, "रामबाबू गड़रिया मेरा मित्र और बड़ा भाई था। हम दोनों एक-दूसरे के सुख-दुख के साथी थे। रामबाबू की जेल से लेकर जंगल तक की एक-एक चीज मुझे याद है।" 
डकैत बनने का बचाव
प्रीतम लोधी ने डकैत का बचाव करते हुए कहा कि रामबाबू कोई ऐसा व्यक्ति नहीं था जो डकैत बनता, बल्कि सामंती शक्तियों और समाज के कुछ लोगों के अत्याचार व प्रताड़ना के कारण वह डाकू बनने पर मजबूर हुआ था। उन्होंने यह भी कहा कि उस समय मीडिया ने उन्हें (प्रीतम लोधी को) एक गुंडे और डाकू का सहयोग करने वाला बताया था, लेकिन उनके लिए वह एक इंसान था।
जानिए कौन था डकैत रामबाबू गड़रिया?
रामबाबू गड़रिया चंबल और ग्वालियर-चंबल संभाग का एक बेहद दुर्दांत और 15 लाख रुपये का इनामी डकैत रह चुका है, जिस पर हत्या, लूट और अपहरण के 100 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। उसके गिरोह की सबसे खौफनाक वारदात ग्वालियर के भंवरपुरा गांव में मुखबिरी के शक में 13 गुर्जर समाज के लोगों को एक लाइन में खड़ा करके गोलियों से भून देने की थी, जिसने पूरे देश को दहला दिया था। वर्ष 2007 में पुलिस मुठभेड़ (एनकाउंटर) में उसके मारे जाने का दावा किया गया था। 
विवाद क्यों बढ़ा?
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद विपक्षी दलों और विभिन्न सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश है। एक ऐसे दुर्दांत अपराधी, जिसने 13 मासूमों की कतार में खड़ा करके जान ले ली थी, उसे एक सत्तारूढ़ दल के विधायक द्वारा सार्वजनिक मंच से 'भाई' कहना और गौरवान्वित करना प्रदेश की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। 














#धमाका_बड़ी_खबर: कलेक्टर अर्पित वर्मा के कठोर निर्णय के साथ शुरू हुई जनहितैषी पहल, शहर की पेयजल व्यवस्था की निगरानी करने वार्डों में पहुंचे ए डी एम दिनेश शुक्ला, एसडीएम आनंद राजावत, सीएमओ इशांक धाकड़ सहित अमला, कलेक्टर ने कहा पानी रोका तो सीधे होगी 2 साल की जेल

कोई टिप्पणी नहीं
शिवपुरी, 31 मई 2026। जिले के शीर्षस्थ अधिकारी अगर चाहें तो आसमान में सुराख हो सकता है बशर्ते एक पत्थर तो जरा जोर से उछाला जाए। हम बात कर रहे हैं जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा की जो स्पष्ट निर्णय लेने के आदि हैं और किसी भी चुनौती को सादगी के साथ हल करने का माद्दा रखते हैं। शहर की किस्मत हल्की खराब कहेंगे कि उन्होंने देर से पदभार संभाला अन्यथा शहर में टैंकर उद्योग फिर से शुरू ही नहीं हो पाता जिसे पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने बड़ी मुश्किल से बंद करवाया था। नगर पालिका के बड़े मगरमच्छ जिनके मुंह टैंकरों की काली कमाई का खून लगा हुआ है उन्होंने जान बूझकर भरी गर्मी का इंतजार किया जिससे नगर को पेयजल की भट्टी में झोंकने के बाद टेंकर की दौड़ शुरू कराई जा सके। इधर कलेक्टर अर्पित वर्मा बाद में आए तो उधर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सिपहसालार जिन्हें अभी तो जनता से कोई सरोकार नहीं रहा वे भी अगर सचेत होते तब भी कोई षड्यंत्रपूर्वक जल संकट खड़ा नहीं कर पाता। खैर गनीमत रही कि अब कलेक्टर अर्पित वर्मा जिले में हैं और उनके सामने जब जल संकट का पहाड़ खड़ा किया गया तो मौजूदा हालातों से ही निपटना संभव लगा। उनकी दूरदृष्टि की दाद देनी होगी कि उनके अधिकारी शहर की सड़कों पर उतर चुके हैं और लगातार निगरानी करते हुए अब जल वितरण होने लगा है। 
आइए देखिए क्या क्या कदम उठाये हैं सजग और तेज तर्रार कलेक्टर अर्पित ने 
शिवपुरी शहर की पेयजल समस्या निराकरण के लिए न केवल नगर पालिका की व्यवस्थाओं में सुधार कराया है, बल्कि ए डी एम और डिप्टी कलेक्टर सहित अन्य विभागीय अधिकारियों को शहर के वार्डों में निरीक्षण करने की जिम्मेदारी दी है, जिससे शहरवासियों की समस्या सीधे प्रशासन तक पहुंचेगी और पेयजल समस्या का तुरंत निराकरण किया जा सकेगा। उन्होंने एडीएम श्री दिनेश शुक्ला को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।
सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वह शहर में भ्रमण करेंगे और पेयजल आपूर्ति की वास्तविक स्थिति का जायजा लेंगे। जिला प्रशासन द्वारा शिवपुरी शहर की पेयजल व्यवस्था को सुदृढ बनाने के लिए कड़े प्रयास किया जा रहे हैं। कलेक्टर श्री वर्मा ने इसे प्राथमिकता से लेते हुए कड़े कदम उठाए हैं। उनकी तत्परता का ही परिणाम है कि मोटर खराब होने के बावजूद शहर में व्यवस्थित तरीके से पानी पहुंचाया जा रहा है।
अधिकारियों ने किया निरीक्षण
कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार वार्डवार नियुक्त अधिकारियों ने शहर में निरीक्षण किया और शहर में पेयजल व्यवस्था का जायजा लिया। पानी की सप्लाई को लेकर शहरवासियों से चर्चा की। शहर में नगर पालिका द्वारा टैंकरों के माध्यम से भी पानी की सप्लाई की जा रही है। आज जब अधिकारियों ने निरीक्षण किया तो टैंकर से पानी सप्लाई की भी वास्तविकता देखी और शहरवासियों से पानी की उपलब्धता की जानकारी ली।एडीएम श्री दिनेश शुक्ला भी सुबह शहर भ्रमण पर निकले। उन्होंने शहर के सिद्धेश्वर मंदिर रोड के सामने स्थित कॉलोनी में मोटर में पाइप बढ़वाने को कहा है।
कमियों को सुधारने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जहां भी पाइपलाइन खराब होने, शहर में पेयजल आपूर्ति के अलावा साफ सफाई आदि की शिकायतें मिली तत्काल कलेक्टर श्री वर्मा ने सीएमओ नगरपालिका को सुधार के निर्देश दिए है।
शिवपुरी में जल संकट पर सीएमओ इशांक धाकड़ के मैदान में उतरे 28 टैंकरों से सप्लाई शुरू और दबंग के कब्जे से बोर कराया मुक्त
शिवपुरी। शहर में गहराते जल संकट से निपटने के लिए नगर पालिका प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। आमजन को पानी की किल्लत से निजात दिलाने के लिए नगर पालिका सीएमओ इशांक धाकड़ खुद मैदान में उतर चुके हैं। बैठकों के दौर के साथ-साथ जमीनी स्तर पर हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सीएमओ ने आज शहर के चारों जोनों का तूफानी दौरा कर पेयजल व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया।
28 टैंकरों से वार्ड, बड़े टैंकरों से भरे जाएंगे संपवैल
सीएमओ इशांक धाकड़ ने बताया कि शहर के विभिन्न वार्डों में पानी की निर्बाध सप्लाई के लिए 28 टैंकर मैदान में उतार दिए गए हैं। इनमें 24,000 लीटर क्षमता वाले 6 बड़े टैंकर विशेष रूप से शामिल हैं, जो लगातार संपवैल को रीचार्ज करेंगे ताकि मुख्य सप्लाई व्यवस्था प्रभावित न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आवश्यकता पड़ी तो टैंकरों की संख्या और बढ़ाई जाएगी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ठेकेदारों को सख्त लहजे में निर्देशित किया कि यदि कहीं मोटर खराब होती है या पाइप बढ़ाने की जरूरत है, तो तत्काल कार्रवाई की जाए; इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
दबंग के कब्जे से मुक्त कराया बोर, फल मंडी में बढ़े पाइप
नगर पालिका की इस मुहिम में उन वार्डों को प्राथमिकता दी जा रही है जहाँ बोर या पाइपलाइन की सुविधा नहीं है। एक बड़ी कार्रवाई के तहत वार्ड 29 और 30 में भूरा बाथम नाम के व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से कब्जे में लिए गए बोर को सीएमओ धाकड़ ने मौके पर पहुंचकर तत्काल मुक्त कराया, जिससे अब वहां जनता को पानी मिल सकेगा। इसके अलावा, पूरे शहर की जलापूर्ति को प्रभावित करने वाले फल मंडी स्थित मुख्य बोर में भी नए पाइप डलवाकर उसकी क्षमता बढ़ाई गई है।
मंगलवार से मिलेगी बड़ी राहत
सीएमओ ने शहरवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि आगामी मंगलवार से शहर में मणिखेड़ा जल आवर्धन योजना की सप्लाई पूरी तरह सुचारू हो जाएगी। साथ ही नई मोटरें आते ही पेयजल व्यवस्था और अधिक मजबूत हो जाएगी।
सीएमओ इशांक धाकड़ की इस त्वरित कार्यप्रणाली और मुस्तैदी की शहरवासी जमकर सराहना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर अधिकारी इसी तरह फील्ड में डटे रहे, तो शहर को भीषण गर्मी में भी जल संकट का अहसास नहीं होगा।
पानी रोका तो सीधे होगी 2 साल की जेल, शिवपुरी में जल संकट के बीच कलेक्टर का हंटर चला!
मड़ीखेड़ा पंपिंग स्टेशन की मोटर खराब होने से शिवपुरी में गहराए जल संकट के बीच प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। शहर में जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एसडीएम आनंद सिंह राजावत ने जनहित में 4 प्रमुख निजी नलकूपों (मुन्ना सूद, सरमन कुशवाहा, सुनील ओझा और विनोद राठौर) का 10 दिनों के लिए अधिग्रहण कर लिया है।
इन नलकूपों का उपयोग 24,000 और 25,000 लीटर क्षमता के टैंकरों को भरने के लिए किया जाएगा। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जलापूर्ति में बाधा डालने या आदेश का उल्लंघन करने पर मध्य प्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम के तहत 2 साल की जेल और जुर्माना हो सकता है।
कलेक्टर श्री वर्मा के कुशल नेतृत्व में शिवपुरी की पेयजल व्यवस्था को मिली नई दिशा
मड़ीखेड़ा पंपिंग स्टेशन की तकनीकी समस्या के बावजूद आमजन को राहत पहुंचाने के लिए युद्धस्तर पर किए जा रहे प्रयास
 भीषण गर्मी और बढ़ती पेयजल मांग के बीच शिवपुरी शहर में उत्पन्न जल संकट से निपटने के लिए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा व्यापक और प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। शहर की पेयजल व्यवस्था को सुव्यवस्थित एवं सुचारू बनाए रखने के लिए कलेक्टर श्री वर्मा स्वयं लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं तथा विभिन्न स्तरों पर आवश्यक निर्णय लेकर व्यवस्थाओं को मजबूत बना रहे हैं।
मड़ीखेड़ा पंपिंग स्टेशन की मोटर में आई तकनीकी खराबी के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री वर्मा ने जनप्रतिनिधियों, नगर पालिका अधिकारियों और संबंधित विभागों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में शहर की पेयजल व्यवस्था को सुधारने और नागरिकों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
पेयजल व्यवस्था की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त
जलापूर्ति व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा ने अपर कलेक्टर श्री दिनेश शुक्ला को पेयजल व्यवस्था का नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। इसके साथ ही वार्डवार निरीक्षण, सतत निगरानी, समन्वय और त्वरित समस्या समाधान के लिए विभिन्न अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह व्यवस्था प्रशासन की जवाबदेही और निगरानी तंत्र को और अधिक मजबूत बनाएगी।














© all rights reserved by Vipin Shukla @ 2020
made with by rohit Bansal 9993475129