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#धमाका_न्यूज: मथुरा के बरसाना की तर्ज पर शहर के राजपुरा रोड पर खेली लट्ठमार होली

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शिवपुरी। शिवपुरी शहर के राजपुरा रोड पर यादव समाज ने फाल्गुन माह में मथुरा-बरसाना की तर्ज पर लट्ठमार होली खेली।  महिलाओं द्वारा पुरुषों पर लाठियों से प्रतीकात्मक प्रहार किया गया। 
 यह आयोजन फाल्गुन माह में मथुरा-बरसाना की तर्ज पर यादव समाज द्वारा शुक्रवार 6 मार्च 2026 को पारंपरिक लट्ठमार होली का आयोजन राजपुरा रोड पर किया गया। इस अनूठी परंपरा में महिलाएं पुरुषों (हुरियारों) पर लाठियां बरसाती हैं, जबकि पुरुष ढाल से अपना बचाव करते हैं। यह आयोजन शहर में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।














#धमाका_डिफरेंट: विधायक रमेश खटीक ने हाथ में क्या ली शराब की बोतल, फोटो हो गया vairal, विधायक बोले, "होली मिलन में कार्यकर्ताओं को पार्टी करने दी थी शराब'

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शिवपुरी। होली जैसा रंगीन त्यौहार हो और लोग मदहोश होने का मौका हाथ से जाने दें ऐसा संभव नहीं, शराब के शौकीन किसी भी तरह बोतल हासिल कर लेते हैं। एक ऐसा ही मामला सुर्ख़ियों में आ गया जब करेरा के विधायक रमेश प्रसाद खटीक के हाथ में शराब की बोतल लिए फोटो वायरल हो गया। जैसे ही फोटो वायरल हुआ तो विधायक को सफाई भी देना पड़ी। विधायक ने इस फोटो को लेकर मीडिया से कहा कि 'कार्यकर्ता हैं, नहीं मानते, पार्टी के लिए दी थी शराब'। 
दरअसल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए फोटो में शिवपुरी जिले की करैरा सीट से भाजपा विधायक रमेश खटीक हाथ में शराब की बोतल लिए नजर आ रहे हैं। इस फोटो के बारे में जब विधायक रमेश खटीक से बात की गई तो उनका कहना है कि "होली जैसे त्यौहार पर कार्यकर्ता पार्टी के लिए जिद करते हैं, तो उनको शराब देते समय किसी ने फोटो लेकर डाल दिया। बाकी कोई बड़ी बात नहीं है। फोटो होली मिलन समारोह के दौरान का है।"
सोशल प्लेटफॉर्म के साइड इफेक्ट, सावधानी हटी, दुर्घटना घटी
जानकारी के मुताबिक गुरुवार को करैरा विधायक रमेश खटीक ने अपने मगरौनी नरवर स्थित निवास पर होली मिलन समारोह का आयोजन किया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विधायक के समर्थक व कार्यकर्ता आए थे। कार्यक्रम में जब विधायक उन सभी से मुलाकात कर रहे थे और उसी वक्त विधायक के हाथ में शराब की बोतल थी तभी किसी कार्यकर्ता ने फोटो खींच लिया। फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया जो तेजी से वायरल हो गया। पोस्ट करने वाले दिनारा के कार्यकर्ता रामसिया परिहार जो कि विधायक प्रतिनिधि हैं। उन्होंने भी यह ध्यान नहीं दिया कि विधायक के हाथ में शराब की बोतल है। कुलमिलाकर सोशल प्लेटफॉर्म के साइड इफेक्ट के तौर पर ये फोटो वायरल हुआ है, जिसमें सावधानी हटी, दुर्घटना घटी।














#धमाका_अच्छी_खबर: "शिवपुरी पब्लिक स्कूल के दो पूर्व छात्रों दीपक कोरकू और भूपेंद्र सिंह धाकड़ ने UPSC में मारी बाजी, एसपीएस स्कूल के साथ जिले का बढ़ाया मान

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शिवपुरी। शहर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान शिवपुरी पब्लिक स्कूल (SPS) के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। विद्यालय के दो मेधावी पूर्व छात्रों ने देश की सर्वोच्च सेवा 'संघ लोक सेवा आयोग' (UPSC) की परीक्षा में चयनित होकर विद्यालय और पूरे शिवपुरी जिले का गौरव बढ़ाया है।
सफलता के दो चमकते सितारे
विद्यालय से 12वीं की शिक्षा प्राप्त करने वाले इन दोनों छात्रों ने अपनी कड़ी मेहनत से प्रशासनिक सेवाओं में अपनी जगह पक्की की है:
दीपक कोरकू रैंक 563 (Deepak Korku): शुरू से ही मेधावी छात्र रहे और उनकी इस उपलब्धि ने स्कूल के अन्य विद्यार्थियों के लिए एक मिसाल पेश की ।
भूपेंद्र सिंह धाकड़ रैंक 494 (Bhupendra Singh Dhakad): विद्यालय के एक और होनहार छात्र भूपेंद्र सिंह धाकड़ ने भी अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए UPSC की कठिन चुनौती को पार किया है। भूपेंद्र ने भी इसी विद्यालय से अपनी 12वीं की पढ़ाई पूरी की थी।
शिक्षकों और क्षेत्र में हर्ष की लहर
एक ही विद्यालय से दो-दो छात्रों का देश की सबसे बड़ी परीक्षा में चयन होना शिवपुरी के लिए गर्व की बात है। स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों ने दोनों छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि दीपक और भूपेंद्र की मेहनत आज रंग लाई है।
"दीपक कोरकू और भूपेंद्र सिंह धाकड़ दोनों ने विद्यालय का मान बढ़ाया है। हमें गर्व है कि हमारे द्वारा सींचे गए पौधे आज वटवृक्ष बनकर देश की सेवा के लिए तैयार हैं। यह सफलता वर्तमान छात्रों को भी कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित करेगी।"
इन दोनों अधिकारियों की सफलता शिवपुरी के युवाओं को यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो कोई भी मुकाम हासिल करना असंभव नहीं है।














#धमाका_खास_खबर: केंद्र सरकार ने देश की सभी ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का दिया आदेश

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Delhi दिल्ली। केंद्र सरकार ने इमरजेंसी पावर इस्तेमाल करते हुए देश की सभी ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया है। हालाकि हालात चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि घबराने की जरूरत नहीं है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इसी खतरे को देखते हुए सरकार ने ये आदेश जारी किया। इसमें कहा गया है कि अब रिफाइन कंपनियां प्रोपेन और ब्यूटेन का इस्तेमाल सिर्फ रसोई गैस बनाने के लिए करेंगी। माना जा रहा है कि अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग अगर बढ़ी तो भारत में रसोई गैस की किल्लत बढ़ सकती है। इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने सभी कंपनियों को प्रोपेन और ब्यूटेन की सप्लाई सरकारी तेल कंपनियों को के निर्देश दिए हैं।
सरकारी तेल कंपनियों में इंडियन ऑयल (IOC), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) शामिल है। इसका मकसद कंज्यूमर्स को बिना रुकावट गैस सिलेंडर की सप्लाई सुनिश्चित किया जाना है।
सप्लाई संकट की 2 वजह
1. 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' का लगभग बंद होना
भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' का बंद होना है। ये करीब 167 किमी लंबा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। ईरान जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं रहा है। खतरे को देखते हुए कोई भी तेल टैंकर वहां से नहीं गुजर रहा। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश भी अपने निर्यात के लिए इसी पर निर्भर हैं। भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% एलएनजी इसी रास्ते से मंगाता है। ईरान खुद इसी रूट से एक्सपोर्ट करता है।
प्लांट पर ड्रोन हमले से LNG का प्रोडक्शन रुका
पिछले हफ्ते अमेरिका-इजराइल ने ईरान पर स्ट्राइक की थी। इसके जवाब में ईरान ने UAE, कतर, कुवैत और सऊदी जैसे देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और पोर्ट्स को निशाना बनाया है।
ईरान के ड्रोन हमले के बाद भारत को गैस सप्लाई करने वाले सबसे बड़े देश कतर ने अपने LNG प्लांट का प्रोडक्शन रोक दिया है। इससे भारत में गैस की सप्लाई घट गई है। भारत अपनी जरूरत की 40% LNG (करीब 2.7 करोड़ टन सालाना) कतर से ही आयात करता है।
सरकार के आदेश का प्राइवेट कंपनियों पर असर
सरकार के इस फैसले का सीधा असर प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों, खासकर रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) पर पड़ सकता है। प्रोपेन और ब्यूटेन का डायवर्जन होने से अल्काइलेट्स के प्रोडक्शन में कमी आएगी, जिसका इस्तेमाल पेट्रोल की ग्रेडिंग सुधारने में किया जाता है।
एक्सपर्ट्स और ट्रेड सोर्सेज का कहना है कि प्रोपेन और ब्यूटेन को पेट्रोकेमिकल के बजाय LPG बनाने में इस्तेमाल करने से कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ेगा। पॉलीप्रोपाइलीन और अल्काइलेट्स जैसे पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स LPG के मुकाबले बेहतर कीमत पर बिकते हैं।
इधर CNG कंपनियों ने सरकार को दी संकट की चेतावनी
गैस की किल्लत को देखते हुए 'एसोसिएशन ऑफ सीजीडी एंटिटीज' (ACE) ने सरकारी कंपनी गेल (GAIL) को पत्र लिखकर स्पष्ट राय मांगी है। कंपनियों का कहना है कि अगर कतर से आने वाली सस्ती गैस नहीं मिली, तो उन्हें 'स्पॉट मार्केट' से महंगी गैस खरीदनी पड़ेगी।
कीमतों में अंतरः स्पॉट मार्केट में गैस की कीमत फिलहाल 25 डॉलर प्रति यूनिट पहुंच गई है, जो कॉन्ट्रैक्ट वाली गैस से दोगुनी से भी ज्यादा है।
EV में शिफ्ट होंगे लोगः कंपनियों को डर है कि अगर CNG के दाम बढ़े, तो लोग परमानेंटली EV की ओर शिफ्ट हो जाएंगे, जिससे गैस सेक्टर को नुकसान होगा।
रूस पर निर्भरताः भारत अब अपनी जरूरत का 20% कच्चा तेल रूस से मंगा रहा है (फरवरी में 10.4 लाख बैरल प्रतिदिन), जो होर्मुज रूट पर निर्भरता कम करता है।
पर्याप्त भंडारः सूत्रों के अनुसार, देश के पास वर्तमान में पेट्रोलियम और LPG का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। MRPL जैसी रिफाइनरियों के बंद होने की खबरें महज अफवाह हैं।















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