शिवपुरी। नगर के डाक बंगला उप केंद्र से जुड़े विवेकानंद कॉलोनी, डीजे कोठी एरिया, सहगल टेन्ट हाउस इत्यादि आस पास क्षेत्र में 21 फरवरी को बिजली सप्लाई नहीं की जाएगी। सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक विवेकानंद फीडर की बिजली बंद रहेगी।
शिवपुरी। शहर की बदहाली की बहुत हद तक नगर पालिका ही जिम्मेदार है यह कहना गलत नहीं है। नगर की प्रमुख सड़कों का जो निर्माण पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने बड़ी मुश्किल से करवाया था उन सड़कों को मड़ीखेड़ा की लाइन बिछाने के नाम और खुद नपा के इंजीनियरों ने निपटा डाला है। सदर बाजार, प्रगति बाजार, निचला बाजार, कस्टम् गेट रोड तो पानी की लाइन बिछाने के लिए इंजीनियर सचिन चौहान की टीम ने निपटा डाली हैं। कुछ इसी तरह का हाल नगर के ग्वालियर बायपास का करके छोड़ दिया है। बीते दिनों मड़ीखेड़ा की लाइन बदलने के लिए यहां सड़क खोदी गई थी। बाद में मिट्टी की अट्टालिकाएं यहां नजर आती रही यानि कि सड़क खोदने के पहले जैसी थी वैसी नहीं की और अब लोग परेशान हो रहे हैं। सड़क का समतलीकरण तक नहीं किया गया है।
आज रात को फंस गया ट्रक
आज शुक्रवार की रात दस बजे ग्वालियर बायपास शिवपुरी रोड पर एक ट्रक इसी गड्ढे दार सड़क में फंस गया। जिसे मुश्किल से निकाला जा सका। नगर के लोग नगर पालिका को कई तरह की नवीन गालियों से अलंकृत करते दिखाई दे रहे हैं।
Bhopal भोपाल। भोपाल में रील बनाने के चक्कर में एक युवक चलती कार की छत पर चढ़ गया था जिसका video vairal हुआ। पुलिस सक्रिय हुई और उसने स्टंट करने वाले युवक श्रेष्ठ परमार को आज 20 फरवरी 2026 को गिरफ्तार कर लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में आरोपी युवक रात के समय चलती सफेद रंग की कार का स्टेयरिंग छोड़कर, दरवाजा खोलकर सीधे कार की छत पर खड़ा हो गया था। जिस दौरान युवक छत पर खड़ा था, कार बिना किसी कंट्रोल के सड़क पर दौड़ रही थी, जिससे बड़ी दुर्घटना होने की संभावना थी।वीडियो वायरल होने के कुछ ही घंटों के भीतर भोपाल पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और आरोपी को हिरासत में ले लिया।भोपाल पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर लोकप्रियता के लिए अपनी और दूसरों की जान जोखिम में न डालें।
शिवपुरी। पाठकों गिद्ध हमारे पर्यावरण को साफ रखने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे मृत जानवरों को खाकर पर्यावरण को स्वच्छ रखते हैं। इसीलिए
इनकी महत्ता सदैव से रही है। इसी क्रम में सरकार समय समय पर इनकी मौजूदगी परखती रही है। 2024 में प्रदेश में 10845 गिद्ध थे जो बढ़कर 2025 में बढ़कर 12,981 हो गई और गिद्धों की इस संख्या के साथ भारत में मध्यप्रदेश शीर्ष राज्य बना हुआ है। यही कारण है कि इन दिनों प्रदेश में गिद्धों की संख्या और उनकी स्थिति का आंकलन करने के लिये गिद्ध गणना की जा रही है। मध्यप्रदेश में पहली बार
मोबाइल ऐप से गिद्धों की गिनती हो रही है। यह प्रदेशव्यापी शीतकालीन गिद्ध गणना वर्ष 2025-26 के लिए आयोजित की गई है। इस नई तकनीक से गिद्धों की गणना में पारदर्शिता आएगी और समय की बचत होगी। मध्यप्रदेश वन विभाग द्वारा राज्य स्तरीय गिद्ध गणना 20, 21 और 22 फरवरी 2026 को आयोजित की जा रही है।
तकनीक का इस्तेमाल
इस वर्ष गणना के लिए पहली बार 'Epicollect5' नामक मोबाइल ऐप का उपयोग किया जा रहा है, जिससे डेटा संग्रहण में पारदर्शिता और सटीकता आएगी।
शिवपुरी जिला भी पीछे नहीं
बात करें तो मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में भी गिद्ध की मौजूदगी परखी जा रही है। ज्ञात रहे कि शिवपुरी स्थित नयागांव सतनवाड़ा गिद्धों के संरक्षण और गणना के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। सतनवाड़ा और माधव नेशनल पार्क क्षेत्र के वन अधिकारियों, कर्मियों को गिद्धों की पहचान और ऐप के संचालन के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। सतनवाड़ा क्षेत्र की ऊंची चट्टानें और घने जंगल गिद्धों के प्राकृतिक आवास के लिए अनुकूल हैं। नयागांव सतनवाड़ा जैसे क्षेत्रों में मुख्य रूप से भारतीय गिद्ध (Long-billed Vulture) और सफेद पीठ वाले गिद्ध (White-rumped Vulture) देखे जाते हैं।
रेंजर माधव सिकरवार ने कैमरे में किए गिद्ध कैद
सतनवाडा रेंजर माधव सिकरवार ने गड्ढों को अपने कैमरे में कैद किया है। उन्होंने बताया कि गिद्धों की गिनती की जा रही है। उम्मीद है कि प्रदेश के साथ शिवपुरी भी अग्रणी स्थान पर रहेगा। इस खास खबर के सृजन में उनके हाथों से लिए गये फोटो आपके लिए उपलब्ध हैं।