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#मामा_का_धमाका_न्यूज: शिवपुरी में NEET महासंकट: आफत बनी दोबारा परीक्षा, ग्वालियर की जगह इंदौर बदला सेंटर, बेबस छात्र और आक्रोशित अभिभावक बोले— "धिक्कार है नेताओं पर!"

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शिवपुरी। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG 2026) की पुनः परीक्षा शिवपुरी के हजारों होनहार छात्र-छात्राओं और उनके परिवारों के लिए मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सबब बन चुकी है। 3 मई को हुए पेपर लीक के चलते राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की भारी नाकामी का खामियाजा अब शिवपुरी के उन मासूम बच्चों को भुगतना पड़ रहा है, जिनका परीक्षा केंद्र एन वक्त पर ग्वालियर से बदलकर 400 किलोमीटर दूर इंदौर फेंक दिया गया है।
इस घोर कुप्रबंधन से गुस्साए अभिभावकों का सब्र का बांध टूट गया है, और उन्होंने खुलेआम स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा है— "धिक्कार है शिवपुरी की ऐसी रीढ़विहीन नेता नगरी पर, जो अपने जिले में एक स्थायी परीक्षा केंद्र तक नहीं टिकवा सकती!" अफसोस जनक है कि न सिर्फ नीट बल्कि ssc सहित अन्य परीक्षा देने के लिए भी विद्यार्थियों को ग्वालियर इंदौर दौड़ना पड़ता है। 
'सफर' नहीं, 'सजा' बन गई परीक्षा
ट्रेन और बसें फुल, टिकटों के लिए हाहाकार21 जून 2026 को होने वाली परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्रों को जो एडमिट कार्ड और सिटी स्लिप थमाई गई है, उसने उनके होश उड़ा दिए हैं। छात्र संकल्प भार्गव, देशु खटीक आदि ने बताया कि पहले कहा था कि जो परीक्षा केंद्र है वही रखा जाएगा। उसके अनुसार हमें ग्वालियर जाना था लेकिन आज जब पिता पवन भार्गव ने एडमिट कार्ड निकलवाया तो इंदौर केंद्र निकला। जब बस की बुकिंग करनी चाही तो पता लगा पूरी फुल हो चुकी हैं। अब एक दिन पहले अपने निजी साधन से जाना होगा। जो काफी महंगा है। फिर होटल में दो दिन रुकना, खाना आदि पर भारी खर्च होना तय है। उपर से पढ़ाई कैसे होगी ये समझ नहीं आ रहा।
वेटिंग लिस्ट का संकट
शिवपुरी से इंदौर जाने वाली सभी ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट चल रही है। तत्काल कोटा मिनटों में फुल हो गया।
बसों की मनमानी: निजी बस संचालकों ने मजबूरी का फायदा उठाकर टिकटों के दाम आसमान पर पहुंचा दिए हैं।अभिभावकों की लाचारी: कई परिवारों के पास इतने पैसे नहीं हैं कि वे निजी गाड़ियां बुक कर सकें। माता-पिता सवाल उठा रहे हैं कि इस भीषण गर्मी में बच्चे 400 किमी का सफर धक्के खाकर तय करेंगे या चैन से परीक्षा देंगे? आखिर परीक्षा की सफलता पर ग्रहण लगाकर रख दिया है।
अशोकनगर, दतिया को केंद्र मिला, तो शिवपुरी से यह सौतेला व्यवहार क्यों?स्थानीय नागरिकों और फेसबुक (Facebook) पर आक्रोशित युवाओं के अनुसार, पड़ोसी जिलों जैसे गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना और दतिया तक में नीट परीक्षा के सेंटर बनाए जा सकते हैं, तो शिवपुरी को इस सूची से बाहर क्यों रखा गया?
शिवपुरी में बड़े नेताओं और मंत्रियों की फौज 
शिवपुरी में बड़े नेताओं और मंत्रियों की फौज होने के बावजूद, जब भी राष्ट्रीय स्तर की किसी परीक्षा (जैसे NEET, JEE या अन्य) की बारी आती है, तो यहाँ के बच्चों को ग्वालियर, कोटा, या भोपाल भागने के लिए मजबूर कर दिया जाता है। छात्र संगठनों का कहना है कि नेताओं की इस कमजोरी के कारण शिवपुरी आज भी शिक्षा और परीक्षा सुविधाओं के मामले में पिछड़ रहा है।
व्यवस्था फेल, पर पहरा सख्त:
 21 जून को कड़े सुरक्षा इंतजामएक तरफ छात्र परिवहन की मार झेल रहे हैं, तो दूसरी तरफ मोहन यादव सरकार और एनटीए ने परीक्षा को लेकर सुरक्षा कड़ी कर दी है:
जैमर की तैनाती: इंदौर के सभी परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल सिग्नल ब्लॉक करने के लिए जैमर लगाए जा रहे हैं ताकि इस बार दोबारा कोई पेपर लीक की साजिश न रच सके।
कड़ी चेकिंग: परीक्षा केंद्रों पर मेटल डिटेक्टर, बायोमेट्रिक पहचान और कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
अपील: प्रशासन ने छात्रों से समय से काफी पहले इंदौर पहुँचने की अपील की है, लेकिन सवाल वही है कि जब जाने का रास्ता ही सुलभ नहीं है, तो छात्र समय पर कैसे पहुंचेंगे?
आक्रोशित जनता की मांग: शिवपुरी के छात्र अब सिर्फ परीक्षा नहीं दे रहे, बल्कि वह इस पूरे सिस्टम की विफलता और मानसिक तनाव से लड़ रहे हैं। अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही शिवपुरी को स्थायी परीक्षा केंद्र घोषित नहीं किया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर सरकार और स्थानीय नेताओं के खिलाफ उग्र आंदोलन छेड़ेंगे।


#मामा_का_धमाका_न्यूज: अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर कलेक्टर अर्पित वर्मा ने दिए निर्देश, आकस्मिक छापामारी होगी

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shivpuri शिवपुरी। अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा ने निर्देश जारी किए है। जिले के नगरीय निकाय क्षेत्रों एवं उनसे लगे ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित अस्पतालों, होटलों तथा मिश्रित अधिभोग जैसे शॉपिंग काम्पलेक्स, मॉल, मल्टीप्लेक्स, सिनेमा हॉल, मैरिज गार्डन एवं रेस्तरां और पार्किंग एरिया इत्यादि स्थलों वाले भवनों में शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों का पालन सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण दल का गठन किया है।
गठित दल का उद्देश्य संभावित अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम, फायर सेफ्टी मानकों का पालन सुनिश्चित करना तथा संबंधित संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण करना है। दल द्वारा अस्पताल, होटल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मॉल, मल्टीप्लेक्स, सिनेमा हॉल, मैरिज गार्डन, रेस्टोरेंट एवं पार्किंग क्षेत्र सहित विभिन्न सार्वजनिक उपयोग के परिसरों का आकस्मिक निरीक्षण किया जाएगा।
अनुविभागीय अधिकारी (SDM) राजस्व होंगे नोडल अधिकारी
गठित दल में संबंधित अनुभाग के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। नगरीय क्षेत्रों के लिए संबंधित नगर पालिका अथवा नगर परिषद के मुख्य नगरपालिका अधिकारी तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए संबंधित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहायक नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे। इसके अतिरिक्त संबंधित तहसीलदार, थाना प्रभारी, लोक निर्माण विभाग के उपयंत्री तथा नगर निकाय एवं जनपद पंचायत के उपयंत्री दल के सदस्य रहेंगे।
फायर सेफ्टी मानकों के पालन पर रहेगा विशेष फोकस
राष्ट्रीय भवन संहिता के प्रावधानों के अनुसार 15 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले भवन, एक तल पर 500 वर्ग मीटर से अधिक निर्मित क्षेत्रफल वाले भवन तथा 20 से अधिक बिस्तरों वाले अस्पताल एवं होटल अग्नि सुरक्षा संबंधी मानकों के दायरे में आते हैं। ऐसे भवनों में निर्धारित अग्नि सुरक्षा उपायों का पालन करना अनिवार्य है।
निरीक्षण के निर्देश
कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा ने दल को स्थलों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए है। दल संबंधित अधिभोगियों एवं व्यावसाईयों को फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र प्राप्त करने हेतु आवश्यक कार्यवाही करेगा।














#मामा_का_धमाका_न्यूज: नागरिकों को आधार सेवाओं का सम्पूर्ण लाभ दिया जाए, कलेक्टर अर्पित, स्कूलों में लगेंगे शिविर

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shivpuri शिवपुरी। नागरिकों को आधार सेवाओं का सुलभ, त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा की अध्यक्षता में आज जिला स्तरीय आधार निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आधार सेवाओं की प्रगति, लंबित प्रकरणों के निराकरण तथा विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। 
स्कूलों में लगेंगे शिविर
 5 वर्ष एवं 15 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट कराना अनिवार्य है। इसके लिए जुलाई एवं अगस्त माह में जिले के सभी विद्यालयों में विशेष शिविर आयोजित कर बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।














#मामा_का_धमाका_न्यूज: बहुचर्चित उत्कर्ष शिवहरे आत्महत्या केस, पत्नी सहित 5 पर केस दर्ज, फर्जी दस्तावेज किए थे कोर्ट में पेश

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शिवपुरी। बहुचर्चित उत्कर्ष शिवहरे आत्महत्या मामले में नया मोड़ आ गया है। कोतवाली पुलिस ने जांच के बाद उत्कर्ष की पत्नी रिया शिवहरे सहित पांच लोगों के खिलाफ कथित फर्जी दस्तावेजतैयार कर न्यायालय में पेश करने को लेकर केस दर्ज किया है। आरोप है कि आरोपियों ने जमानत प्राप्त करने के लिए कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। जानकारी के अनुसार, उत्कर्ष शिवहरे ने शादी के करीब एक साल बाद 19 अप्रैल 2026 को आत्महत्या कर ली थी। मामले में फिजिकल थाना पुलिस ने रिया शिवहरे, उनके पिता जितेंद्र शिवहरे, भाई ध्रुव शिवहरे सहित अन्य के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का प्रकरण दर्ज किया था। 
आवेदन में लगाया गया था फर्जी दस्तावेज
आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले की सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से न्यायालय में एक आवेदन प्रस्तुत किया गया था। इसमें दावा किया गया था कि घटना वाले दिन सुबह 10:15 बजे रिया शिवहरे ने भोपाल के गौतम नगर थाने में ससुराल पक्ष की प्रताड़ना को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। इसी दस्तावेज का उल्लेख जमानत आवेदन में भी किया गया था। दस्तावेज की सत्यता की जांच के दौरान मामला संदिग्ध पाया गया। कोतवाली पुलिस ने गौतम नगर थाना भोपाल से जानकारी जुटाई। जांच में सामने आया कि जिस समय शिकायत दर्ज कराने का दावा किया गया था, उस दौरान रिया शिवहरे के थाने पहुंचने के कोई साक्ष्य सीसीटीवी फुटेज में नहीं मिले। इसके अलावा पुलिस रिकॉर्ड और संबंधित अधिकारियों के बयानों में भी कई विसंगतियां पाई गईं। पांच लोगों के खिलाफ नया अपराध दर्ज पुलिस जांच में प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि आरोपियों ने जमानत हासिल करने के उद्देश्य से कथित रूप से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत किए। इसके आधार पर कोतवाली पुलिस ने गीता शिवहरे, रिया शिवहरे, जितेंद्र शिवहरे, ध्रुव शिवहरे और रियम शिवहरे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत नया प्रकरण दर्ज किया है। मामला अब केवल आत्महत्या के लिए उकसाने तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि इसमें न्यायालय को कथित रूप से गुमराह कर जमानत हासिल करने के गंभीर आरोप भी जुड़ गए हैं। पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।
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