-अपने साथ हुए भेदभाव को वर्षों से सहन करते आ रहे बैच 2013 के परीक्षण सहायकों ने उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री भारत सिंह कुशवाह को दिया ज्ञापन, मांगा न्याय
ग्वालियर। आज दिनांक 9-01-2021 को विद्युत कर्मचारी संघ फैडरेशन के क्षेत्रीय सचिव एलकेदुबे के मार्गदर्शन में परिक्षण सहायक नियमित बैच 2013 की प्रतीक्षा सूची से संविदा में नियुक्त किये गये कर्मचारियों ने भारत सिंह कुशवाह उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री म.प्र.शासन को व्ही.आई.पी.गेस्ट हाउस मुरार में ज्ञापन दिया। साथ ही संज्ञान में लाया गया कि वर्ष 2013 में नियमित परीक्षण सहायक के 1339 नियमित पद विज्ञापित किए गए थे जिसमें सभी कंपनियों ने आवश्यकता अनुरूप परीक्षण सहायक नियमित की भर्ती की थी किंतु मध्य क्षेत्र कंपनी के द्वारा नियमित परीक्षण सहायक की भर्ती के उपरांत प्रतीक्षा सूची के शेष उम्मीदवारों को भर्ती प्रक्रिया के नियमों की अवहेलना करते हुए संविदा पर भर्ती किया गया था। मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल द्वारा नोडल एजेंसी के रूप में सभी वितरण कंपनियों हेतु भर्तियां विज्ञापित की गई थी रिक्तियों के अनुसार क्रमशः पूर्व क्षेत्र कंपनी में 652, मध्य क्षेत्र कंपनी में 254 एवं पश्चिम क्षेत्र कंपनी में 433 नंबर पदों हेतु विज्ञापन जारी किया गया था। जिस हेतु इच्छुक उम्मीदवारों ने "नियमित भर्ती" हेतु आवेदन किया था जिसके पश्चात परीक्षण सहायक नियमित पद की लिखित एवं साक्षात्कार परीक्षा के उपरांत चयनित कुल 1339 उम्मीदवारों को नियमित पदों पर नियुक्त किया गया था। यदि केवल वांछित पदों के अनुरूप भर्ती प्रक्रिया संपादित हुई होती तो इसमें कोई समस्या नहीं थी किंतु मध्य क्षेत्र कंपनी द्वारा जारी विज्ञापन में नोट लगाया गया था कि "परीक्षण सहायक के पदों को बढ़ाने एवं घटाने का पूर्ण अधिकार कंपनी का होगा।" "परीक्षण सहायक का कार्य उपकेंद्रों का संचालन होता है जोकि अत्यधिक महत्वपूर्ण एवं जिम्मेदारी वाला, जो कि स्थाई प्रकृति के कार्यों की श्रेणी में आता है।" जान जोखिम वाले स्थाई प्रकृति के कार्यों को संपादित करने हेतु मध्य क्षेत्र कंपनी को विज्ञापित संख्या से अधिक परीक्षण सहायकों की आवश्यकता थी एवं उनके द्वारा जारी *विज्ञापन में उक्त पदों को बढ़ाने एवं घटाने की कंडिका भी सुरक्षित की गई थी किंतु फिर भी मध्य क्षेत्र कंपनी द्वारा नियमों का पालन नहीं किया गया। जबकि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार "एक विज्ञप्ति में एक ही तरह के पद व सेवा शर्तों के अनुसार नियुक्ति किया जाना होता है, परंतु नियमित परीक्षण सहायक की भर्ती में प्रतीक्षा सूची के उम्मीदवारों को संविदा परीक्षण सहायक के रूप में भर्ती किया जाना माननीय सुप्रीम कोर्ट की एवं नियमों की अवहेलना की गई है। "विद्युत फैडरेश इण्टक ग्वालियर के सचिव विद्याकान्त मिश्रा द्वारा बताया गया कि परीक्षण सहायक संविदा बैच 2013 निरंतर 7 वर्षों से अपने साथ हो रहे भेदभाव को सहन करते हुए पूर्ण निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं ,यह कर्मचारी अपमानजनक स्थिति में नौकरी करने को मजबूर हैं ,इनके अपमान का कारण है कि इनके साथ जिन कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी वह आज कंपनी के नियमित कर्मचारी हैं और कंपनी की वेतन भत्तों से लेकर अन्य सुविधाओं को भोग रहे हैं वहीं दूसरी ओर वर्ष 2013 बैच के ही प्रतीक्षा सूची के उम्मीदवारों को 7 वर्ष बीत जाने के पश्चात भी नियमित नहीं किया जा रहा है। जिस संबंध में संगठन द्वारा भारत सिंह कुशवाह उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री म.प्र.शासन को ज्ञापन के माध्यम से उक्त भर्ती प्रक्रिया की गड़बड़ी को बताया गया एवं परीक्षण सहायक नियमित बैच 2013 के प्रतीक्षा सूची से संविदा परीक्षण सहायकों को नियमित करने हेतु अनुरोध किया गया है जिस सम्बंध में मंत्री जी द्वारा संगठन को आश्वस्त किया गया कि परीक्षण सहायकों के साथ हुए अन्याय को लेकर मुख्यमंत्री व ऊर्जा मंत्री को पत्र लिख कर एवं इस सम्बंध में मीटिंग कर जल्द से जल्द न्याय दिलवाया जावेगा।

कोई टिप्पणी नहीं
एक टिप्पणी भेजें