सीधी। यहां नहर में बस गिरने से 53 की मौत हुई है। सीएम शिवराज चौहान बीते रोज शोक जताने पहुंचे थे। उन्हें सीधी के जिस सर्किट हाउस में रुकना पड़ा उसमें रातभर सीएम को मच्छरों ने काटा यहां तक कि पानी की मोटर की आवाज जब देर रात आई तो खुद जाकर मोटर बंद कराई। नतीजे में सर्किट हाउस प्रभारी इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया है। बता दें कि सीएम शिवराज सिंह, सीधी में 16 फरवरी को हुए दर्दनाक बस हादसे के बाद 17 को वहां के हालात जानने पहुंचे थे। दिनभर शिवराज बस हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों से मिलते रहे। जब रात में सर्किट हाउस पहुंचे तो सीएम की नींद मच्छरों ने नहीं लगने दी। रातभर मच्छर काटते रहे। नींद नहीं आई तो आधी रात को ही अधिकारियों की क्लास लगी तब ढाई बजे मच्छर मार दवा छिड़की गई। इसके बाद सर्किट हाउस प्रभारी इंजीनियर बाबूलाल गुप्ता को निलंबित कर दिया गया।
एक तरफ मच्छरों का हमला तो दूसरी तरफ पानी की टंकी ओवर फ्लो
17 फरवरी को रात करीब 10 बजे कलेक्टर कार्यालय में सीएम ने अधिकारियों की बैठक ली। साढ़े ग्यारह बजे जब सर्किट हाउस पहुंचे तो कुछ नेता मिलने पहुंच गए। सूत्रों के अनुसार सीएम शिवराज 12 बजे के आसपास अपने कमरे में आराम के लिए चले गए, लेकिन यहां मच्छरों ने शिवराज को सोने नहीं दिया। यहां मच्छरदानी नहीं थी। आखिर रात ढाई बजे दवा का छिड़काव करवाया गया तो CM को थोड़ा आराम करने का मौका मिला, लेकिन सुबह 4 बजे पानी की टंकी ओवरफ्लो हो गई। आवाज आने से नींद खुल गई तो सीएम खुद उठकर मोटर बंद करवाने गए। मोटर बंद करने का सिस्टम भी सरकारी हालात बयान कर रहा था। सर्किट हाउस में परेशानियों से भरी रात गुजारने के बाद शिवराज भोपाल रवाना हो गए।
परिजनों ने जड़ी शिकायत
शिवराज सीधी में जब मृतकों के परिजनों से मिले तो उन्हें पता चला कि लोग सिस्टम से नाराज हैं। CM ने अधिकारियों की बैठक मेें यह बात कही। उन्होंने कहा कि अधिकारी सतर्क रहते तो ये हादसा होता ही नहीं। कहा जा रहा है कि इस रवैये से सीएम नाराज हैं। देखना होगा कि सीधी कलेक्टर रवींद्र चौधरी और एसपी पंकज कुमावत पर भी तो कहीं एक्शन नहीं लिया जा रहा !
इंजीनियर के निलंबन में लिखी यह बात
शुक्रवार को इंजीनियर बाबूलाल का निलंबन आदेश जारी करते हुए रीवा संभागीय आयुक्त राजेश कुमार जैन ने लिखा है कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के उप-इंजीनियर बाबूलाल गुप्ता को सर्किट हाउस में वीआईपी के रहने के बारे में बताया गया था, इसके बाद भी हमें खराब स्वक्षता, कुप्रबंधन और मच्छरों की शिकायत मिली। प्रोटोकॉल के अनुसार सर्किट हाउस में व्यवस्थाएं नहीं मिली। सब-इंजीनियर बाबूलाल गुप्ता ने जिला प्रशासन की छवि तो धूमिल की ही निर्देशों का पालन करने में भी विफल रहे। गुप्ता को मध्य प्रदेश सिविल सेवा अधिनियम 1966 के अनुसार अपने सरकारी कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही के लिए निलंबित किया जाता है।
इधर कॉंग्रेस ने कसा तंज
सब इंजीनियर के निलंबन को लेकर विपक्ष ने बीजेपी पर हमला बोल दिया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अजय यादव ने कहा कि सीएम श्रद्धांजलि देने के लिए गए थे या फिर पर्यटन पर। सीधी में 52 लोगों की जान चली गई, लेकिन सीएम और जिला प्रशासन को मच्छरों और ओवर फ्लो पानी की टंकी को लेकर ज्यादा चिंतित हैं।

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