शिवपुरी। हिन्दू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व होता है, कहा जाता है कि इस दिन पवित्र तीर्थों में स्नान करने, दान और ध्यान करने से पुण्य फलों की प्राप्ति होती है। पं. लक्ष्मीकांत शर्मा ने बताया कि वैसे तो साल में 12 पूर्णिमा तिथियां होती हैं, जिसमें पूर्ण चंद्रोदय होता है लेकिन माघ महीने की पूर्णिमा का अपना अलग महत्व है, माघ महीने की पूर्णिमा को माघ पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है, इस दिन लोग पवित्र तीर्थों और मुख्य रूप से गंगा, नर्मदा, छिप्रा, यमुना जी में स्नान करते हैं, साथ ही इस दिन भगवान विष्णु जी की पूजा की जाती है *ॐ नमो भगवते वासुदेवाय* मंत्र का जप करना चाहिए।
पूर्णिमा तिथि को बेहद शुभ माना जाता है, हर माह के शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि को पूर्णिमा तिथि होती है इस साल माघ मास की पूर्णिमा आज है, आज के दिन दान पुण्य और स्नान करने का विशेष महत्व है, कहा जाता है कि माघी पूर्णिमा या माघ पूर्णिमा के दिन चन्द्रमा अपनी पूर्ण कलाओं के साथ उदित होता है।
माघ पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त
माघ पूर्णिमा के दिन शुभ मुहूर्त में पूजन और ईश्वर का ध्यान करना अति उत्तम माना जाता है, आज माघ पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त इस प्रकार है- पूर्णिमा तिथि आरंभ- 26 फरवरी 2021 (शुक्रवार) को दोपहर 03 बजकर 49मिनट से प्रारंभ होकर आज 27 फरवरी 2021 (शनिवार) को दोपहर 01 बजकर 46 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि 27 फरवरी को है, इसलिए इस दिन मुख्य रूप से पूर्णिमा तिथि मनाई जाएगी !
क्यों शुभ माना जाता है पवित्र नदियों में स्नान
कहा जाता है कि इस दिन पवित्र नदी जैसे गंगा, नर्मदा, छिप्रा में स्नान करने से और दान पुण्य करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है, इसी वजह से माघ पूर्णिमा के दिन काशी, प्रयागराज और हरिद्वार जैसे तीर्थ स्थानों में स्नान करने का विशेष महत्व बताया गया है, हिन्दू मान्यता के अनुसार माघ पूर्णिमा पर स्नान करने वाले लोगों पर भगवान विष्णु जी मुख्य रूप से प्रसन्न होते हैं और उन्हें सुख सौभाग्य और धन-संतान तथा मोक्ष प्रदान करते हैं।

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