शिवपुरी। मड़ीखेड़ा पेयजल परियोजना रह रहकर लोगों को दर्द दे रही है। अधूरे काम के बीच लोगों को पानी के बिल अदा करने के लिए किताब जारी कर दी गई है जबकि मड़ीखेड़ा की सप्लाई कब हो किंतने दिन में हो कोई देखने वाला नहीं है। कहते हैं न कि जबर मारे ओर रोने न दे यही हाल इस योजना का हुआ है। लोगों का कहना है कि एक ओर पाईप लाईन फ़ूटने पर पानी की बर्बादी,,ओर दूसरी ओर बिना नियमित पानी सप्लाई के बिल बसुली कहाँ तक उचित है। एडवोकेट संजीव बिलगैया ने नियमो पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नियमित या दिन तय कर पानी सप्लाई के बाद ही कंपनी या न पा उपभोक्ता से राशि ले सकती है। अब देखना यह है कि नपा क्या कदम उठाती है। बता दें कि मड़ीखेड़ा योजना की सप्लाई 7 दिन 24 घण्टे किये जाने की योजना आरम्भ में तय हुई थी लेकिन लोगों को दिनों के अंतराल में जल सप्लाई हो रहा है।

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