भोपाल। राज्य सरकार ने शुक्रवार को दो बड़े फेरबदल कर डाले। अब भिंड कलेक्टर सतीश कुमार एस होंगे। माना जा रहा है कि भिंड के पूर्व कलक्टर को अवैध उत्खनन के चलते हटाया गया। इधर माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष व 1985 बैच के सीनियर आईएएस अधिकारी राधेश्याम जुलानिया को हटा दिया। उन्हें रिटायरमेंट के पहले मंत्रालय में ओएसडी बना दिया है। इतना ही नहीं ओएसडी के पद को राजस्व मंडल अध्यक्ष के समकक्ष घोषित कर दिया है। माना जा रहा है कि ये गाज मंत्री से अनबन एवम परीक्षा की तारीख, तैयारियों को लेकर लिखे गए 5 पत्रों के जबाव न देने के चलते गिरी। अब जुलानिया की जगह रश्मि अरुण शमी (1994 बैच) को माशिमं अध्यक्ष पद का प्रभार दे दिया है। यह गाज स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) इंदर सिंह परमार से अनबन और विभाग की प्रमुख सचिव रश्मि अरुण शमी के पांच पत्रों का जवाब न देने के चलते गिरी। परीक्षा कराने और समय तय करने के लिए रश्मि अरुण शमी ने माशिमं अध्यक्ष रहे जुलानिया को 30 दिसंबर 2020 को पहला पत्र लिखा। इसका जवाब नहीं मिला तो 8 जनवरी, 15 जनवरी, 23 जनवरी और अंत में 18 फरवरी को पत्र लिखा। कहा जा रहा है कि इनमें से एक पत्र का भी जवाब माशिमं से नहीं आया। इस वजह से परीक्षा के न तो पेपर बने और न ही कोई ब्लू प्रिंट तैयार हुआ। नतीजे में सीबीएसई परीक्षा के साथ माशिमं की परीक्षा तिथि टकराने की स्थिति बन गईं। जुलानिया मई में परीक्षा कराने की तैयारी कर रहे थे, जबकि शासन इससे पहले परीक्षा चाहता था। परीक्षा केंद्रों को पिछले साल की तुलना में घटा दिया गया जिसे बढ़ाना चाहिए था जिससे बच्चों को दूर न जाना पड़े।
परीक्षा का तरीका बदलना चाहते थे जुलानिया
जुलानिया परीक्षा का तरीका बदलने वाले थे। ऑब्जेक्टिव तरीका लाना चाहते थे। इससे ओएमआर शीट से परीक्षा होती। यू-ट्यूब चैनल से पढ़ाने की भी तैयारी थी। तभी निजी स्कूलों के कुछ संचालक ज्ञापन लेकर माशिमं अध्यक्ष से मिले थे कि परीक्षा का तरीका अभी न बदला जाए लेकिन जुलानिया ने इस ज्ञापन को उनके सामने ही फाड़ दिया था। उन्होंने सालों से चली आ रही प्राइवेट काउंसलिंग की व्यवस्था को बंद करके सरकारी काउंसलिंग का सिस्टम बना दिया था। साथ ही कहा था कि बोर्ड में बैठे लोग ही काउंसलिंग करेंगे। इससे सरकार नाखुश थी क्योंकि काउंसलिंग की सालों से चली आ रही व्यवस्था बंद हो गई थी। साथ ही नए तरीके के लिए इस शिक्षण सत्र में समय नहीं था। अब जुलानिया को ओएसडी बनाने से साफ हो गया है कि उनके रिटायरमेंट तक उनके पास कोई काम नहीं रहेगा। वे सितंबर 2021 में सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
भिंड कलक्टर को खनन ले डूबा
इधर भिंड जिले में रेत के अवैध उत्खनन के फेर में भिंड कलेक्टर वीरेंद्र सिंह रावत को हटा दिया है। उन्हें नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण इंदौर का आयुक्त पदस्थ किया है। उनकी जगह स्वास्थ्य विभाग में संचालक सतीश कुमार एस को भिंड कलेक्टर बनाया गया है।

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