पर्देदारी की पर्यायवाची बनी जांच, गलत कौन...?
मुरैना। खाओ कमाओ की नीति पर चलने वाली नौकरशाही वैसे तो किसी न किसी फर्जीबाडे के चलते चर्चाओं में बनी रहती है। भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी का पाठ पढाने में नौकरशाही किसी ट्रेंड शिक्षक से कम नहीं होती। ऐसा ही एक फर्जीबाडे का मामला सामने आया जिसकी शिकायत होने के बावजूद भी आज दिनांक तक फर्जीबाडे में लिप्त सरपंच और सेकेट्री के खिलाफ कार्यवाही नहीं की गई।
मामला ग्राम पंचायत ताजपुर का है जिसमें पंचायत सेकेट्री और सरपंच ने मिलीभगत करके आर्मी में नौकरी करने वाले राजू सिकरवार और एक मृतक देवेन्द्र सिंह सिकरवार का नाम जॉब कार्ड में लिखवाकर मजदूरी के पैसे निकाल लिये गये। इस संबंध में शिकायत भी की गई और शिकायत के आधार पर जांच दल भी गठित हुआ लेकिन आज दिनांक तक उक्त शिकायत का कोई अता पता नहीं चला। उक्त मामले की जांच में पंचायत सेकेट्री सरपंच के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई यह किसी को भी नहीं पता। फर्जीबाडे का प्रमाणित सबूत देने वाली ताजपुर पंचायत के सरपंच और सचिव आज भी पंचायत में हैं और अपनी काली कमाई धडल्ले से कर रहे हैं। सूत्रों द्वारा कथित तौर पर बताया गया है कि उक्त पंचायत में सरपंच और सचिव द्वारा उच्च अधिकारियों को अच्छा खासी रकम पहुंचाई गई है यही वह कारण है कि इनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई। यह तो केवल दो मही मामले थे जिनमें उक्त पंचायत में फर्जीबाडे का मामला सामने आया था। उक्त फर्जीबाडे को लगभग दो साल होने को आ रहे हैं। अधिकारियों का संरक्षण और जांच में कोई कार्यवाही न होने के चलते उक्त पंचायत में सरपंच सचिव द्वारा कितना फर्जीबाडा किया गया होगा इसका कोई अनुमान नहीं है। जानकारी के अनुसार आर्मी में पदस्थ राजू सिकरवार जिनको मनरेगा मजदूर बता कर मास्टर चलाए गए थे और भुगतान किया गया था। उन्होंने तत्कालीन कलेक्टर मुरैना को शिकायती पत्र भेज कर ग्राम पंचायत ताजपुर की मनरेगा योजना में हुए भ्रष्टाचार की जांच के लिए पत्र दिया था। वहां तत्कालीन जिला पंचायत सीईओ मुरैना द्वारा जांच जनपद पहाड़ गढ़ में आई पहाड़ गढ़ के सहायक यंत्री आर एस त्यागी द्वारा जांच के पत्र को दबा दिया गया और आज दिनांक तक कोई जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की ग्राम पंचायत ताजपुर में सैकड़ों की संख्या में फर्जी जॉब कार्ड ओं का निर्माण कर उनमें राशि आहरण की गई थी जो कि गंभीर वित्तीय निवेदिता को दर्शाती है साथ ही साथ मनरेगा अधिनियम 2005 का खुला उल्लंघन है गौरतलब है कि मृतक देवेंद्र सिकरवार के भाई राजू सिकरवार का पूरा परिवार मनरेगा मजदूरी करता हुआ दर्शाया गया था जबकि राजू सिकरवार ने बताया था कि हमारे परिवार ने कभी मनरेगा मजदूरी नहीं की है मैं जम्मू में आर्मी में सर्विस करता हूं मैं कलेक्टर से लेकर सभी को पत्र लिखा था मगर आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है जनपद स्तर के सभी कर्मचारी सरपंच सचिव व रोजगार सहायक से मिले हुए हैं। अब देखना यह है कि जिला कलेक्टर बी.केर्तिकेन इस मामले में क्या कार्यवाही करते हैं।

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