नेता, समाजसेवी, ठेकेदार से लेकर सरकारी पद पर पदस्थ व्यक्ति खेलते हैं जुआ!
अजय दण्डौतिया
मुरैना। शहर में इन दिनों जुआरियों का सही और सुरक्षित ठिकाना अगर है तो वह हैं शहर के बीचों बीच व दूर दराज बने होटल। ऐसा हम इसलिये कह रहे हैं क्योंकि अभी हाल ही में एक होटल में पुलिस द्वारा जुआरियों के फड पर छापा मारा जहां शहर के नामचीन व्यापारी, सरकारी व ठेकेदार सहित समाजसेवी भी शामिल थे। पुलिस ने इन लोगों को रंगे हाथों जुआ खेलते पकडा और 9 लोगों के खिलाफ नामजद कार्यवाही की गई। यहां तक तो ठीक था लेकिन हमारे सूत्रों द्वारा कथित तौर पर यह बताया जा रहा है कि इस जुए के फड पर और भी कई नामचीन व्यक्ति शामिल थे जिन्हें ऑन द स्पॉट जमानत दे दी गई थी।
जानकारी के अनुसार लॉकडाउन की वजह से शहर के ज्यादातर होटल संचालकों को काफी नुकसान उठाना पडा था। इसी नुकसान की पूर्ति करने के लिये अब इन होटल संचालकों द्वारा नई तरकीब अपनाई जा रही है। वह अपने होटलों में खाने और ठहरने की व्यवस्था के वजाये जुआरियों और टीनऐजर बच्चों के मिलने का स्थान बनाने में लगे हुए हैं। जी हां! यह बात शत प्रतिशत सच है कि शहर के कई होटलों में जुआं और प्रेमी जोडों के मिलने का स्थान बन गया है। इसका ताजा तरीन उदाहरण है स्टेशन रोड थाने द्वारा की गई शुभम पैलेस में जुए के फड पर छापामार कार्यवाही। इरन कार्यवाही में पुलिस ने 9 लोगों को नामजद कर करीब 5800 रूपये की राशि और कुछ मोबाईल जप्त किए हैं। खबर तो यह भी बताई जा रही है कि इन जुआरियों में कुछ नामचीन व शहर में अपने रूतवे के लिये पहचाने जाते हैं लेकिन अपनी इज्जत बचाने के लिये इन नामचीन जुआरियों द्वारा मौके पर ही अपनी जमानत करवा ली गई है। इस पूरे मामले में हैरानी की बात तो यह है कि जनता को लूटकर और भ्रष्टाचार में पूरी तरह डूबे इन नामचीन व्यक्तियों द्वारा जुआ खेलकर जनता के पैसों को क्या उड़ाया जा रहा है? कुछ लोगों द्वारा तो इस मामले में यह चर्चा करते सुना गया कि अगर कोई मामूली व्यक्ति जुआ खेलते हुए पकडा जाता तो पुलिस उसे सबके सामने गाडी में बैठाकर थाने ले जाती लेकिन इन बडे-बडे लोगों के पास पैसों की खनक है इस वजह से पुलिस भी इनसे इज्जत से बात करती है। इससे यह समझ में आता है कि अगर कोई गलत काम भी करना हो तो आपके पास पैसा और पद दोनों होना चाहिऐ जिससे कोई भी आपकी गिरेवां पर हाथ नहीं डालेगा। बहरहाल यह तो बात हो गई विगत दिनों पुलिस द्वारा की गई जुए के फड पर छापामार कार्यवाही की बात। अब बात करते हैं शहर में किन जगहों पर सटोरियों और प्रेमी जोडों ने अपना हॉट स्पॉट बना रखा है। सूत्रों द्वारा कथित तौर पर बताया गया है कि शहर के कुछ चुनिंदा होटल संचालक कुछ पैसे लेकर नामचीन व्यक्तियों को अपने होटल में जुआ खेलने के लिये आमंत्रित करते हैं। कई होटल संचालक तो इस शर्त पर जुआ खिलवाने की लिये जगह दे देते हैं कि जीती हुई राशि में उनका 20 प्रतिशत हिस्सा रहेगा। इतना ही नहीं इन नामचीन जुआरियों को जुआ खेलते वक्त और भी कई सुविधाओं की आवश्यकता पडती है जिसमें शराब सबसे पहले नंबर पर आती है। जी हां! भ्रष्टाचारी से कमाये पैसों को उडाने के लिये कई नामचीन पदों पर पदस्थ जुआ जुआ खेलते वक्त शराब पीने का भी शौक रखते हैं। इसके अलावा अपुष्ट सूत्रों ने यह भी बताया कि कई होटलों में तो प्रेमी जोडों के मिलने की स्थान बना दिया गया है। इन प्रेमी जोडों को मिलने के लिये होटल संचालक द्वारा 300 से 800 रूपये प्रतिघंटे के हिसाव से अपने यहां जगह दे दी जाती है। इनमें दो होटल शहर के वायपास पर भी स्थित हैं जहां किसी भी वक्त जाकर देखा जाये तो प्रेमी जोडों को मिलने देखने को मिल जायेगा। इन प्रेमी जोडों में ज्यादातर टीनऐजर बच्चे शामिल होते हैं जो घर से पढने की कहकर इन होटलों में कथित तौर पर मिलने के लिये आते हैं। लेकिन यहां पर यह सवाल खडा होता है कि ऐसी घिनौनी चीजों को आखिरकार बढावा क्यों मिल रहा है। जुए के फड से लेकर प्रेमी जोडों को मिलने के लिये सुविधा प्रदान करने वाले इन होटल संचालकों के खिलाफ कार्यवाही क्यों नहीं की जाती...? कई बार ऐसा हुआ है कि इन होटलों से जुआरी और प्रेमी जोडी रंगे हाथों पकडे गए हैं लेकिन हर बार इन होटल संचालकों के खिलाफ कोई भी आपराधिक मामला दर्ज क्यों नहीं किया जाता...? अगर यह होटल संचालक अपने होटलों में इस तरह का कृत्य नहीं होने देंगे तो फिर इनका बढावा भी नहीं मिलेगा। फिलहाल इन सबको रोकने की जिम्मेदारी है हमारे जनसेवकों की। लेकिन उनके द्वारा इस तरह के अपराधों को रोकने के लिये पहल क्यों नहीं की जा रही यह समझ से परे है...?

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