दीनारा। मैं इस भीषण अकाल में धन्यवाद देना चाहता हूं उन ग्रामीण क्षेत्र के प्रैक्टिस सुधा डॉक्टरों को जिन्हें आज वर्तमान में उच्चतर स्तर के पड़े लिखे लोग और अखबार झोलाछाप डॉक्टर कहतें हैं।वास्तव में यदि ग्रामीण क्षेत्रों में यह प्रैक्टिस वाले डॉक्टर नहीं होते और ग्रामीण क्षेत्र के लोग स्वस्थ केन्द्रों पर शासकीय डॉक्टरों के भरोसे बैठे रहते तो आज पता नहीं कितने और लोग अस्वस्थ होकर अस्पताल की चौखट पर दम तोड़ रहे होते। हम कर्जदार रहेंगे ग्रामीण क्षेत्र के उन डाक्टरों के जिन्होंने अपनी छोटी सी दुकान पर चार दवाइयां रखकर Medical भी स्वयं चलाया और डॉक्टर भी स्वयं बने तथा अस्वस्थ व्यक्तियों का इलाज किया प्रशासन तो कभी भी कुछ भी कहता रहता है लेकिन वास्तविकता सच्चाई यही है हकीकत यही है कि यदि यह झोलाछाप डॉक्टर ना होते तो क्षेत्र में देश में क्या महामारी फैलती यह कोई अंदाजा नहीं लगा सकता था हम ग्रामीण क्षेत्र के डॉक्टरों के ऋणी हैं और आभारी है। जो आप बिना संसाधनों के भी मरीजों को देख रहे हैं और उनकी जान बचा रहा है।
सतीश फौजी
मो. 9754064382

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