विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस पर स्वास्थ्य शिविर अयोजित
- किशोरियों को निशुल्क सेनेटरी पैड देने की मुहिम का आगाज आज महावारी दिवस के अवसर पर हुआ
शिवपुरी। माहवारी की बात होते ही लड़कियों और महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव की तस्वीर उभरने लगती है. खासकर ग्रामीण और कामकाजी महिलाओं को इस भेदभाव से दो-चार होना पड़ता है एवम् गंदा कपड़ा उपयोग करने के कारण बहुत सारे संक्रमण से जूझना पड़ता है ये बात मेडीकल कॉलेज शिबपुरी की डॉक्टर नीलम अहिरवार ने कहीं उन्होंने साथ ही कहा कि महावारी समाजिक कलंक नही है। विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस (28 मई) के मौके पर, गौशाला बाल शिक्षा केंद्र पर स्थित एक एनजीओ शक्तिशाली महिला संगठन शिवपुरी ने आगनवाड़ी गौशाला में माहवारी स्वच्छता प्रबन्धन पर किशोरियों के स्वास्थ्य एवम् निशुल्क सैनिटरी पैड्स का शुभारंभ के प्रोग्राम का आयोजन किया. माहवारी के दौरान स्वच्छता से जुड़े मुद्दों पर जागरुकता उत्पन्न करना इसका मुख्य उद्देश्य है.ये बात कार्यक्रम संयोजक शक्तिशाली महिला संगठन रवि गोयल ने कही उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा जितने भी स्वास्थ्य कैंप एवं शिविर आयोजित किए गए उन शिविरो में किशोरियों एवं महिलाओं द्वारा सफेद पानी आना एवं साफ-सफाई के अभाव में होने वाले संक्रमण देखे गए जिसके लिए संस्था द्वारा 20 गांव में पहले से ही सेनेटरी पैड आर्थिक रूप से कमजोर बालिकाओं को निशुल्क प्रदान की जा रहे हैं आज इस कड़ी में एक और कड़ी जुड़ गई है जो कि अंतरराष्ट्रीय महावारी स्वच्छता दिवस के शुभ अवसर पर शहरी क्षेत्र के अति पिछड़े आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र गौशाला में प्रारंभ की गई जिसमें की सर्वप्रथम मेडिकल कॉलेज शिवपुरी की डॉक्टर नीलम अहिरवार द्वारा किशोरी बालिकाओं एवं महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की एवं उनको आवश्यक परामर्श एवं दवाइयां निशुल्क उपलब्ध की। इस अवसर पर सेक्टर सुपरवाइजर निवेदिता मिश्रा ने कहा कि किशोरी बालिकाओं एवं महिलाओं को केवल और केवल सेनेटरी पैड का ही उपयोग करना चाहिए और पैड्स को 6 से 8 घंटे के अंतराल से अनिवार्य रूप से बदल देना चाहिए जिससे कि इंफेक्शन की कोई संभावना ना हो। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर ह्रदेश जयंत ने कहा कि हैरत की बात है कि आज के समय में भी इसके साथ सामाजिक कलंक और अज्ञानता जुड़ी है. इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर चुप्पी तोड़ना तथा इनकी ओर समाज का ध्यान आकर्षित करना इस शिविर का मुख्य उद्देश्य होना चाहिए. 'माहवारी स्वच्छता प्रबन्धन’ के बारे में गौशाला की सुपोषण सखी श्री मति ममता जोशी ने बताया, 'यह पहल लड़कियों को महीनों के उन दिनों में होने वाले संक्रमण से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. उन्हें यह संदेश देना होगा कि वो शिक्षा की दृष्टि से लैंगिक समानता लाने के लिए प्रयास करें तथा लड़कियों को माहवारी स्वच्छता प्रबन्धन के बारे में शिक्षित करने की कोशिश करें. स्वास्थ शिविर में डॉक्टर नीलम अहिरवार द्वारा महावारी संक्रमण से संबंधित बीमारी से जूझ रही पूरी बालिकाएं अंजलि ओझा, पूनम ,सपना ,निक्की, अंजलि ,नैना, ईशा ,आरती ओझा एवम् खुशी के साथ-साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गायत्री कुशवाह आंगनवाड़ी सहायिका सीमा सिंह आशा कार्यकर्ता नीतू ओझा ,अंजलि लोधी , सुपोषण सखी ममता जोशी ने अपने स्वास्थ्य की जांच कराई कार्यक्रम को सफल बनाने में शक्तिशाली महिला संगठन की पूरी टीम एवं मैदानी अमले ने महत्व पूर्ण भूमिका अदा की।

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