शिवपुरी। कहते हैं कि 'मंजिलें वही लोग पाते हैं जिनके इरादों में जान होती है'। यह लोकोक्ति प्रदेश की कद्दावर और इरादे की पक्की केबिनेट मंत्री श्रीमंत यशोधरा राजे सिंधिया पर सटीक बैठती हैं। अपनी माँ राजमाता विजयाराजे सिंधिया की तरह जो ठान लिया सो कर के रहना वाली शैली का ही परिणाम है कि हम शिवपुरी जिले के वाशिन्दे न सिर्फ कोरोना से विजयी हुए हैं, बल्कि श्रीमंत की एक और नजर ए कमाल से हमारे नगर की महत्वाकांक्षी 'थीम रोड' भी लगभग तैयार हो चली है। बुलंद इरादे के चलते श्रीमंत ने थीम रोड का काम कोरोना के बीच जारी रखने के निर्देश लोनिवि के ईई बीएस गुर्जर को दिये थे। साथ में यह भी कहा था कि मजदूरों, इंजीनियर को कोरोना गाइडलाइन के सेफ्टी फीचर पालन करने कहें और कोई कमी लगे तो वह पूरी करें। यही वजह रही कि मजदूरों को कोरोना के बीच काम मिला और आज थीम रोड ग्वालियर वायपास से लेकर नए वायपास बालाजी धाम के आगे तक डामरीकरण से सुसज्जित हो चुकी है। मंशापूर्ण के आगे घुमाव खत्म कर सीधी फोरलेन देखते ही बन रही है। इधर ईई गुर्जर कहते हैं कि एक जगह सीवर पिचिंग की वजह से सड़क धसकी थी चूंकि निर्माण के पार्ट में ही यह हुआ हमने दुरुस्त करवा दी है। महाराज के निर्देश के चलते हमने ठेकेदार को साफ कहा है कि गुणवत्ता से कोई समझौता न करे। हम खुद लगातार निगरानी करते हैं। इधर लोगों ने कहा कि बहुत सौभाग्यशाली हैं हम जिले के लोग, जिन्हें श्रीमंत जैसे जनप्रतिनिधि मिले।
कमलागंज, सहायता केंद्र से बड़े पुल तक बाकी
सड़क का निर्माण कमलागंज में पोल तार शिफ्टिंग की वजह से अटका था जो अब पूरा किया जाएगा। जबकि सहायता केंद्र और मंदिर की शिफ्टिंग के साथ 15 दिन में बड़े पुल का काम कम्प्लीट होते ही यहां भी थीम रोड बनकर तैयार हो जाएगी।
बिजली पोल, तार शिफ्टिंग
इधर श्रीमंत के निर्देश के बाद कमलागंज से लेकर कत्थामिल के बीच बिजली के पोल शिफ्टिंग, तार शिफ्टिंग की जा रही है।
इसी समर्पण से लेकर आई थीं श्रीमन्त मड़ीखेड़ा का पानी
हमें याद है कि 3 साल पहले जब अटकी मड़ीखेड़ा के पानी को लाने जल सत्याग्रह किया जा रहा था। तब श्रीमंत ने कमान हाथ में ली। नगर से मड़ीखेड़ा के बीच अधूरी लाइन पड़ी थी तो सतनवाड़ा फिल्टर पर मशीन पेटी पैक थीं। यही हाल डेम के समीप इंटकबेल का था। उस दौरान कम्पनी के इंजीनियर महेश मिश्रा, नपा के इंजीनियर एसके मिश्रा, देवेंद्र विजयवर्गीय आदि को श्रीमंत ने जल्द पानी नगर तक पहुंचाने के निर्देश दिये। खुद कई बार बीच जंगल में बसे मड़ीखेड़ा पर रात्रि रुकीं जिससे काम में ढिलाई न हो जिसके नतीजे में काम जल्द पूरा हो सका। यहां यह भी बता दे कि इसमें महत्वपूर्ण भूमिका पूर्व कलक्टर ओपी श्रीवास्तव की भी रही जिन्होंने श्रीमंत की भावना के अनुरूप सभी विभागों का समन्वय स्थापित कर लाइन पूरी बिछवाई। इंटकबेल से लेकर फिल्टर तक तैयार हुआ। अपर मोटर मंगवाईं। नतीजा यह हुआ कि मड़ीखेड़ा का पानी नगर तक आ गया। आज कई इलाकों में मड़ीखेड़ा का पानी पहुंचने लग गया है। अब कलक्टर अक्षय की अगुवाई में सीएमओ गोविंद भार्गव, मड़ीखेड़ा प्रभारी सचिन चौहान निरन्तर कार्य देख रहे हैं।

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