नेशनल इंश्योरेंस जागरूकता दिवस पर श्रीफल, शॉल , मास्क एवम् पौधा देकर श्रीमती रिंकी जैन एवम् ऋषभ जैन को किया सम्मानित
शिवपुरी। नेशनल इंश्योरेंस जागरूकता दिवस हर वर्ष 28 जून को मनाया जाता है। यह दिन आपके बीमा कवरेज की समीक्षा करने के लिए एक दिन के रूप में मनाया जाता है। बीमा हमें सुरक्षा प्रदान करता है। किसी क्षति, बीमारी या मृत्यु की स्थिति में नुकसान की वसूली करता है। इसलिए जरूरी है कि कोई भी इंश्योरेंस पॉलिसी लेते समय हमेशा जागरूक रहें। लाइफ कवर इतना होना चाहिए कि उसमें सभी लायबिलिटीज और फ्यूचर गोल आ जाएं। इंशोरेंस एडवाइजर ऋषभ जैन ने बताया कि हमेशा इंश्योरेंस लेते समय जागरूकता दिखाएं ताकि पॉलिसी लैप्स न हो जाए या फिर क्लेम खारिज ना हो जाए। अधिक जानकारी देते हुए कार्यक्रम संयोजक रवि गोयल एवम् विनय शर्मा ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि राष्टीय बीमा जागरूकता दिवस के उपलक्ष्य में शक्तिशली महिला संगठन एवम् शाश्वत फीलिंग स्टेशन पोहरी रोड शिवपुरी के द्वारा संयुक्त रूप से जागरूकता सह सम्मान प्रोग्राम आयोजित किया जिसमे की एक दिन में 100 हेल्थ पालिसी करने का रिकॉर्ड बनाने वाली अभिकर्ता श्रीमती रिंकी जैन एवम् 20 वर्षो से बीमा कराने की सलाह देने वाले बीमा सलाहकार ऋषभ जैन को शॉल श्रीफल , एन -95 मास्क एवम पौधा देकर शास्वत फीलिंग स्टेशन के संचालक विनय शर्मा एवम् एनजीओ संचालक रवि गोयल द्वारा संयुक्त रूप से सम्मानित किया इस अवसर पर
श्रीमती रिंकी जैन ने कहा की
बीमा कंपनी को सही डीटेल दें
- इंश्योरेंस कॉन्ट्रैक्ट भरोसे पर चलता है। अगर इंश्योरेंस कंपनी को पता चलता है कि पॉलिसीहोल्डर ने फॉर्म में गलत जानकारी दी है तो कॉन्ट्रैक्ट खारिज हो जाएगा। जो लोग सिगरेट-शराब नहीं पीते, उनके लिए प्रीमियम कम होता है। वहीं, अगर आप स्मोक और ड्रिंक करते हैं तो भूलकर गलत जानकारी न दें। इन आदतों या बीमारियों को बीमा कंपनी से छिपाने पर बाद में क्लेम खारिज हो सकता है। स्मोक और ड्रिंक करते हैं तो उसके बारे में बीमा कंपनी को जरूर बताएं। टर्म प्लान हाई वैल्यू कवर होते हैं, इसलिए कंपनियां पॉलिसी जारी करने से पहले कई मेडिकल टेस्ट कराती हैं। हालांकि कुछ मामलों में कंपनी इस पर जोर नहीं देती हैं, बस अच्छे स्वास्थ्य का घोषणापत्र मांगती हैं। इसमें आपको नुकसान हो सकता है। पॉलिसी होल्डर के असमय निधन पर कंपनी यह दिखाने की कोशिश करती है कि पॉलिसी लेते वक्त झूठ बोला था या पुरानी बीमारी छिपाई थी। अगर पॉलिसी लेने वाला व्यक्ति मेडिकल टेस्ट कराता है तो सारी जिम्मेदारी कंपनी और मेडिकल टेस्ट करने वाले डॉक्टर की होती है। वे नॉमिनी के इंश्योरेंस क्लेम को चुनौती नहीं दे सकेंगे। प्रोग्राम में पेट्रोल पंप के संचालक विनय शर्मा, एनजीओ के रवि गोयल एवम् पेट्रोल पंप का स्टाफ उपस्थित था।

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