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'धमाका श्रृंखला': 'बच्चों की 'शिक्षा' कितनी 'जरूरी', "तीसरा अंक पढ़ाई के लिए कैसे प्रेरित करें"

रविवार, 27 जून 2021

/ by Vipin Shukla Mama
शिवपुरी। 'बच्चों की 'शिक्षा' कितनी 'जरूरी' इस विषय पर 'धमाका श्रृंखला' की यह तीसरी कड़ी है। जिसमें हम "बच्चों को पढ़ाई के लिए कैसे प्रेरित करें" इस विषय पर आपके साथ हैं। दूसरे अंक में हमने देखा कि लॉकडाउन के कारण किस तरह से बच्चे पढ़ाई में रुचि नहीं दिखा रहे और उनमें अनुशासन की भी कमी देखने को मिल रही है, ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि किस तरह हम बच्चों को फिर से पढ़ाई के लिए प्रेरित करें। वैसे देखा जाए तो वर्तमान परिस्थितियों में जहां अभी भी कोरोना का खतरा पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है बच्चों को समझाना बहुत मुश्किल है क्योंकि उनके सभी दोस्त उन्हीं के समान घरों में कैद हैं वे एक दूसरे के साथ स्कूल में नहीं पढ़ पा रहे हैं, स्कूल की मस्ती, स्कूल में टिफिन का खाना, टीचर की डांट ,घंटी की आवाज, स्कूल की बस का हॉर्न , हर उस बात की कमी उसे खल रही है जो वह अपने स्कूल टाइम में अपने दोस्तों के साथ करता था परंतु फिर भी ऐसी हालत में उन्हें अपनी पढ़ाई जारी रखनी है ऐसे में उन्हें पढ़ाई के प्रति प्रेरित करने मैं सबसे बड़ा रोल अगर किसी का है तो वह है उसके पेरेंट्स का । पेरेंट्स निम्न 7 कदम उठाकर अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित कर सकते हैं 1. यदि ऑनलाइन क्लास में कुछ समझ में नहीं आता है तो पेरेंट्स उसका होमवर्क करने में मदद करें । पेरेंट्स को अब उनके दोस्त की भूमिका में आना होगा उनके साथ खेलना होगा ,उनके साथ सवालों का हल ढूंढना होगा और उसे खालीपन महसूस ना हो इसके लिए  सदा उसे डांटने के बजाय प्यार से समझाना होगा 2. उसे मोबाइल पर अच्छे विषय पर सर्च करना, यूट्यूब का बेहतर उपयोग करना सिखाना होगा।3. पढ़ाई के लिए उसके साथ संवाद करना होगा। उसे शिक्षाप्रद कहानी सुना कर या उसके साथ कविता कहानी आधारित प्रतियोगिता कर प्रेरित करना होगा 4.  उसे एक स्वस्थ व अच्छा वातावरण प्रदान करना होगा जहां लड़ाई झगड़े या पारिवारिक समस्याओं को लेकर उसके सामने कोई बातचीत ना हो 5. बच्चों के साथ गलत भाषा का प्रयोग ना करें , उसे उसके अच्छे कार्य या अच्छी पढ़ाई करने के लिए समय-समय पर इनाम देकर भी प्रोत्साहित करें 6. बच्चों के साथ व्यवहार में धैर्य का इस्तेमाल करें बात-बात पर उन्हें मत डांटे 7. उनकी किसी भी अन्य बच्चे के साथ तुलना मत कीजिए हर बच्चा अपने आप में अलग है उसकी खुद की कुछ रुचियां और खूबियां होती हैं और उसी को ध्यान में रखते हुए उसे पढ़ने के लिए प्रोत्साहित कीजिए कुल मिलाकर वर्तमान कूरोना काल में यदि हम अपने बच्चों के अंदर फिर से पढ़ाई के प्रति रुचि जागृत करना चाहते हैं तो हमें उसके साथ समय व्यतीत करना होगा और उसके सबसे अच्छे दोस्त की भूमिका में आना होगा आज के अंक में सिर्फ इतना ही ।अब अगले अंक में हम बात करेंगे अच्छी स्कूलिंग की  अर्थात एक अच्छे स्कूल का चयन कैसे करें ।आप अपने सुझाव हमें हमारे मोबाइल नंबर 98 26054575 पर दे सकते हैं और हमारे काउंसलिंग बोर्ड के सदस्यों से सलाह ले सकते हैं साभार शाहिद खान डायरेक्टर रेडिएंट ग्रुप शिवपुरी।

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