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ये है झील, झरनों की नगरी शिवपुरी

गुरुवार, 29 जुलाई 2021

/ by Vipin Shukla Mama
शिव की नगरी शिवपुरी की लीला निराली, प्रेम शर्मा(पाराशर) शिवपुरी
पवा जैसे पर्यटनस्थलों की अद्भुत छटा,लुभाती।
कैला मैया के सामने,अमर शहीद तात्याटोपे की बलिदान स्थली,
महल के पास राज राजेश्वरी मंदिर,पोलोग्राउंड, बाबन कचहरी।
सिद्धेश्वर,गोरखनाथ,चिंताहरण हनुमान मंदिर,
मंशापूर्ण हनुमान,सत्यनारायण और नवग्रह मंदिर
राधारमण,कालियामर्दन,खेड़ापति हनुमान मंदिर।
आईटीबीपी की मान्य पूज्य काली माता मंदिर।
गौमुख भदैया कुण्ड,लेक रेस्टोरेंट,टूरिस्ट विलेज,
संख्यासागर,सेलिंग क्लब,वोटिंग को माधव लेक।
वन्यजीव संरक्षण को माधव नेशनल पार्क यहां,
अर्जुन के बाण से बनी,बाणगंगा(बाबन कुंड)यहां।
जंगल में जार्ज कैसल के स्वागत में बनी कोठी,
बांकडे़,बरेठ और रणजीत हनुमान के मंदिर है।
हातोद में आजाद हिंद फौज के वीर सैनानी,
कर्नल जी.एस.ढिल्लन जी का समाधी स्थल है।
सुरवाया प्राचीनगढ़ी,कहते,पांडव भी यहां ठहरे थे,
घने वन में बलारीमैया मंदिर,लक्खी मेला लगता है।
भूरा खो,भरका(डोंगर),शिव खो,टुण्डा भरखा,
चुडे़ल छाज में,शैलचित्र आदि मानव के बनाये है।
पहाड़ी पर गुफा में विराजते टपकेश्वर महादेव,
शिव लिंग पर,ऊपर से निरंतर जल टपकता।
सिंध पर अटल सागर बांध,बिजली भी बनाई जाती,
नरवर मोहनीसागर बांध,मगरोनी में लोहे का काम होता।
नरवर में नर श्रेष्ठ राजा नल का है,प्राचीन किला,
किले से ट्रेकिंग भी यहां पर की जा सकती है।
नौ कुआं,सोलह बाबड़ी,पसर देवी का मंदिर है,
मोटा महादेव,चौदह महादेव,लोड़ी पूजी जाती है।
करैरा में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीद,
वीर मंगल पाण्डे जी का समाधि स्थल पूज्य है।
किले में गुप्तेश्वर महादेव, महुअर किनारे गणेश हैं,
दिहायला झील में,विभिन्न विदेशी पक्षी आते है।
पोहरी में है,जल मंदिर और केदारेश्वर महादेव,
किले में मंदिर में विनायक गणेश विराजत है।
सेसई की प्राचीन गढ़ी,जैन मंदिर,वहीं पास है, 
पारागढ़ जंगल में बीसभुजी, शनिदेव के मंदिर है।
राई में प्रसिद्ध भैरव मंदिर एवं राई रामेश्वर धाम है,
पहाड़ के पत्थरों से दक्षिणावर्ती शंख,निकलते हैं।
रन्नौद के पास खोखई मठ,कभी शिक्षा केंद्र रहा,
पास में ही गोदावरीधाम, कुदोनिया में गणेश है। 
खनियाधाना में पनरिया महादेव जल प्रपात है, चंद्रशेखर आजाद की कर्मस्थली रहा,सीतापाठा है।
पिछोर में प्राचीन किला,धाय महादेव,कमलेश्वर हैं,         जिले में और भी कई दर्शनीय स्थान हैं।
कहे प्रेम,जो एक बार यहां आता,उसके मन में बस जाता,
फिर वह भूला नहीं पाता,मौका मिलते ही फिर आता।
*सावधान_बरसात_में_पानी_से_दूर_रहें।*। 

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