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धमाका सबसे पहले: वकीलों के 'सुअर हटाओ' नोटिस के बाद 'नपा सीएमओ अवस्थी ने सुअर पालकों को थमाया 10 दिन का म्यादी नोटिस'

गुरुवार, 26 अगस्त 2021

/ by Vipin Shukla Mama
विज्ञप्ति प्रकाशन के साथ कराई मुनादी
शिवपुरी। नगर में सूअरों की बेतहाशा संख्या लोगों के लिए सिरदर्द बनी हुई है जिसे लेकर शहर के वकील विजय तिवारी और अगले ही दिन वकील संजीव बिलगैया ने नगर पालिका को नोटिस थमा दिया था जिसमें नगर में बढ़ते हुए सुअरों की संख्या को देखते हुए कार्रवाई करने और उन्हें शहर से हटाने को लेकर नोटिस दिया गया था। बिलगैया इस संबंध में उच्च न्यायालय में पहले भी लड़ाई लड़ चुके हैं जिसके बाद नगर में सूअर शूटआउट अभियान चलाया गया था लेकिन बाद में  सूअर पालकों की ओर से एक याचिका के क्रम में शूट आउट पर रोक लगा दी गई लेकिन उच्च न्यायालय ने सूअरों को हटाने के संबंध में  अन्य विकल्पों को खुला रखा है जिसे लेकर 2 वकीलों ने नगर पालिका को नोटिस थमाया। नगर पालिका के प्रशासक कलेक्टर हैं इसलिए यह नोटिस कलेक्टर अक्षय सिंह को भी दिया गया। इसी क्रम में आज नगरपालिका के सीएमओ शैलेश अवस्थी ने  सूअर पालकों को एक नोटिस थमा दिया है। साथ ही मुनादी भी कराई है। वहीं विज्ञप्ति का प्रकाशन भी कराया गया है जिसमें उन्होंने नगर के सभी सूअर पालकों को लिखा है कि 10 दिन के अंदर जो भी सूअर पालक हैं वह अपना पंजीयन नगरपालिका में सुनिश्चित कराएं की उनके द्वारा कहाँ और कितने सुअर पाले जा रहे हैं। यदि ऐसा ना किया गया और बाद में सूअर नगर में विचरण करते मिले तो वह आवारा माने जाएंगे और कारवाई होगी।
इसके साथ ही जो सुअर पालक पंजीयन करवाएंगे उसके बाद सूअरों का पालन आवासीय इलाके से दूर करना होगा। यह नोटिस 10 दिन की सीमा का दिया गया है और 10 दिन के भीतर सूअर पालकों को नगर पालिका में पंजीयन कराना अनिवार्य है।
यह बोले सीएमओ
 सीएमओ शैलेश अवस्थी ने बताया कि उन्होंने न्यायालय के आदेश क्रम में यह कदम उठाया है और चाहे जो भी सूअर पालक हो उसे पंजीयन कराना जरूरी होगा यदि वे ऐसा नहीं करेंगे तो नगरपालिका सूअरों को हटाने के संबंध में कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि शहर में सूअरों को किसी भी तरह न्यायालय के आदेश क्रम में हटाया जाना है। 
अवाम लम्बे समय से परेशान
बता दें कि इस संबंध में  नगर की आवाम भी लंबे समय से परेशानी अनुभव कर रही है। आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती हैं और कई लोग इनसे टकराकर जख्मी हो चुके हैं। बच्चों को भी यह सूअर काट लेते हैं। जबकि गंदगी का जरिया सुअर बने हुए हैं। आवासीय इलाकों और शहर के बाजारों में  विचरण करते सूअर रात दिन देखे जाते हैं जिससे शहर की फिजा भी खराब हो रही है। यही कारण है कि एक साथ दो वकीलों ने नगरपालिका को नोटिस थमाते हुए जनहित में सूअरों को शहर से हटाने के संबंध में नोटिस थमाया है। बता दें कि उच्च न्यायालय ने शूट आउट पर रोक लगाई है लेकिन इसके अलावा जो विकल्प खुले रखे हैं उसके क्रम में सूअरों को शहर से दूर ले जाने की बात शामिल है। अगर नगरपालिका कर्मचारी के सूअर हैं तो उनके विरुद्ध कार्रवाई करने और टर्मिनेट करने तक के निर्देश दिए हैं। साफ है कि किसी भी तरह से सूअरों को शहर से हटाया जाना न्यायालय ने सुनिश्चित किया है। देखना होगा कि अब यह कार्रवाई किस हद तक आगे बढ़ती है।
नोटिस मिलते ही पकड़े बिलगइयां निवास से सूअर 
इधर नगरपालिका ने जैसे ही सूअर पालकों को नोटिस  थमाए। शहर के कुछ इलाकों में सूअर पकड़ने का क्रम भी शुरू हो गया है। नोटिस थमाने वाले वकील संजीव बिलगैया के निवास से ही 25 से ज्यादा सूअर आज पकड़े गए।
यही होता हर बार, फिर लौट आती फ़ौज
 लेकिन बता दें कि सुअर पालक पहले भी यही रणनीति अपनाते रहे हैं। जैसे ही उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई अंजाम दी जाती है कुछ समय के लिए वह अपने सुअर पकड़ लेते हैं और बाड़े में बंद कर देते हैं लेकिन जैसे ही कार्रवाई शिथिल होती है सूअरों की फ़ौज को दोबारा सड़कों पर विचरण करने के लिए छोड़ देते हैं। इसके अलावा जो भी सूअरों को लेकर शिकायत दर्ज कराता है उसके एवज में सूअरों को पकड़कर फोटोग्राफी कर लेते हैं और जैसे ही कार्रवाई थमती है बाद में सूअर यथास्थिति देखे जाते हैं।

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