पचावली। (देवेंद्र भार्गव की रिपोर्ट) स्टेट कालीन पचावली का सिंध पर बीती रात ढहा पुल आज दिन भर ग्रामीणों के लिये कोतुहल का विषय बना रहा। सदियों से लोगों की कई पीढ़ियों ने इस पुल का उपयोग किया इसलिये इस पुल की ख्याति इस इलाके में कई बुजुर्ग की तरह है। इधर कल रात एक बाइक पर सवार तीन लोग पुल के साथ नदी में जा गिरे थे। इनमें से 2 तैरकर बाहर निकल आये लेकिन उनका पचावली निवासी साथी प्रभु आदिवासी अब तक लापता है। आज विधायक वीरेंद्र रघुवंशी ने मौके पर ही रुककर सर्च ऑपरेशन चलवाया। लेकिन करीब 20 घण्टे बाद भी प्रभु नहीं मिला है।
नाव ढूंढती रही दिन भर
सर्च ऑपरेशन के दौरान नाव को दिन भर सिंध के पानी मे उतारकर प्रभु की तलाश की गई लेकिन अंततः वह मिला नहीं है।
मलबे के नीचे तो नहीं
तरह तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। लोग ध्वस्त पुल के मलबे में प्रभु के दबने की बात कह रहे हैं। इस मलबे को आज नहीं हटाया जा सका। जबकि कुछ नदी में ही होने का अनुमान लगा रहे हैं।
हमें जाने दो नदी में निकाल लेंगे

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