शिवपुरी। भारत शासन द्वारा सन 1959 में श्रावणी पूर्णिमा रक्षाबंधन को संस्कृत दिवस के रूप में घोषित किया है ।तभी से हम पूरे भारत में इसे धूमधाम से मनाते आ रहे हैं 2001 से संस्कृत भारती द्वारा इसे 1 सप्ताह तक संस्कृत महोत्सव के रूप में प्रतिवर्ष मनाया जाता है इस वर्ष यह 19 अगस्त से 25 अगस्त तक अर्थात रक्षाबंधन से 3 दिन पूर्व और 3 दिन पश्चात तक यह आयोजन किया जा रहा है संस्कृत भारती के विभाग संयोजक आचार्य श्री शर्मा ने बताया कि 7 दिनों के होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों का दायित्व अलग-अलग कार्यकर्ताओं को सौंप दिया गया है प्रथम दिन प्रचार अभियान का कार्य जिला मंत्री दीपेंद्र शर्मा को दिया इसमें सोशल प्रिंट मीडिया व्हाट्सएप टि्वटर शुभकामनाओ के छोटे-छोटे वीडियो प्रदर्शन किए जाएंगे तथा भित्ति लेखन भी है 20 अगस्त द्वितीय दिन व्याख्यानमाला सरल संस्कृत में जन सामान्य के लिए यह कार्यक्रम है आभासी माध्यम से घर बैठे मोबाइल द्वारा मोबाइल से सुना जा सकता है इसके प्रभारी सुरेश शर्मा रहेंगे 21 अगस्त को भारतीय बौद्धिक संपदा के अंतर्गत विभिन्न विद्वानों से संस्कृत भाषा के अपरिचित भंडार ज्ञान विज्ञान का क्षेत्र विश्व को एक सूत्र में लाना वह सभी समस्याओं का समाधान संस्कृत से आदि विद्वानों को लेकर लेख लिए जाएंगे व प्रकाशन किया जाएगा इसकी प्रभारी श्रीमती अंसालीअग्रवाल अतिथि विद्वान महाविद्यालय शिवपुरी होंगी ।इसी दिन संस्कृत निबंध लेखन प्रतियोगिता तीन स्तरों पर होगी विद्यालय स्तर का विषय संस्कृत भाषा या: महत्वम् आवश्यकता महाविद्यालय स्तर पर वैश्विक स्तरे संस्कृतम् संस्कृतस्य वैश्विक स्वरूपम सामाजिक स्तरे संस्कृते ज्ञान विज्ञान परंपरा प्रांत में प्रथम द्वितीय तृतीय आने पर पुरस्कृत किया जाएगा 22 अगस्त को वेद पूजन अपने अपने घरों पर करें वेद पूजन में संस्कृत ग्रंथ पूजन भी किया जा सकता है संपूर्ण दिन संस्कृत दिन आचरण का प्रयोग करें इसके प्रभारी जिला अध्यक्ष प्रदीप लक्षकार रहेंगे 23 अगस्त को संस्कृत गीत श्लोक गायन व भाषण प्रतियोगिता का आयोजन होगा इसकी प्रभारी श्रीमती कमलेश सक्सेना होंगी प्रथम स्तर का विषय संस्कृतम् भारतीया संस्कृति: इसके दूसरे स्तर पर राष्ट्रवाद तीसरे स्तर पर संघे शक्ति कलियुगे भाषण के लिए होगी इस हेतु 3 मिनट तक वीडियो निर्माण कर भेजें 24 अगस्त को संस्कृत ग्रंथ पारायण होगा इसकी प्रभारी श्रीमती ममता शर्मा है अधिक से अधिक घरों में परिवार सहित संस्कृत ग्रंथ का पारायण करें यथा गीता रामायण महाभारत आदि 25 अगस्त को सप्ताह का समापन दिवस है इस हेतु कोविड-19 का पालन करते हुए लघु समारोह व संस्कृत शोभायात्रा है इसकी प्रभारी योगेश रहेंगे संस्कृत भाषा संस्कृति की धरोहर व संरक्षक है विश्व ज्ञान विज्ञान की निधि है अतः अपने अतीत की कड़ी को खोना सभ्यता की स्मृति और अमूल्य विरासत को खोने जैसा है संस्कृत से प्रेम रखने वाले व सम्मान करने वाले सभी लोग इसमें बढ़-चढ़कर भाग ले।

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