डॉक्टर राजेन्द्र गुप्ता की जनहित याचिका को लेकर दिए गए उच्च न्यायालय के निर्णय पर तत्काल अमल करवाने की अपील
- आम नागरिकों से भी की अपील रोज 10 लोगों के हस्ताक्षर कर कलेक्टर को सौंपे आवेदन
शिवपुरी। आज नगर के असंख्य सुअरों को हटाने वरिष्ठ वकील संजीव बिलगइयाँ ने अब कलेक्टर अक्षय को पत्र सौंपा है। नगर में सूअरों का आतंक सर चढ़कर बोल रहा है। हजारों सुअर सड़कों पर वितरण करते हैं जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साल 2012 में शहर के जाने-माने डॉ राजेंद्र गुप्ता की ओर से एडवोकेट संजीव बिलगैया और सुनील जैन ने उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की थी। इस जनहित याचिका के ही क्रम में नगर पालिका शिवपुरी को कोर्ट ने बिंदु का आदेश पारित किया था जिसमें कहा गया था कि सबसे पहले उक्त सूअरों को शहर के बाहर भेजा जाए। दूसरे बिंदु में सूअर पालक या उनके परिजन नगर पालिका में सेवारत हैं तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए यदि तब भी ना माने तो नपा से उन्हें टर्मिनेट कर दिया जाए। इसके अलावा सूअर पालको के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाए। जनता को सुरक्षित करने के लिए शहर से सूअर हटाए जाएं। एडवोकेट संजीव बिलगैया ने आज इन्हीं सब बिंदुओं को शामिल करते हुए कलेक्टर एवं नगर पालिका प्रशासन अक्षय कुमार सिंह को पत्र दे थमा दिया है जिसमें उन्होंने बिंदुवार न्यायालय के आदेश का उल्लेख किया है। एडवोकेट बिलगैया ने बताया कि सुअर शूटआउट का जो आदेश पारित किया गया था इस संबंध में बीते दिनों जब नगर पालिका ने शूटआउट के लिए विज्ञप्ति जारी की थी तो बदले में सूअर पालकों की तरफ से एक संस्था द्वारा न्यायालय की शरण ली गई जिसमें प्रकाशित विज्ञापन पर करवाई यथा स्थिति रखने का स्टे दे दिया था लेकिन जो जनहित याचिका का पूर्व आदेश उच्च न्यायालय ने पहले से दिया हुआ है उस संबंध में आज भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। एडवोकेट बिलगैया ने बताया कि भले ही सूअरों को शूटआउट ना किया जाए लेकिन उसके अतिरिक्त न्यायालय ने पूर्व में जो बिंदु सुझाये हैं उन पर अमल किया जाए तो शहर को सुअरों से निजात मिल सकती है। उन बिंदुओं के क्रम में सूअरों को शहर से दूर बसाने, सूअर पालकों के विरुद्ध कार्रवाई करने, यहां तक कि अगर तब भी न मानें तो उन्हें टर्मिनेट करने जैसे कठोर कदम उठाए जाने चाहिए जिससे शहर पर में सूअरों पर रोक लग सकेगी।
जनता हर दिन दे आवेदन
किसी भी बड़ी समस्या को बड़े कदम उठाकर ही हल किया जा सकता है। एडवोकेट बिलगइयाँ या फिर एडवोकेट विजय तिवारी या मीडिया ही नहीं बल्कि नगर के लोगों को भी यह कड़ाई जोरदार ढंग से लड़नी होगी। इसलिये नगर के लोग इस खबर में संलग्न आवेदन की फ़ोटो कॉपी करवाकर दस लोगों के हस्ताक्षर करवाये फिर कलेक्टर को आवेदन देकर प्राप्ति लेवे जिससे कार में सफर करने वाले अधिकारियों को पैदल, दो पहिया वाहन सवारों की इस बड़ी समस्या का एहसास हो सके।
3 दिन पहले एडवोकेट विजय तिवारी दे चुके नोटिस
बता दें की 3 दिन पहले इसी संबंध में शहर के एक और अभिभाषक विजय तिवारी ने नगरपालिका प्रशासक और सीएमओ को नोटिस थमाया जिसमें सूअरों के साथ-साथ कुत्ते और आवारा गायों को भी पकड़ने और हटाने के संबंध में नोटिस दिया गया है कुल मिलाकर शहर की आवाम सूअरों से भारी परेशान है और वह किसी भी सूरत में चाहती है कि इन्हें शहर से हटाया जाए जिसके लिए दृढ़ निश्चय की आवश्यकता है और यह कदम जिला प्रशासन को उठाना होगा। हर दिन हमले, दुर्घटनाओं से निजात मिल सके।

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