शिवपुरी। स्वर्गीय रामचरण लाल दंडोतिया ने चालीस वर्ष पूर्व प्रारम्भ की पावस गोष्ठी इस बार सर्व धर्म समभाव का संदेश देने वाली रही,जहां पचास से अधिक जिले भर के कवि और पहली बार कवियित्रियों ने काव्य पाठ किया, और रामचरण लाल दंडोतिया के सुपुत्र भुवन दंडोतिया ने पूरे समय उपस्थित रहकर इस बार की गोष्ठी को ऐतिहासिक बनाया।
शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित की गई पावस गोष्ठि का शुभारंभ स्वर्गीय रामचरण लाल दंडोतिया,स्वर्गीय हरि उपमन्यु, स्वर्गीय रफाकत अली शाद, स्वर्गीय घासीराम जैन चन्द्र कवि,स्वर्गीय रामकुमार चतुर्वेदी चंचल व स्वर्गीय
इन वरिष्ठ साहित्यकारों की स्मृति में क्रमशः भुवन दंडोतिया, इशरत ग्वालियरी, डॉ एच पी जैन, प्रमोद भार्गव, पुरषोत्तम गौतम, सुकून शिवपुरी ने पौधे पूरी समिति सदस्यों के साथ रोपे। तत्पश्चात शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य पर पुरषोत्तम गौतम, हरिश्चन्द्र भार्गव, घनश्याम योगी करेरा, प्रमोद भार्गव, एच पी जैन, आफताब आलम का सम्मान पवन स्मृति पावस गोष्ठी समिति के सदस्यों द्वारा किया गया,हरिश्चन्द्र भार्गव व भुवन दंडोतिया ने स्वर्गीय रामचरण लाल दंडोतिया के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला।अवधेश सक्सेना की पुस्तक अकेले सफर में का विमोचन भी किया गया,इस प्रथम सत्र का संचालन आशुतोष शर्मा ने तो आभार सलीम बादल ने व्यक्त किया।
दूसरे सत्र में ऐतिहासिक शिवपुरी के इतिहास की सबसे बड़ी जम्बो काव्य गोष्ठि प्रारम्भ हुई, सबसे पहले सुनील बंसल ने आयोजन पर प्रकाश डाला, जिसमे जिले भर के पचास से अधिक कवि व कवियित्रियों ने काव्य पाठ किया, जिसमे मुख्य रूप से घनश्याम योगी करेरा, राजेन्द्र जैन राजमाया, रामदयाल जैन मावा वाले, अरुण अपेक्षित, अजय शंकर भार्गव, इशरत ग्वालियरी, सुनील बंसल, सलीम बादल, याकूब साबिर, इशरत जालोनवी, सुकून शिवपुरी, राम पंडित, आशुतोष ओज, भूपेंद्र विकल, मुबीन अहमद मुबीन कोलारस, राकेश मिश्रा, रिया माथुर, कमलेश सक्सेना, मनु वैशाली, राकेश सिंह आकाशवाणी, रमन शर्मा ट्रेसरी, महेश महाकाल, रामकृष्ण मौर्य, प्रतीक शर्मा नानू, संजय शाक्य, प्रदीप अवस्थी, मुकेश अनुरागी, लक्ष्मन लाल जैन पोहरी, दीपक शर्मा पोहरी, घनश्याम शर्मा बदरवास
मुकेश शर्मा शर्मा बदरवास,
सतीश दीक्षित बैराड़,
श्याम बिहारी सरल पोहरी,
केशव शर्मा पोहरी,
आर एस यादव बदरवास,अवधेश सक्सेना,आदि ने काव्य पाठ प्रस्तुत किया। पूरे समय सभी साहित्यकार उपस्थित रहे। इस अवसर पर सी पी वर्मा पी डब्ल्यू डी कार्यपालन यंत्री, आर एस कार्यपालन यंत्री भी मौजूद रहे, विजय भार्गव, ब्रजेश अग्निहोत्री त्रिलोचन जोशी ने अपने सुमधुर गीतों की प्रस्तुति भी दी। दूसरे सत्र का संचालन विकास शुक्ल प्रचंड ने किया जिसे सभी ने सराहा तो आभार राकेश मिश्रा ने व्यक्त किया। अंत मे सभी ने साथ मे सहभोज किया।

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