भोपाल। मध्यप्रदेश के शिवपुरी में अनुमति के तहत व कोरोना गाइडलाइन का पालन कर निकाली गयी महाराजा अग्रसेन की रथ यात्रा के आयोजकों पर प्रकरण दर्ज करना बेहद निंदनीय है।
एक तरफ़ पूरे प्रदेश में भाजपा के लोग रोज़ अपने कार्यक्रमों में कोरोना गाइडलाइन का मज़ाक़ उड़ाते है और दूसरी तरफ़ सामाजिक- धार्मिक आयोजनो में इस तरह की कार्यवाही आपत्तिजनक है।
मै सरकार से माँग करता हूँ कि इस मामले में तत्काल आवश्यक कदम उठाकर न्याय किया जावे।ये किया है ट्वीट
इधर कोलारस में दिया ज्ञापन
कोलारस। अग्रवाल समाज द्वारा अग्रसेन जयंती पर जुलूस निकालने पर शिवपुरी पुलिस ने समाज के पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है जिसे समाज ने नियम विरुद्ध बताते हुए एफआईआर
निरस्त करने की मांग करते हुए कोलारस अग्रवाल समाज द्वारा रविवार को राज्यपाल के नाम तहसीलदार अखिलेश शर्मा को ज्ञापन सौंपा है एफआईआर निरस्त न करने पर पूरे प्रदेश में आंदोलन की चेतावनी दी गई है
निरस्त करने की मांग करते हुए कोलारस अग्रवाल समाज द्वारा रविवार को राज्यपाल के नाम तहसीलदार अखिलेश शर्मा को ज्ञापन सौंपा है एफआईआर निरस्त न करने पर पूरे प्रदेश में आंदोलन की चेतावनी दी गई है
अन्य जुलूसों पर क्यों नहीं की एफआईआर
समाज के लोगों का कहना है कि उन्होंने जुलूस निकालने से पहले प्रशासन से अनुमति ली और कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए जुलूस निकाला। जुलूस निकालने के बाद प्रशासन ने अचानक परमिशन निरस्त करते हुए समाज के पदाधिकारी गौरव सिंघल, राकेश गर्ग, प्रवीण गोयल, पदम जैन के खिलाफ आपराधिक प्रकरण कायम कर लिया, जबकि दूसरे के लोगों ने उसी दिन बिना अनुमति जुलूस निकाल कर नियम तोड़े, बाबजूद इसके उनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई। समाज ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में एफआईआर निरस्त न करने पर प्रदेश भर में आंदोलन करने की बात कही गई है।

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