'सभी मनुष्य स्वतंत्र और सम्मान और अधिकारों में समान हैं. रवि गोयल
शिवपुरी। 10 दिसंबर को पूरी दुनिया में ये दिन मनाया जा रहा है. हर किसी के लिए इस दिन के मायने बेहद अहम हैं. भारत सहित दूसरे देशों में हर किसी के लिए अपने अधिकारों का महत्व है. संयुक्त राष्ट्र ने मानवाधिकार दिवस को मनाने की घोषणा 1950 में की थी. तब से लेकर आज भी पिछले 70 सालों से ये दिन 10 दिसंबर को मनाया जाता है. इस अवसर पर शक्ति शाली महिला संगठन के द्वारा बड़ोदी में किशोरी बालिकाओ को मानव अधिकारों पर जागरूक प्रोग्राम अयोजित किया जिसमे की शक्ति शाली महिला संगठन के रवि गोयल ने कहा की इस दिन के लिए एक थीम रखी जाती है. इस साल भी मानवाधिकार दिवस की थीम रखी गई है. इस बार की थीम 'असमानताओं को कम करना और मानव अधिकारों को आगे बढ़ाना' है ये
मानवाधिकार दिवस का उद्देश्य दुनिया का ध्यान मानवों के अधिकारों की ओर ध्यान आकर्षित कराना है. इस दिन विश्वभर के लोगों को मानवाधिकारों के महत्व के प्रति जागरूक करना और इसके पालन के प्रति सजग रहने का संदेश दिया जाता है. इस उद्देश्य है संयुक्त राष्ट्र ने 10 दिसंबर, 1950 में इस दिन की घोषणा की थी. इतना ही नहीं तब मानव अधिकारों की जो घोषणा की गई थी, वो 500 से ज्यादा भाषाओं में उपलब्ध है. मानवाधिकार दिवस के मौके पर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कहा है कि कोरोना वायरस से लड़ने के लिए हमें एकजुट कोशिश करनी होगी, लैंगिक समानता, जनभागीदारी की जरूरत होगी. इसके साथ ही जलवायु, और लम्बे समय तक चलने वाला टिकाई विकास करना होगा, जिसमें मानवाधिकार का महत्व भी हो. सुपोषण सखी हर्षा कपूर ने कहा की समानता के बारे में यूडीएचआर में कहा गया है कि 'सभी मनुष्य स्वतंत्र और सम्मान और अधिकारों में समान हैं. प्रोग्राम में किशोरी बालिकाओं ने अपनी शंकाओं को दूर किया एवम् जागरूकता अभियान में बढ़ चढ़कर भाग लिया। प्रोग्राम में रवि गोयल, सुपोषण सखी हर्षा कपूर, रेखा नामदेव, बबिता यादव ललिता मंजू संजना न्यूट्रीशन चैम्पियन एवम एक सैकड़ा किशोरी बालिकाओं ने भाग लिया।

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