दिल्ली। कुछ लोग इस कदर खर्राटे लेते हैं कि पड़ोसी की नींद खराब हो जाती है. अब परेशान होने की जरूरत नहीं कुछ जानकार बता रहे हैं कि किस तरह खर्राटों को रोक सकते हैं. किसी को भी ये बात ठोस रूप से नहीं पता है कि हममें से कितने लोग खर्राटे लेते हैं. लेकिन ये समस्या बढ़ रही है. इससे ना सिर्फ़ खर्राटे लेने वाले की नींद ख़राब हो सकती है बल्कि आसपास के लोगों को भी खासी दिक्कत होती है. कई मामलों में तो खर्राटों की वजह से लोगों की शादियां तक टूट गई हैं.
हम खर्राटे क्यों लेते हैं?
नींद के दौरान जब हम सांस लेते हैं और छोड़ते हैं तब हमारी गर्दन और सिर के सॉफ्ट टिशू (मुलायम ऊतक) में कंपन की वजह से हम खर्राटे लेते हैं.
मुलायम ऊतक हमारी नाक के रास्ते, टॉन्सिल और मुंह के ऊपरी हिस्से में होते हैं.जब आप सोते हैं, हवा के जाने का रास्ता आराम की स्थिति में होता है, तब हवा को अंदर बाहर जाने के लिए ज़ोर लगाना पड़ता है जिसकी वजह से मुलायम ऊतकों में कंपन पैदा हो जाता है.
तो फिर हम इसे रोकने के लिए क्या कर सकते हैं?
खर्राटे रोकने के लिए ये ज़रूरी है कि एयरवे को खुला रखा जाए. ऐसी करने के लिए ऐसी कई तकनीक है जिन्हें अपनाने की सलाह दी जाती है.
शराब की वजह से नींद के दौरान मांसपेशियां अधिक रिलेक्स हो जाती हैं और इसकी वजह से एयरवे सिकुड़कर और अधिक संकरा हो जाता है. ऐसे में सलाह दी जाती है कि सोने से पहले शराब पीने से बचा जाए.
जब आप सीधे कमर पर लेटते हैं तब आपकी जीभ, थुड्डी और थुड्डी के नीचे के वसायुक्त ऊतक, ये सब आपके एयरवे में रुकावट पैदा कर सकते हैं. ऐसे में अगर आप खर्राटे लेते हैं तो एक तरफ पलट कर सोएं.
बाज़ार में ऐसे कई उत्पाद उपलब्ध हैं जो खर्राटे रोकने में मदद करते हैं. नाक में लगने वाली पट्टियों के पीछे विचार ये है कि वो आपके नथुनों को खुला रखती हैं. ये तब काम करती हैं जब आप नाक से खर्राटे लेते हैं. लेकिन ये वास्तव में असरदार हैं या नहीं इसके प्रमाण बहुत कम हैं.
अगर आपको सर्दी हुई है और आपकी नाक बंद है तो आपके खर्राटे लेने की संभावना अधिक है. ऐसे में सोने से पहले अपनी नाक को अच्छे से साफ़ करें. आप नाक को साफ करने के लिए नाक से ली जाने वाली सर्दी खांसी की दवा का इस्तेमाल भी कर सकते हैं. इससे नाक की बहुत महीन रक्त कोशिकाओं की सूजन से राहत मिलेगी. ये आमतौर पर एलर्जी की वजह से भी हो जाती है. ये भरी हुई नाक से भी तुरंत राहत देते हैं.
अगर आपका वज़न अधिक है तो आपकी ठुड्डी के पास अधिक वसायुक्त ऊतक हो सकते हैं. ये एयरवे को संकरा करके हवा के आने-जाने के रास्ते में बाधा डाल सकते हैं. ऐसे में स्वस्थ वज़न बनाए रखने से खर्राटों से राहत मिल सकती है.

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