शिवपुरी। कोटा फोरलेन पर खरई तेंदुआ के बीच श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर पर श्री मद्भागवत कथा के तीसरे दिवस, वाराह अवतार, ध्रुव चरित्र, भरत चरित्र के साथ कपिल द्वारा भक्ति योग की महिमा का वर्णन, वालयोगी वासुदेव नंदिनी भार्गव द्वारा वडे ही रोचक तरीके से प्रसंग सुनाये गये।
उन्होंने कहा कि क्रोध काम का छोटा भाई है,अति सावधान रहने पर काम तो मारा जा सकता है। परंतु काम के छोटे भाई क्रोध को मारना कठिन है, ज्ञानी पुरुष किसी और के शरीर का चिंतन नहीं करते अतः काम के द्वारा ज्ञानी पुरुष का पतन नहीं होता है, परंतु क्रोध के ही द्वारा पतन होता है।कर्म मार्ग मैं विघ्नकर्ता काम है,काम से कर्म का नाश होता है।

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