मध्यप्रदेश में पंचायत राज अध्यादेश हुआ वापस
भोपाल। मध्यप्रदेश में पंचायत चुनाव नहीं होने के आसार हैं। सोमवार को निर्वाचन आयोग इस बात की घोषणा कर सकता है। इसके पहले कैबिनेट ने रविवार को पंचायत चुनाव निरस्त करने के प्रस्ताव पर सील लगा दी है और प्रस्ताव भी राजभवन भेज दिया है। अध्यादेश वापस लेने कीअधिसूचना रात को जारी हो गई है। इससे पहले सीएम शिवराज सिंह ने रविवार को दोपहर बाद राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुलाकात की थी और उन्हें पूरी स्थिति से अवगत कराया था। राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत चुनाव पर अगला फैसला सोमवार को ले सकता है। यहां बता दें कि सीएम शिवराज रविवार देर शाम दिल्ली पहुंचे। यहां सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता एवम एडवोकेट जनरल प्रशांत सिंह, सुप्रीम कोर्ट में प्रदेश सरकार के वकील और विधि विशेषज्ञों के साथ ओबीसी आरक्षण संबंधी पहलुओं पर चर्चा की। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण मामले में महाराष्ट्र को दिए आदेश को ही मध्यप्रदेश में लागू कराने के निर्देश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को दे दिए थे।
राज्य निर्वाचन आयोग के सूत्र ने कहा कि सरकार के अध्यादेश लागू होने के बाद परिसीमन और आरक्षण की नई व्यवस्था के आधार पर ही पंचायत चुनाव किए जा रहे हैं, लेकिन अब चल रही प्रक्रिया को रोकना पड़ेगा। विधानसभा के संकल्प और अध्यादेश वापस लेने की अधिसूचना जारी होने के बाद मौजूदा चुनाव प्रक्रिया को रोक दिया जाएगा।
यह बोले गृहमंत्री डॉक्टर मिश्रा
गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कैबिनेट की बैठक के बाद कहा कि प्रदेश सरकार पंचायत राज संशोधन अध्यादेश वापस ले रही है। इस पर विधेयक विधानसभा में प्रस्तुत होना था, लेकिन नहीं हो सका। अब सरकार राज्यपाल से इस अध्यादेश को वापस करने का प्रस्ताव देगी। मुझे लगता है कि राज्यपाल के हस्ताक्षर हो जाने के बाद निर्वाचन आयोग के सामने कोई और विकल्प होगा नहीं। क्योंकि, इसी अध्यादेश के आधार पर चुनाव कराए जा रहे थे।
अधिसूचना जारी क्लिक कीजिए
पेश नहीं किया सरकार ने पंचायत राज संशोधन विधेयक
इधर विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सरकार ने पंचायत राज संशोधन विधेयक पेश नहीं किया है। सरकार ने मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज (संशोधन) अध्यादेश-2021 लागू किया था। इसके तहत पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच सरकार ने ऐसी पंचायतों के परिसीमन को निरस्त कर दिया है, जहां बीते एक साल से चुनाव नहीं हुए हैं। ऐसी सभी जिला, जनपद या ग्राम पंचायतों में पुरानी व्यवस्था ही लागू कर दी गई थी। जो पद, जिस वर्ग के लिए आरक्षित है, वही रखा गया था।
यहां परेशान निर्वाचन आयोग
निर्वाचन आयोग के सामने संकट यह है कि भले ही ओबीसी सीटों पर निर्वाचन प्रक्रिया पर रोक लगा दी है, लेकिन सभी सीटों का रिजल्ट एक साथ घोषित कराना है। यह निर्देश आयोग को सुप्रीम कोर्ट ने दिए हैं। अब सरकार नए सिरे से आरक्षण करती है, तो इसमें वक्त लगेगा। ऐसे में जिन सीटों में बदलाव होगा। वहां मतदान समय पर हो पाना संभव नहीं लगता यही वजह है कि चुनाव टलने के आसार हैं।

कोई टिप्पणी नहीं
एक टिप्पणी भेजें