शिवपुरी। थोड़े बहुत नहीं तीन करोड़ का घोटाला करने वाले सहकारी बैंक के भृत्य बनाम बाबू बन बैठे राकेश पाराशर ने कल पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया। मुख्य सरगना राकेश पाराशर ही नहीं बल्कि दूसरे आरोपी विनीत यादव और पिंकी भी पुलिस के हत्थे चढ़ गई है यह खबरें कल दिनभर सरगर्म रहीं लेकिन शाम को इन दावों की तब हवा निकल गई जब पुलिस ने हाथ खड़े कर दिए और कहा कि अभी तो नहीं अगले एक-दो दिन में पुलिस को सफलता मिल सकती है।
बता दें कि प्रदेश के साथ देश भर में हल्ला मचाने वाले सहकारी बैंक के इस बड़े घोटाले का मामला सबसे पहले अरविंद तोमर ने उठाया था जिसके बाद यह मीडिया की सुर्खियां बना। मीडिया में जब मामला उछला तब मामले की जांच की गई। सहकारिता मंत्री ने जांच टीम गठित की और कई अधिकारी इस मामले में निपटा दिए गए। जांच में पाया गया कि 103 करोड़ का घोटाला किसानों के नाम पर पैसों का बंदरबांट करके कर लिया गया है। इसका मुख्य किरदार कोलारस का राकेश पाराशर था जो फरार चल रहा था लेकिन कहते हैं कि जितना बड़ा घोटाला उतने ही ऊंचे हाथ और इस मामले में भी राकेश पाराशर को सरपरस्ती देने वाले लोगों ने हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक हाथ पैर पसारने का मौका दिया लेकिन जब कहीं दाल नहीं गली तो बताया जा रहा है कि उसने पुलिस के समक्ष हथियार डाल दिए हैं। हालांकि शिवपुरी की पुलिस से इस बात से इंकार कर रही है कि कोई सरेंडर हुआ है। एक-दो दिन में मामले का खुलासा करने की बात भी कही जा रही है जिससे उड़ती हुई खबरों को पंख लग गए हैं। लग रहा है कि कहीं ना कहीं इस मामले में सच्चाई है और वास्तव में राकेश पाराशर खाकी के हाथ लग चुका है लेकिन अगर यह भी सच है तो अब तक उसे सीखचों के पीछे भेजने के लिए कोर्ट में पेश नहीं किया गया। बड़ी बातें, बड़े लोग, बस हम तो इतना ही कहेंगे और चुप रहेंगे।

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