शिवपुरी। शिवपुरी न्यायालय के न्यायाधीश जेएमएफसी नेहा प्रधान ने 200000 रुपए के चेक बाउंस के मामले में आरोपी को दोषी मानते हुए 3 माह का कारावास एवं ₹280000 रुपए प्रतिकार की सजा से दंडित किया है परिवादी की ओर से पैरवी अधिवक्ता भरत ओझा द्वारा की गई। संक्षेप में मामला यह है कि रतन कुमार ओझा पुत्र अमर लाल झा निवासी s p s स्कूल के सामने शिवपुरी ने परिवादी रामकुमार श्रीवास्तव पुत्र मूलचंद निवासी अहीर मोहल्ला पुरानी शिवपुरी से दुकानदारी के व्यवसाय हेतु बतौर ऋण ₹200000 तीन माह के लिए उधार लिए थे और उक्त राशि के भुगतान हेतु अपने बैंक खाते का चेक परिवादी को दिया था और परिवादी को आश्वासन दिया था कि उक्त चेक अपने बैंक खाते में जमा कर भुगतान प्राप्त कर लेना। आरोपी के आश्वासन अनुसार परिवादी ने आरोपी का उक्त चेक अपने बैंक में भुगतान हेतु प्रस्तुत किया तो उक्त चेक बाउंस होकर बिना भुगतान के परिवादी को प्राप्त हो गया। परिवादी ने अपने अधिवक्ता भरत ओझा के माध्यम से आरोपी को एक नोटिस जारी किया। नोटिस प्राप्ति के पश्चात आरोपी ने परिवादी को पैसा अदा नही किया तो परिवादी ने उक्त चेक बाउंस का मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया जहां न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के पश्चात उक्त मामले में आरोपी को दोषी पाते हुए 3 माह का कारावास एवं चैक राशि ₹200000 एवं 9% ब्याज की दर से तथा मामले में लगी न्याय शुल्क एवं अन्य राशि मिलाकर कुल ₹280000 प्रतिकार की राशि से दंडित किया है।

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