शिवपुरी। नगर की ख्यातिनाम नालंदा अकादमी में
आज दिनांक 16-02-2022 बुधवार को माननीय सुप्रीम कोर्ट के युवा एडवोकेट श्री निपुण सक्सेना द्वारा मौलिक अधिकारों पर विद्यार्थियों के साथ परिसंवाद किया गया। जिसमें मौलिक अधिकार को स्पष्ट करते हुए बताया कि ये अधिकार मानव के विकास यात्रा व भारत की गौरव गाथा के प्रतीक हैं, व कालक्रम में माननीय उच्चतम न्यायालयों के निर्णयों द्वारा भारत में मौलिक अधिकारों को और पुष्ट किया गया है। वर्तमान में उच्चतम न्यायलय मौलिक अधिकारों के जरिये समाज में समानता लाने का भी प्रयास कर रही है, शबरीमाला व नाज फाउंडेशन के मुद्दों पर दिए गए निर्णय इस ओर इंगित करते हैं। साथ ही उन्होंने मौलिक अधिकारों की कटौती करने के काल अर्थात इमरजेंसी पर भी प्रकाश डाला, जिसमे किस प्रकार मौलिक अधिकारों का हनन हुआ व माननीय उच्चतम न्यायलय द्वारा किस प्रकार इस काल में नागरिकों के अधिकारों का रक्षण किया...
इस परिसंवाद कार्यक्रम में नालंदा संस्थान के विद्यार्थियों ने भी अपनी मौलिक अधिकारों से सम्बंधित जिज्ञासा को निपुण जी के समक्ष रखा, जिसके उन्होंने संतुष्टिदायक जवाब दिए।

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