गोवर्धन। गोर्वधन सेवा समिति द्वारा गिर्राज धाम परिक्रमा मार्ग गोवर्धन में आयोजित श्रीमद भागवत कथा के आज पांचवे दिन की कथा में पंडित श्री वासुदेव नंदिनी भार्गव ने भगवान के गोकुल में जन्मोत्सव एवं बाल लीलाओं की कथा का श्रवन कराते हुए बताया कि भगवान नंद के यहां आए नंद आनंद का स्वरूप का और जहा आनन्द होता है परमानंद भगवान वही आते हैं । आनंद सुख को नहीं कहा जाता सुख बाहर परिस्थिति पर निर्भर होता है और आनंद जीव की मन स्तिथि पर निर्भर होता है । फिर सांय कालीन श्री गोवर्धन नाथ की पूजा एवं परिक्रमा का आनंद लिया। श्री गोवर्धन नाथ की पूजा पर भाव विभोर होकर महाराज जी ने बताया की बैसे कथा में श्री गोवर्धन का अनुभव किया था। लेकिन ठाकुर जी ने कैसी कृपा की आज गोवर्धन सामने अनुभूति में आ गए। श्री गोवर्धन में बैठकर उन्ही की पूजा करने का सौभाग्य मिला। गोवर्धन सेवा समितिशिवपुरी भागवत कथा कराई जा रही है समिति के सदस्य इस श्रीमद् भागवत कथा में मौजूद रहे दशरथ शर्मा बली मनीष शुक्ला धर्मेंद्र राठौर उमेश भारद्वाज महेंद्र गोयल दिलीप मुंडोतिया लोकेंद्र दंडोतिया मुकेश कुशवाह विकास पाठक अजय राजपूत इसमें मुख्य यजमान श्रीमती मानो देवी पूनम चंद राठौर है।

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