जो ठाकुर जी की शरण मैं रहता है उसका भार प्रभु स्वयं उठाते हैं: नंदिनी भार्गव * श्री मद्भागवत ज्ञान यज्ञ के साथ शहीद चंद्रशेखर आजाद की स्मृति (गौरव दिवस) के रूप में संपन्न
खनियाधाना। सीतापाठा पर,मेला प्रांगण मै आयोजित श्री मद भागवत ज्ञान यज्ञ मै विराम दिवस की कथा में वालयोगी पंडित श्री वासुदेव नंदिनी भार्गव जी ने गोर्वधन धारण की कथा का श्रवन कराते हुए बताया की इंद्र ने जब मूसलाधार वर्षा की की तो ब्रजवासियों ने भगवान की शरण ग्रहण की और फिर भगवान ने गिर्राज को धारण किया अर्थात जो भगवान की शरण में जाता है उसके सारे भार भगवन खुद उठा लेते है एवं भगवान की रास क्रीड़ा एवं भगवान और रुक्मणि जी के विवाह की कथा का श्रवण कराया।साथ ही शुकदेव जी के अंतिम उपदेशों पर कथा सुनाई। शहीद चंद्रशेखर आजाद की स्मृति के भव्य समारोह के दौरान,कवि सम्मेलन, श्री मद्भागवत कथा एवं शिव जी की वारात के साथ महाशिवरात्रि पर्व भी धूमधाम से मनाया गया।
शिव जी की बारात पोठ्याई मन्दिर से शुरू हुई जो बस स्टेंड होते हुए साहू समाज मन्दिर पहुंची जहां पर भगवान शिव जी का तिलक हुआ और बारात का जगह जगह स्वागत हुआ। बारात का सीता पाठा पर समापन हुआ।

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