यूनिसेफ के प्रतिनिधि मंडल ने कोविड काल में माता- पिता को खोने वाले बच्चों से मुलाकात कर सरकारी और गैर सरकारी सहायताओं की जानकारी ली
*बच्चों से मिले फीड बैक के बाद टीम ने सरकार की योजनाओं और प्रशासनिक संवेदनशीलता की सराहना की
शिवपुरी। कोविड काल में अनाथ हुए तथा माता- पिता में से किसी एक को खोने वाले बच्चों को सरकार और समाज से किस प्रकार की सहायता मिली। यह जानकारी लेने के लिए यूनिसेफ का प्रतिनिधि मंडल शुक्रवार को अपने दो दिवसीय दौरे पर शिवपुरी पहुंचा। इस प्रतिनिधि मंडल में केन्या की मार्गेट ग्वादा चीफ फील्ड ऑफिस, यूनिसेफ की अद्वेता मराठे, ममता संस्था की स्टेट हेड सीमा जैन शामिल थीं। प्रतिनिधि मंडल शनिवार को बाल अधिकार संरक्षण विषय पर आयोजित कार्यशाला में भी भाग लेगा। उन्होंने न्यू ब्लॉक स्थित वन स्टॉप सेंटर पर कोविड पीड़ित बच्चों के अलावा उन बच्चों से भी मुलाकात की जिनके बाल विवाह होने वाले थे और प्रशासन के द्वारा उन्हें रोका गया था। इस दौरान उन्होंने बच्चों से सरकार और समाज से मिले सहयोग की जानकारी ली। जब कोविड पीड़ित बच्चों ने बताया कि उन्हें मुख्यमंत्री कोविड बाल सेवा योजना के तहत प्रतिमाह 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता, निशुल्क राशन और मुफ्त शिक्षा के साथ प्रशासनिक अधिकारियों का पूरा सहयोग मिल रहा है, तो टीम ने सरकार और प्रशासनिक प्रयासों की सराहना की। इस दौरान महिला हिंसा एवं बाल विवाह रोकथाम के लिए काम करने वाले शौर्यादल सदस्यों से उनकी कार्य करने के तरीकों और इस दौरान आने वाली चुनोतियों की भी जानकारी ली। एकल माता- पिता वाले बच्चों ने बताया कि उन्हें स्पॉन्सरशिप योजना के तहत प्रतिमाह 2 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। कुछ बच्चों ने बताया कि वे प्राइवेट स्कूल में पढ़ते है और विद्यालय प्रबंधन ने उनकी स्कूल फीस माफ की दी है। जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र सुंदरियाल ने सदस्यों को बताया कि बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए सरकारी योजनाओं के अलावा गैर सरकारी मदद दिलाने के भी पूर्ण प्रयास किये गए। गैर सरकारी मदद से एकल माता पिता वाले 56 बच्चों को निजी स्पॉन्सरशिप के तहत 2 हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता तथा 20 से अधिक बच्चों को निजी स्कूलों द्वारा निशुल्क शिक्षा की सहायता दिलाई गई है। वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी प्रशासक अंगूरी बाथम एवं अन्य स्टाफ से चर्चा कर सेंटर की कार्य पद्धति एवं पीड़ित महिलाओं को मिलने वाली सुविधाओं की भी विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने काउंसलर एवं केस वर्कर्स
गुंजन शर्मा, आरती शर्मा, शुद्धि शुक्ला, काउंसलर स्वेता गुप्ता से परामर्श के दौरान आने वालीं चुनौतियों की भी जानकारी ली। इस दौरान सहायक संचालक आकाश अग्रवाल और बाल संरक्षण अधिकारी राघवेंद्र शर्मा, ममता संस्था की जिला संयोजक कल्पना रायजादा एवं अन्य विभागीय कर्मचारी मौजूद रहे।

कोई टिप्पणी नहीं
एक टिप्पणी भेजें