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भारत को विश्व का सिरमौर बनाने के लिए अपनी मूल अवधारणा की ओर लौटना होगा: चेतस सुखाड़िया

शुक्रवार, 11 मार्च 2022

/ by Vipin Shukla Mama
शिवपुरी। 11 मार्च 2022। भारत को यदि विश्व का सिरमौर बनाना है तो हमें अपनी मूल अवधारणा की ओर लौटना होगा परतंत्र से स्वतंत्र की ओर वह स्वतंत्र से गणतंत्र की ओर के चिंतन में ही भारत की स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव का उद्देश्य निहित है एक दिन भारत अपनी संस्कृति और सांस्कृतिक चेतना के आधार पर ही विश्व का सिरमौर बनेगा। इस देश की रीड अध्यात्म और सांस्कृतिक चेतना के भाव में निहित है हमारा अतीत समृद्ध शाली रहा है हजारों साल पुराने प्राचीन सांस्कृतिक ऐतिहासिक स्मारक इसके मुख्य साक्षी हैं कोई भी कायरों का इतिहास क्यों पड़ेगा जो लड़ नहीं पायेगा आगे नहीं बढ़ पाएगा भारत के इतिहास को देश के महापुरुषों की अवधारणा पर ही समझा जा सकता है यह बात राष्ट्रीय सेवा योजना के सप्त दिवसीय राज्य स्तरीय शिविर के पांचवे दिन सतनवाड़ा के शिवपुरी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी परिसर में बौद्धिक सत्र में उपस्थित प्रदेश के रासेयो स्वयंसेवको को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के मध्य क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री चैतन्य सुखाड़िया ने कहीं कार्यक्रम में सारस्वत अतिथि के रुप में आगाज फाउंडेशन के निदेशक श्री प्रशांत दुबे चीफ ऑफ द फील्ड ऑफिस यूएन मार्गरेट गोंडा चाइल्ड प्रोटेक्शन स्पेशल चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर अद्वैत मराठा ए बी व्ही पी के ग्वालियर विभाग संगठन मंत्री उपेंद्र सिंह तोमर ग्वालियर विभाग संयोजक ऋषभ शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जीवाजी विश्वविद्यालय के स्वयंसेवक अमन श्रीवास्तव थे जबकि अध्यक्षता देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर की स्वयंसेवक कुमारी पलक शर्मा ने की 
स्वामी जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के बाद सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत भोपाल विश्वविद्यालय के स्वयंसेवक ने प्रस्तुत किया आगाज फाउंडेशन के श्री प्रशांत दुबे ने बाल अधिकारों की बात करते हुए कहा कि शिक्षा सुरक्षा सेहत प्यार बच्चे के हैं चार अधिकार कोई बच्चा शोषित ना हो सभी अपने अपने बाल अधिकारों को जी सकें इसके लिए बड़े स्तर पर जन जागरण अभियान चलाए जाने की जरूरत है उन्होंने कहा कि अभी बाल विवाह बाल मजदूरी बाल तस्करी बाल हिंसा भी बड़ी समस्या है शिविर की अन्य गतिविधियों में तालाब गहरीकरण ग्राम सर्वेक्षण नुक्कड़ नाटक परिसर विकास आदि जैसे परियोजना कार्यों को स्वयंसेवकों ने प्राथमिकता के आधार पर किया  स्वयंसेवक के साथ राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी जिला संगठक कार्यक्रम समन्वयक एवं राज्य एनएसएस अधिकारी भी परियोजना स्थलों पर उपस्थित रहे । स्वयंसेवकों ने साथी हाथ बढ़ाना के आधार पर उत्साहित होकर श्रमदान किया।
शिविर की अन्य गतिविधियां भी निर्धारित शिविर संरचना के अनुसार चलती रही आज के बौद्धिक सत्र में आए अतिथियों का एनएसएस परंपरा के साथ बैच लगाकर व श्रीफल भेंट करके सम्मानित किया गया साथ ही स्मृति चिन्ह शिविर के मुखिया राज्य एनएसएस अधिकारी डॉक्टर आरके विजय जी द्वारा भेंट किए गए मंच पर शिविर आयोजन करने वाले संगठन विश्वविद्यालय जीवाजी विश्वविद्यालय के कार्यक्रम समन्वयक प्रोफेसर रवि कांत अदालत वाले जी भी उपस्थित थे कार्यक्रम का संचालन स्वयंसेवक स्तुति पांडेय एवम राजन गुगरानिया ने किया एवम् आभार कार्यक्रम अधिकारी डॉ हेमलता वर्मा ने किया।

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