शिवपुरी। टाइगर जब आयेगा तब आयेगा उसके पहले टाइगर के घरौंदे के निर्माण में लगे जिमेदार महाघोटाला करने में जुट गए हैं। जिन ठेकेदारों को काम सौंपा गया है वे दिवाली मनाने में जुट गए हैं लेकिन इस काम की मॉनिटरिंग करने वाले अधिकारी भी सवालों के घेरे में हैं। ताजा मामला टाइगर के कोरिडोर की फेंसिंग में 13.50 किलो की जगह 11.50 की engil एंगिल ठोकने का है। यानि घोटाले की फेंसिंग में टाइगर को कैद करने की तैयारी है! बता दें की टाइगर प्रोजेक्ट के लिए माधव नेशनल पार्क प्रबंधन ने भूमि अधिग्रहित कर उसे कोरीडोर में शामिल किया है। अधिग्रहित क्षेत्र की करीब 14 किमी वाली चैन लिंक में फेंसिंग का कार्य किया जा रहा है। फेंसिंग कराने के लिए जेम पोर्टल के जरिए लोहे के एंगल खरीदे गए हैं। इन एंगल का वजन निर्धारित मात्रा से 2 किलोग्राम तक कम है। इस तरह लोहे के मौजूदा भाव 90 रुपए प्रति किलो के हिसाब से 12 लाख रुपए से अधिक की गड़बड़ का अंदेशा है।40 करोड़ खर्च कर खाली कराए ग्राम, फिर भी होती थी खेती
नेशनल पार्क में दिसंबर 2021 तक करीब 2 हजार हेक्टेयर भूमि अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए 40 करोड़ खर्च किए गए थे लेकिन एक एक किसान को करीब 1 से 3 करोड़ मुआवजा मिलने पर भी वे भूमि पर खेती करते रहे। अब कलेक्टर अक्षय सिंह, एसपी राजेश चंदेल, एसडीएम गणेश जायसवाल, डिप्टी कलेक्टर शिवांगी अग्रवाल, पर्यटन संवर्धन के अध्यक्ष अरविंद तोमर और पार्क अधिकारियों के सम्मिलित प्रयासों से अतिक्रमण हटाया गया और पार्क के अंदर सुरक्षित जॉन तैयार करने के लिए चैन लिंक फेंसिंग मई 2022 से शुरू कराया है। 14 किमी हिस्से में एंगल लगवाने का काम चल रहा है। जेम पोर्टल के माध्यम से महाजन स्टील इंडस्ट्रीज शिवपुरी से 13.50 किलो वजन के मान से एंगल खरीदे गए हैं लेकिन मौके पर लगाए जा रहे एंगल के वजन में सीधे तौर पर दो किलो तक एंगल का वजन 11 से 11.50 किलो तक ही निकला है।
इसके पहले लग चुके एंगिल कुपोषित
बता दें की अभी वाले एंगिल कमजोर हैं जबकि पहले लग चुके कुछ एंगल तो इनसे भी कमजोर यानि कुपोषित दिख रहे हैं। इस तरह वजन दो किलो तक कम हैं। इधर जेम पोर्टल से खरीदी में रेंजर को छोड़ सीधे एसडीओ स्तर से खरीदी कर डाली गई हैं। फेसिंग के लिए 6700 से अधिक एंगल लगवाए गए हैं। जो पार्क के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में लगवाए जा रहे हैं। इस तरह 2 किलो के हिसाब से 13 हजार किलो से अधिक वजन का अंतर आ रहा है। मौजूदा दाम के हिसाब से 12 लाख से अधिक रकम सीधे तौर पर गड़बड़ की जा रही है।
ये गांवों को अधिग्रहित कर फेसिंग कराई जा रही
माधव राष्ट्रीय उद्यान के कोरीडोर के लिए अर्जुनगवां, हरनगर, लखनगवां, मांमौनी, चक डोंगर को शामिल किया गया है। मुआवजा ले चुके किसानों को पार्क ने शिफ्ट करके भूमि अधिपत्य में ले ली है। अब 14 किमी की चैन लिंक फेसिंग कराकर पार्क के अंदर उक्त भूमि को सुरक्षित किया जा रहा है। चैन लिंक फेंसिंग की जाली पर जिंक कोटिंग होना है। साथ ही जीआई वायर पर भी जिंक कोटिंग होना है। जिंक कोटिंग से फेंसिंग लंबे समय तक टिकी रहेगी। एंगल गाढ़े जाने के बाद जाली लगाई जाना है।
सामान लेकर स्टाफ ने प्राप्ति दी, तुलवाए नहीं
यह पूरे डिवीजन का काम है। टेंडर के जरिए सामान आ रहा है। सर (एसडीओ) ने आदेश निकाला था, सामान लेकर स्टाफ ने प्राप्ति दे दी थी । हमें तो सामान प्रोवाइड किया गया था लेकिन हमने एंगल तुलवाया नहीं है। पिंकी रघुवंशी, रेंजर, माधव नेशनल पार्क शिवपुरी
वजन तो मेरा बेटा बता पाएगा
हमने एंगल 13.50 किग्रा का दिया है, तौलकर दिया है। यदि 11.50 किग्रा वजन है तो इस बारे में मेरा बेटा बताएगा। यह काम बेटा देख रहा है।
सुरेश कुमार महाजन, संचालक, महाजन स्टील इंडस्ट्रीज शिवपुरी

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