*प्रधानमंत्री 20 जून को कर्नाटक का दौरा करेंगे
*प्रधानमंत्री बेंगलुरू में 27000 करोड़ रुपये से अधिक की कई रेल और सड़क बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे
*बेंगलुरु उपनगरीय रेल परियोजना, बेंगलुरु कैंट और यशवंतपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन पुनर्विकास का शिलान्यास करेंगे
*प्रधानमंत्री भारत के पहले वातानुकूलित रेलवे स्टेशन, कोंकण रेलवे लाइन के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण और अन्य रेलवे परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे
*प्रधानमंत्री मैसूर में नागनहल्ली रेलवे स्टेशन पर उप-शहरी यातायात के लिए कोचिंग टर्मिनल की आधारशिला रखेंगे
दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 20 जून, 2022 को कर्नाटक का दौरा करेंगे। 20 जून को दोपहर लगभग दो बजकर 45 मिनट पर प्रधानमंत्री बेंगलुरु के कोम्मघट्टा पहुंचेंगे, जहां वह 27000 करोड़ रुपये से अधिक की कई रेल और सड़क बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे, फिर लगभग पांच बजकर 30 मिनट पर प्रधानमंत्री मैसूर के महाराजा कॉलेज ग्राउंड में एक सार्वजनिक समारोह में शामिल होंगे, जहां वह नागनहल्ली रेलवे स्टेशन पर कोचिंग टर्मिनल की आधारशिला रखेंगे।बेंगलुरु में प्रधानमंत्री
बेंगलुरू में गतिशीलता और संपर्क बढ़ाने की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री बेंगलुरु उपनगरीय रेल परियोजना (बीएसआरपी) की आधारशिला रखेंगे, जो बेंगलुरु शहर को उसके उपनगरों और उनसे जुड़ी टाउनशिप से जोड़ेगी। इस परियोजना को 15,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार किया जाएगा और इसमें 4 गलियारों की परिकल्पना की गई है जिनकी कुल लंबाई 148 किलोमीटर से अधिक है। प्रधानमंत्री बेंगलुरू कैंट और यशवंतपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की भी आधारशिला रखेंगे, जिन्हें क्रमशः 500 करोड़ रुपये और 375 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री बैयप्पनहल्ली में भारत के पहले वातानुकूलित रेलवे स्टेशन- सर एम विश्वेश्वरैया रेलवे स्टेशन को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिसे लगभग 315 करोड़ रुपये की कुल लागत से आधुनिक हवाई अड्डे की तर्ज पर विकसित किया गया है। प्रधानमंत्री उडुपी, मडगांव और रत्नागिरी से इलेक्ट्रिक ट्रेनों को झंडी दिखाकर रोहा (महाराष्ट्र) से ठोकुर (कर्नाटक) तक कोंकण रेलवे लाइन (लगभग 740 किलोमीटर) के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। कोंकण रेलवे लाइन का विद्युतीकरण 1280 करोड़ से अधिक की लागत से किया गया है। प्रधानमंत्री दो रेलवे लाइनों के दोहरीकरण की परियोजनाओं-अर्सीकेरे से तुमकुरु (लगभग 96 किमी) और येलहंका से पेनुकोंडा (लगभग 120 किमी) के लिए यात्री ट्रेनों और एमईएमयू सेवा को हरी झंडी दिखाकर राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इन दो रेलवे लाइन दोहरीकरण परियोजनाओं को क्रमशः 750 करोड़ रुपये और 1100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया गया है।
मैसूर में प्रधानमंत्री
मैसूर के महाराजा कॉलेज ग्राउंड में एक सार्वजनिक समारोह में, प्रधानमंत्री नागनहल्ली रेलवे स्टेशन पर उप-शहरी यातायात के लिए कोचिंग टर्मिनल की आधारशिला रखेंगे, जिसे 480 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया जाएगा। कोचिंग टर्मिनल में एक मेमू शेड भी होगा और मौजूदा मैसूर यार्ड से भीड़भाड़ कम होगी, जिससे मैसूर से अधिक मेमू ट्रेन सेवाओं और लंबी दूरी की ट्रेनों को चलाने में सुविधा होगी, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और पर्यटन क्षमता दोनों में सुधार होगा। इससे दैनिक यात्रियों के साथ-साथ लंबी दूरी के गंतव्यों की यात्रा करने वालों को भी लाभ होगा।

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