कल कई फार्म होंगे वापिस!
आज भाजपा के घोषित प्रत्याशियों ने अपनी राह के कांटे भी श्रीमंत को बताए जिसके बाद कुछ नेता होटल पहुंचे और आश्वस्त किया कि वे कल आखरी दिन फार्म वापिस लेकर भाजपा के लिए काम करेंगे। होटल पर जो नजर आए उनमें तरुण अग्रवाल, रामू गुर्जर, गब्बर परिहार, सुरेंद्र रजक सहित कुछ अन्य नेता शामिल थे जिन्होंने बागी होकर निर्दलीय फार्म भरा हुआ हैं। इनमें से तीन नेताओं ने कहा कि हम चुनाव लडेंगे।
ढाई बजे तक चला मुलाकात का क्रम
प्रत्याशियों से श्रीमंत ने इतमीनान से बातचीत की। उन्होंने एक एक से विस्तार से बात की। प्रत्याशी अपनी बारी का इंतजार करते दिखे।
नगर विकास का सपना हो साकार
श्रीमंत पहले से कहती रही हैं की शिवपुरी प्रदेश का पहला विकसित शहर हो। स्वक्षता से लेकर बाग बगीचे, सड़क, पानी सब चौकस हों। इसीलिए वे भाजपा के सुयोग्य पार्षदों को नपा तक ले जाने प्रतिबद्ध हैं।
ये हैं भाजपा के रास्ते में कांटे
वार्ड क्रमांक 5 से पूर्व पार्षद कविता गर्ग पत्नी मनीष गर्ग मंजू, रोहित मंगल वार्ड क्रमांक 6 से भाजपा जिला उपाध्यक्ष मंजूला जैन और भाजपा नेता तरूण अग्रवाल की पत्नी श्वेता अग्रवाल, वार्ड क्रमांक 7 से अरविंद ठाकुर, वार्ड क्रमांक 12 से अशोक कुशवाह, वार्ड क्रमांक 15 से लायंस क्लब के पूर्व प्रांतपाल अशोक ठाकुर की पत्नी किरण ठाकुर, भारतीय जनता पार्टी पूर्व नगर उपाध्यक्ष मुकेश त्यागी गोल्डी की पुत्रवधू सविता सौरभ त्यागी वार्ड 18 से, वार्ड 19 से विनीत गुर्जर, वार्ड क्रमांक 20 से पूर्व पार्षद रेखा गब्बर परिहार, वार्ड क्रमांक 21 से रघुराज सिंह गुर्जर, वार्ड क्रमांक 28 से हरिओम नरवरिया, 28 से शगुन सुजान भदौरिया, वार्ड क्रमांक 33 से पूर्व पार्षद मथुरा प्रजापति की पत्नी रामश्री प्रजापति, वार्ड 34 से अजय गुप्ता के भाई संजय गुप्ता की पुत्र वधु अनीता गुप्ता, वार्ड 35 से मदन मट्टू, वार्ड 36 से पूर्व पार्षद श्याम परिहार, वार्ड क्रमांक 37 से अतुल श्रीवास्तव, मुकेश गोयल, गौरव सिंघल।
अध्ययन में फिसड्डी रहे नगर मंडल अध्यक्ष
नगर में चर्चा है की भाजपा के नगर मंडल के दो अध्यक्ष वार्ड में सही चेहरों की नब्ज भांपने में कसर कर गए। इसके पीछे कुछ हद तक बाहरी को दूसरे वार्डों में थोपे जाने की चर्चा हैं। कुछ वार्ड में प्रत्याशी को जनता इस चुनाव के होने तक पहचान पाएंगे लेकिन अभी जानते नहीं। जो प्रत्याशी बागी हुए उनका कहना है कि बाहरी की जगह किसी भी पार्टी के कार्यकर्ता को टिकिट मिलता तो ये हाल न होता। हालाकि इस तर्क को अब परखने के हालात नहीं बचे और ऐसा होता भी ये भी कहना ख्याली पुलाव हैं।
इसके बावजूद काम करेगा श्रीमंत का विश्वास
लोगों का कहना है कि हालात चाहे जो भी हों लेकिन जनता अपनी प्रिय नेता श्रीमंत यशोधराराजे पर भरोसा करेगी। जनता का कहना है की उन्हीं की बदौलत नगर में इस बार सैकड़ों टैंकर सड़क पर नहीं दौड़े लोगों को पानी मिला जबकि कोरोना में भी उन्होंने रात दिन मेहनत की। थीम रोड सहित कई बदल सड़कें बनवाई। ये सब जनता भूली नहीं है।

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