दिल्ली। सेना की नई भर्ती योजना अग्निपथ घोषणा के अगले ही दिन विवादों में घिर गई हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को अग्निपथ योजना की घोषणा की और बुधवार को ही यूपी, राजस्थान, बिहार में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए जो दूसरे दिन भी जारी हैं। नवादा में तीन ट्रेन की बोगी में आग लगा दी। पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। नतीजे में मुजफ्फरपुर में प्रदर्शन हुआ, सबसे पहले प्रदर्शनकारी ARO (आर्मी रिक्रूटमेंट ऑफिस) पर पहुंचे। वहां पर विरोध जताया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने माड़ीपुर में आगजनी कर रोड जाम कर दिया। साथ ही सड़क के आसपास लगे बोर्ड और होर्डिंग तोड़ने की कोशिश की। बोले जब तक सेना का कोई अधिकारी उन लोगों की समस्या नहीं सुनेंगे वे सड़क से नहीं हटेंगे। इधर बक्सर में रेलवे ट्रैक जाम कर दिया गया। दिल्ली कोलकाता रेलवे ट्रैक पर बक्सर स्टेशन के मालगोदाम के पास जाम कर लगाया तो मौके पर फोर्स, रेलवे अधिकारी पहुंचे, समझाइश देकर जाम खुलवाया। जबकि बेगूसराय में हाईवे जाम किया। हर हर महादेव चौक पर NH-31 को पूरी तरीके से जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि अग्निपथ योजना भर्ती प्रक्रिया रद्द कर पुरानी भर्ती प्रक्रिया वापस की जाए। उम्र में 2 वर्ष की छूट दी जाए। CEE परीक्षा जल्द करवाई जाए। एयर फोर्स एयरमैन का रिजल्ट जारी किया जाए। उधर प्रदर्शन के चलते मुजफ्फरपुर के माड़ीपुर में आगजनी के साथ सड़क जाम कर दी गई। जबकि बक्सर बिहार में प्रदर्शनकारियों ने रेलवे ट्रैक जाम कर दिया। योजना को वापस लेने की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारियों ने आरा में जमकर बवाल किया। इतना ही नहीं यूपी के अंबेडकरनगर में युवाओं ने विरोध जताया तो राजस्थान के जयपुर में युवा सड़क पर उतर आए और योजना वापस लो के बारे बुलंद किए। 'अग्निपथ 3 घंटे की फिल्म है और नौकरी 4 साल की, जय बोलो कन्हैया लाल की'
अग्निपथ योजना पर सवाल उठाते हुए लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल ने इस योजना की कड़ी आलोचना की। पार्टी ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, 'अग्निपथ 3 घंटे की फिल्म है और नौकरी 4 साल की। जय बोलो कन्हैया लाल की।' वहीं बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी विरोध स्वरूप ट्वीट किया।
ये बोले प्रदर्शनकारी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को इसका ऐलान किया था कि अग्निपथ स्कीम के तहत अग्निवीरों की नियुक्ति होगी, जिन्हें 4 साल के लिए सेना में नौकरी दी जाएगी। 4 साल बाद 75 फीसदी जवानों को 11 लाख रुपए देकर घर वापस कर दिया जाएगा। सिर्फ 25 फीसदी की सेवा में कुछ विस्तार होगा। इसी नए नियम को लेकर हंगामा व प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका यह भी कहना था कि सेना में नियुक्ति के लिए साल 2021 में आवेदन मांगे गए थे। मुजफ्फरपुर के साथ आठ जिलों के हजारों अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। जिन्होंने फिजिकल टेस्ट पास किए उनका मेडिकल हुआ लेकिन मेडिकल होने के बाद अब एक साल से लिखित परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं। अब तक परीक्षा नहीं ली गई।
हम नेताओं से गए गुजरे
नेता हो या विधायक, सभी को 5 साल का समय मिलता है, हमारा 4 साल में क्या होगा। हमारे पास पेंशन की भी सुविधा नहीं है। 4 साल बाद हम रोड पर आ जाएंगे। ये प्रदर्शनकारियों का कहना था। उन्होंने कहा कि सेना में नियुक्ति की यह योजना रद्द की जाए।

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