दिल्ली। राष्ट्रपति के चुनाव में एनडीए की ओर से उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू होंगी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ऐलान किया कि झारखंड की पूर्व गवर्नर द्रौपदी मुर्मू एनडीए की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार होंगी। संसदीय बोर्ड की बैठक में करीब 20 नामों पर चर्चा हुई और आदिवासी महिला नेता मुर्मू फाइनल हुईं। मंगलवार को यहां पार्टी मुख्यालय में भाजपा की सर्वोच्च नीति निर्धारक संस्था, संसदीय बोर्ड की बैठक हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित संसदीय बोर्ड के अन्य सदस्य बैठक में मौजूद रहे। यह भी जान लीजिए
मुर्मू ने पार्षद पद से अपना सियासी सफर प्रारंभ किया था। ओडिशा से दो बार विधायक रह चुकी हैं। द्रौपदी मुर्मू झारखंड की पहली महिला गवर्नर रही हैं। ओडिशा की पहली महिला और आदिवासी नेता रही हैं, जिन्हें किसी भारतीय राज्य में गवर्नर बनाया गया और जिसने अपना कार्यकाल पूरा किया। बीजेपी एसटी मोर्चा की कार्यकारिणी में सदस्य रही हैं साथ ही बीजेपी-बीजेडी गठबंधन सरकार में मंत्री रही हैं। बता दें की मौजूदा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है। राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्षी दलों की ओर से संयुक्त उम्मीदवार के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा को मैदान में उतारा गया है। विपक्षी उम्मीदवार के रूप में सिन्हा के नाम की घोषणा के बाद अगले राष्ट्रपति के निर्वाचन के लिए 18 जुलाई को मतदान होना अब तय माना जा रहा है। राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन पत्र भरने की प्रक्रिया जारी है। 29 जून नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि है।
पहली आदिवासी और दूसरी महिला राष्ट्रपति
अगर द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति चुनी जाती हैं तो वो भारत के इतिहास में पहली आदिवासी राष्ट्रपति होंगी। ओडिशा राज्य से आने वाली पहली राष्ट्रपति होंगी। प्रतिभा पाटिल के बाद देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति बनेंगी।
संघर्षशील हैं द्रौपदी मुर्मू
द्रौपदी मुर्मू का जीवन बेहद संघर्षमय रहा है। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में बड़ा योगदान दिया है। वो एक बेहद गरीब आदिवासी परिवार में जन्मी लेकिन उनके अंदर समाज के उत्थान के लिए काम करने की ललक थी। उन्होंने रैरंगपुर के श्री अरबिंदो इंटीग्रल एजुकेशन सेंटर में बिना वेतन के अध्यापन कार्य किया। उन्होंने अपना राजनीतिक करियर रैरंगपुर एनएसी के वाइस चेयरमैन के तौर पर शुरू किया। उन्हें ओडिशा विधानसभा ने वर्ष 2007 में सर्वश्रेष्ठ विधायक के तौर पर नीलकंठ अवार्ड से सम्मानित किया। उन्होंने ओडिशा सरकार में ट्रांसपोर्ट, वाणिज्य, मछलीपालन, पशुपालन जैसे कई अहम विभाग संभाले।

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