दिल्ली। एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया ने सभी राज्यों के लिए कुत्ते पालने को लेकर गाइडलाइन तैयार कर निर्देश जारी कर दिए हैं। इस गाइडलाइन का पालन करने पर ही अब आप घर में कुत्ते पाल सकेंगे। इतना ही नहीं आप खुद रोज एक बार भी घूमें या न घूमें लेकिन कुत्ते को रोज दो बार घुमाने ले जाना पड़ेगा तभी आप उसे घर में रख सकेंगे। नई गाइडलाइन में स्ट्रीट डॉग्स को गोद लेने से पहले कुछ आवश्यक शर्तें पूरी करनी होंगी। ये भी बताया गया कि जिस घर में कुत्ता गोद लिया जा रहा है, उसमें किन-किन सुविधाओं का होना जरूरी है। एनिमल वेलफेयर बोर्ड के अनुसार 18 साल से ज्यादा का कोई भी व्यक्ति बोर्ड से मान्यता प्राप्त किसी शेल्टर होम से कुत्ता गोद ले सकता है। अगर कोई सीधे सड़क से कुत्ता गोद लेना चाहे तो कुत्ते के मेडिकल चेकअप और वैक्सीनेशन के बाद उसे अपनी नजदीकी नगर पालिका या पंचायत से गोद लेने का प्रमाणपत्र लेना होगा। हालाकि इसके लिए जरूरी है की वह व्यक्ति मानसिक बीमार न हो और कुत्ता गोद लेने का बाद उसे खाने पिलाने, पालन पोषण करने और उसकी सेहत का ध्यान रखने में सक्षम हो।
विडियोकॉल पर होगी जांच
बोर्ड ने कुत्ते को गोद देने से पहले घर की विजिट या वीडियो कॉल से जांच का भी प्रावधान किया है। इसके अलावा गोद लेने से पहले कुत्ते की मेडिकल जांच और नसबंदी करवानी भी जरूरी है। जिस घर में पेट्स पाले जा रहे हैं, वहां उनके लिए सोने और बैठने की उचित जगह होनी चाहिए। उन्हें टाइम पर उपयुक्त खाना खिलाया जाना चाहिए और 24 घंटे साफ पानी उपलब्ध होना चाहिए।
ये प्रबंध भी होना आवश्यक
बोर्ड की ओर से किसी घर को पेट फ्रेंडली हाउस घोषित करने के लिए भी कुछ शर्तें रखी गई हैं। इनके अनुसार बहुमंजिला घर होने पर कुत्ते भाग ना सकें या गिर न जाएं, इसके लिए बालकनी में जाली लगी होना जरूरी है। घर में मौजूद कोई भी नुकीली चीज या बिजली के तार ढके होने चाहिए। घर में किसी भी ऐसे पौधे, केमिकल, अगरबत्ती या खाने-पीने की चीज की जानकारी भी जांच टीम को देनी जरूरी है जो कि पेट्स के लिए घातक साबित हो सकती हो।

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