ये लिखा हैं पत्र
रजिस्टर्ड वैधानिक सूचना पत्र अधीन धारा 80 सी.पी.सी. के अंतर्गत
विजय तिवारी एडवोकेट, "साकेत" शक्तिपुरम, वार्ड नं0 2 शिवपुरी म०प्र०
विरुद्ध
सूचक 1. प्रमुख सचिव महोदय नगरीय प्रशासन एवं विकास, बल्लभ भवन भोपाल म०प्र०
2. आयुक्त महोदय, नगरीय प्रशासन एवं विकास, बल्लभ भवन भोपाल म०प्र० ..सूचितगण मेरे द्वारा व्यापक लोकहित में आमजनता से जुड़े महत्वपूर्ण विषय को लेकर आप सूचितगण के विरुद्ध यह वैधानिक सूचना पत्र प्रचलित किया जा रहा है जो विदआउट प्रिज्युडिस समझा जावे :
यह कि प्रार्थी विगत 31 वर्षों से जिला सत्र न्यायालय शिवपुरी में अधिवक्ता व्यवसाय में
संलग्न है प्रार्थी द्वारा शासकीय विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरूद्ध लोकायुक्त संगठन, आर्थिक अपराध ब्यूरो आदि में कई प्रकरण दर्ज कराये गये हैं तथा व्यापक लोकहित से जुड़े कयी मुददों को लेकर प्रार्थी द्वारा विभिन्न जनहित याचिकायें माननीय उच्च न्यायालय राष्ट्रीय हरित अधिकरण आदि में प्रस्तुत की गयी है इस प्रकार प्रार्थी अधिवक्ता "दहिसल ब्लोअर" है। यह कि महेन्द्र कुमार गोयल पुत्र रामजीदास गोयल निवासी शिवपुरी होटल के सामने, ए०बी० रोड़ शिवपुरी (म०प्र०) के विरूद्ध आवासीय भवन स्वीकृति के स्थान पर बहुमंजिला व्यवसायिक भवन निर्माण करने का प्रकरण नगरपालिका शिवपुरी द्वारा संस्थित किया था।
यह कि परिषद ने अपने कार्यालयीन पत्र क्रमांक 335 / 15 दिनांक 02.02.2015 द्वारा भवन
स्वामी को सात दिवस में कुल 6,62,86,836 /- रूपये अर्थदण्ड राशि नगरपालिका शिवपुरी
में अधिकाषित कराये जाने का अथवा अन्यथा की दशा में बी०आर० टॉवर नामक अवैध
व्यवसायिक भवन को गिराने के संबंध में सूचना पत्र प्रचलित किया था।
2. 3. 4 यह कि मुख्य नगरपालिका अधिकारी नगरपालिका परिषद शिवपुरी द्वारा प्रचलित उक्त सूचना पत्र के विरुद्ध बी०आर० टॉवर के भवन स्वामी द्वारा माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर के समक्ष रिट पिटीशन संख्या 842 / 2015 एवं 1350 / 2015 प्रस्तुत की थी जिन्हें माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 25.03.2015 को इस निर्देश के साथ निरस्त कर दिया था कि महेन्द्र गोयल को परिषद की अपील समिति के समक्ष अपनी आपत्ति प्रस्तुत करनी चाहिये तथा नगरपालिका परिषद की अपील समिति द्वारा उक्त विवाद का निराकरण किया जावेगा।
5. यह कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के चार माह व्यतीत होने उपरांत भी जब नगरपालिका शिवपुरी द्वारा अपील समिति का गठन नहीं किया गया तो मेरे द्वारा दिनांक 20.07.2015 को एक वैधानिक सूचना पत्र इस आशय का नगरपालिका शिवपुरी के विरूद्ध प्रचलित किया गया कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में शीघ्र अपील समिति की बैठक आहूत कर जन सामान्य के विविध प्रकरणो एवं बी०आर० टॉवर के विवाद का निराकरण कराया जाये। उक्त आवेदन पत्र नगरपालिका परिषद शिवपुरी के आवक कं० 1312 दिनांक 20.07.2015 मेरे द्वारा प्रस्तुत किया गया था। उक्त सूचना पत्र के आलोक में अपील समिति द्वारा अपनी बैठक आयोजित कर समिति द्वारा दिनांक 07.10.2015 को आदेश पारित कर पूर्व में अधिरोपित अर्थदण्ड राशि 6.62.86,836/- रूपये को कम कर 1.52,51,247/- रूपये कम्पाउण्ड राशि अधिरोपित कर प्रकरण सी०एम०ओ० शिवपुरी को एक माह में निराकरण हेतु भेज दिया गया। यह कि अपील समिति के उक्त निर्णय के विरूद्ध बी०आर० टॉवर के भवन स्वामी महेन्द्र गोयल द्वारा म०प्र० शासन के समक्ष अपील अधीन धारा 331 नगर पालिका विधान के तहत प्रस्तुत की गयी जो म०प्र० शासन के "प्रमुख सचिव माननीय मलय श्रीवास्तव द्वारा दिनांक 20.02.2017 को कमांक एफ-10-53 / 2015 / 18-2 (बी) द्वारा निरस्त कर दी गयी तथा यह आदेशित किया गया कि महेन्द्र कुमार गोयल द्वारा बी०आर० टॉवर नामक बहुमंजिला व्यवसायिक भवन में किये गये अप्राधिकृत निर्माण के विरूद्ध मुख्य नगरपालिका अधिकारी शिवपुरी नगरपालिका एक्ट के तहत न्यायोचित कार्यवाही करें।
यह कि उक्त भवन निर्माता महेन्द्र कुमार गोयल राजनैतिक एवं आर्थिक रूप से पहुँच वाला व्यक्ति है, इस कारण आप सूचितगण द्वारा उक्त अवैध व्यवसायिक भवन के विरुद्ध कोयी वैधानिक कार्यवाही प्रारंभ नहीं की जा रही है जबकि प्रमुख सचिव महोदय का उक्त आदेश दिनांकित 20.02.2017 अंतिम आदेश की श्रेणी में आता है, उसे पारित होने के पांच वर्ष व्यतीत होने उपरांत भी आप सूचितगण द्वारा शासन के विभाग के वरिष्ठतम अधिकारी के निर्देशो का अनुपालन नहीं कराया जा रहा है। यह कि, माननीय प्रमुख सचिव महोदय, नगरीय प्रशासन भोपाल के उक्त अंतिम आदेश की जानकारी होते ही मेरे द्वारा मुख्य नगरपालिका अधिकारी शिवपुरी को दिनांक 29.03.2022 को एक सूचना पत्र प्रेषित कर अवैध भवन बी. आर. टॉवर के संबंध में कार्यवाही की मांग की गई। उक्त सूचना पत्र नगरपालिका शिवपुरी के आवक क्रमांक 541, 542 दिनांक 29.03.2022 पर दर्ज हुआ। छायाप्रति संलग्न हैं।
यह कि प्रदेश के विभाग प्रमुख का आदेश पारित होने के पांच वर्ष से ज्यादा समय व्यतीत होने पश्चात भी मुख्य नगरपालिका अधिकारी शिवपुरी द्वारा माननीय प्रमुख सचिव महोदय के आदेश का क्रियान्वयन ना कर प्रमुख सचिव महोदय के आदेश की अवमानना कारित की जा रही है जबकि प्रमुख सचिव महोदय के आदेश के पत्र क्रमांक 11 में स्पष्ट रूप से कार्यवाही हेतु सी.एम.ओ. को अधिकृत किया है। अतः वैधानिक सूचना पत्र प्रचलित कर आप सूचितगण से अपेक्षा की जाती है है कि सूचित क्रमांक 1 द्वारा पारित आदेश दिनांक 20.02.2017 के क्रियान्वयन शीघ्रता से करायेंगे तथा माननीय प्रमुख सचिव महोदय के आदेश की जानकारी होने के बाबजूद जानबूझकर उक्त आदेश को अमल ना करवाने वाले अर्थात प्रशासकीय अवमानना कारित करने वाले मुख्य नगरपालिका अधिकारी शैलेष अवस्थी के विरूद्ध कठोर कार्यवाही किये जाने की आज्ञा प्रदान की जाये।
दिनांक : 24.08.2022
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