मामला इस प्रकार है आरोपी पियूष शर्मा ने संजय जैन पुत्र राजकुमार जैन निवासी कृष्ण पुरम कॉलोनी से ₹500000 उधार दिनांक 19 11 2015 को पारिवारिक एवं अन्य कार्यों की आवश्यकता पूर्ति के लिए नगद लिए थे जिसकी अदायगी के लिए आरोपी पीयूष शर्मा ने एक चेक भारतीय स्टेट बैंक शाखा माधव चौक शिवपुरी का प्रदत्त किया था जब परिवादी ने उक्त चेक नियत दिनांक को भुगतान हेतु बैंक में प्रस्तुत किया तो बैंक से उक्त चेक बाउंस होकर वापस फरियादी को प्राप्त हो गया परिवादी संजय जैन ने अपने अधिवक्ता गजेंद्र सिंह यादव एडवोकेट के माध्यम से आरोपी पीयूष शर्मा को उधार ली गई राशि ₹500000 की मांग हेतु नोटिस भेजा किंतु नोटिस में दी गई 15 दिवस की अवधि मैं भी आरोपी ने संजय जैन को ₹500000 की राशि अदा नहीं की इसके बाद आरोपी पीयूष शर्मा के खिलाफ धारा 138 एन आई एक्ट का परिवाद अपने अधिवक्ता गजेंद्र यादव के माध्यम से माननीय न्यायालय शिवपुरी में प्रस्तुत किया संपूर्ण गवाहीउपरांत माननीय जेएमएफसी महोदय शिवपुरी ने आरोपी पियूष शर्मा को दिनांक 2 फरवरी 2022 को 3 माह का सश्रम कारावास धारा 138 एन आई एक्ट में एवं ₹710000 प्रतिकार के रूप में परिवादी को दिए जाने का आदेश पारित हुआ प्रतिकार की राशि जमा न करने पर अलग से 3 माह का अतिरिक्त कारावास आदेश पारित हुआ इसी प्रकार दूसरा मामला इस प्रकार है आरोपी पियूष शर्मा ने रामगोपाल ओझा निवासी इंद्र पुरम कॉलोनी से ₹500000 उधार दिनांक 19 11 2015 को लिए थे उक्त राशि उक्त राशि के भुगतान हेतु आरोपी पियूष शर्मा ने फरियादी रामगोपाल को ₹500000 का भारतीय स्टेट बैंक शाखा शिवपुरी का चेक प्रस्तुत किया नियत अवधि मैं फरियादी ने प्रस्तुत चेक भुगतान हेतु अपने बैंक में प्रस्तुत किया तो उक्त चेक बाउंस हो गया फिर फरियादी ने अपने वकील गजेंद्र यादव के माध्यम से आरोपी पियूष शर्मा को नोटिस भेजा नोटिस अवधी उपरांत भी चेक राशि का भुगतान नहीं किया तब अपने अधिवक्ता गजेंद्र यादव के माध्यम से परिवाद न्यायालय में प्रस्तुत किया संपूर्ण गवाही उपरांत माननीय माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जिला शिवपुरी द्वारा आरोपी पियूष शर्मा को दिनांक 17 मार्च 2021 को उक्त प्रकरण में 1 वर्ष का साधारण कारावास की सजा से दंडित किया इसके बाद इसके बाद आरोपी पीयूष शर्मा ने उक्त दोनों निर्णय के विरुद्ध माननीय प्रधान प्रधान न्यायाधीश महोदय शिवपुरी के यहां अपील प्रस्तुत की थी आज उक्त दोनों मामलों में माननीय प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश महोदय शिवपुरी ने उक्त दोनों अपीलों में सुनवाई उपरांत आरोपी की अपील निरस्त कर अधीनस्थ न्यायालय द्वारा पारित आदेशों की पुष्टि करते हुए आरोपी को उक्त अधीनस्थ न्यायालय द्वारा दी गई 1 वर्ष की सजा और ₹650000 प्रति कर परवादी राम गोपाल ओझा को एवं प्रतिकर की राशि ₹710000 परिवादी संजय जैन को दिए जाने वाला आदेश बरकरार रखा है। उक्त निर्णय उपरांत आरोपी को सजा भुगते जाने हेतु सजा वारंट बनाकर सर्किल शिवपुरी भेजा गया है।

कोई टिप्पणी नहीं
एक टिप्पणी भेजें