एक सैकड़ा मरीजों की जांच कर मानसिक संवाद आयोजित किया
शिवपुरी। हमारे समाज में नशे का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। इसके कारण ज्यादातर दिक्कतों का सामना महिलाओ को करना पड़ रहा है यहां तक कि कुछ त्योहारों में नशे के उपयोग को सामाजिक स्वीकार्यता भी मिली हुई है। इसके बाद देखने में आता है कि अस्पतालों में बहुत से लोग एमर्जेंसी में लाए जाते हैं। कुछ तो नशे में सड़क दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं। समाज में नशे के उपयोग को लेकर उसकी सुरक्षित सीमा के बारे में सबकी अपनी-अपनी परिभाषाएं हैं।जान-माने मनोचिकित्सक डॉ. अर्पित बंसल ने आज मुड़ेरी वेल नेस सेंटर पर शक्ति शाली महिला संगठन, ब्रिटानिया न्यूट्रीशन फाउंडेशन एवम स्वास्थ्य विभाग के मानसिक विभाग के द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित मानसिक रोग के प्रति जन जागरूकता हेतु संवाद सह स्वास्थ परिक्षण शिविर में कहा की नशे की लत एक मानसिक विकार है, जिसमें नशे के लगातार उपयोग की वजह से शारीरिक और मानसिक अवस्था में गंभीर परिवर्तन होते हैं, जिसमें व्यक्ति स्वयं से नशे की मात्रा को कम करने या बंद करने में अक्षम हो जाता है। भारत में आमतौर पर तम्बाकू, शराब, गांजा, चरस, अफीम, थिनर, कुछ दर्द निवारक और घबराहट के लिए ली जाने वाली दवा का उपयोग नशे के लिए करते हैं। कई गैर-कानूनी नशों की बिक्री माल, म्याऊ-म्याऊ, बूम जैसे नामों के साथ की जाती है।नशे से दूसरे आनंद खत्म हो जाते हैं प्रोग्राम में सामाजिक कार्यकर्ता शक्ति शाली महिला संगठन के रवि गोयल ने कहा की हम सेहरिया समुदाय में नशा कम करने के लिए जागृति लाने की कोशिश कर रहे है क्यूंकि नशे का उपयोग आमतौर पर लोग प्रयोग या समूहों में अपनी स्वीकार्यता के लिए शुरू करते हैं और धीरे-धीरे हमारे ब्रेन में ऐसे परिवर्तन आते हैं, जिससे हमें अपने जीवन में किसी और क्रिया से भी आनंद समाप्त होता जाता है और हम अपनी नियमित दिनचर्या के लिए भी नशे पर निर्भर होने लगते हैं। और खुद के शरीर के नाश के साथ पूरा परिवार कंगाल हो जाता है। आज मुडेरी में अयोजित शिविर में एक सैकड़ा बच्चो, महिलाओ, किशोरियो एवम नशा करने वाले व्यक्तियों के परिक्षण किया जिनमे से 40 मरीजों को जिला चिकत्सालय रेफर किया जहा उनकी कमरा नम्बर 5 मन कछ में जांच होगी। शिविर में देखने को मिला की 9000 की आबादी वाले सेक्टर में अगर हर 8 में से एक मरीज मानसिक विकार से पीड़ित होते है तो कुल 1100 मानसिक रोग से पीड़ित मरीज होने की संभावना है जिसके लिए मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर अर्पित बंसल ने कम्युनिटी हैल्थ आफिसर, आशा सहयोगिनी, आशा कार्यकर्ता, आगनवाड़ी को निर्देशित किया है की वो इन मरीजों की सूची बनाएं इस कार्य में शक्ति शाली महिला संगठन की पूरी टीम सहयोग करेगी आज आयोजित शिविर में दो एनेमिक किशोरी बालिकाओं को फूड बास्केट भी प्रदान की जिससे की वह एनीमिया से मुक्त हो आज के प्रोग्राम में मंजू जाटव सी एच ओ, श्रीमती विमला शर्मा एएनएम श्रीमती अंजू यादव आशासहयोगिनी, ज्योति शर्मा कृष्णा गणेशी, शालिनी लखेरा के साथ शक्ति शाली महिला संगठन की पूरी टीम ने सहयोग किया।

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