जिले में भी पानी पानी
इधर खनियाधाना करैरा इलाकों की महुअर नदी भी उफन रही हैं। बदरवास, कोलारस इलाके की सिंधऊफान पर हैं। नतीजे में आज महुअर बांध के चार गेट खोलना पड़े तो दूसरी तरफ अटल सागर मड़ीखेड़ा के दस गेटों से पांच हजार क्यूमेक पानी छोड़ना पड़ रहा हैं। बावजूद इसके सिंध नदी के बहाव इलाकों के दो दर्जन ग्रामों के सिंध ने अभिषेक कर दिया हैं। कुछ ग्रामों में तो कुछ के रास्तों में पानी भरा हुआ हैं। यह तस्वीर ग्राम आनंदपुर की है 4:45 गांव के रास्तों की हालत जिनमें पानी भरा हुआ हैं।
पचावली में पानी के बीच जान की जोखिम
इधर कुछ पुलों के ऊपर पानी होने के बावजूद लोग जान जोखिम में डालते हुए पानी को पार कर रहे हैं। पचावली बाईपास आदिवासी बस्ती मेन रोड पर बनी पुलिया के ऊपर पानी दो से तीन फुट होने का यह एक दृश्य देखिए। लोग जान की परवाना न करते हुए पानी से होकर निकल रहे हैं। वाहनों की और खुद की जिंदगी की इनको कोई परवाह नहीं।
बछड़ा, भैंस पानी के तेज बहाव में बह गए
खनियाधाना के ग्राम बूधौन राजापुर में उफान पर महुअर नदी के बीच लोग अपनी जान खतरे में डालकर पुल पार कर रहे हैं। इसी दौरान एक चरवाहे की लापरवाही की वजह से एक बछड़ा और एक भैंस पानी के तेज बहाव में बह गया। इधर दूसरी तरफ एक ट्रैक्टर चालक ने खुद और लोगों की जान को जोखिम में डालते हुए ट्रैक्टर-ट्रॉली को उफान मारती नदी के रपटे पर डाल दिया। गनीमत रही कि तेज बहाव में बहकते ट्रैक्टर को चालाक ने संभाल लिया नहीं तो ट्रैक्टर चालक व ट्रैक्टर पर सवार लोगों की जान पर बन आती है। इसके बावजूद राहगीर पैदल नदी के पुल को पार कर रहे हैं।
अटल सागर मड़ीखेड़ा डेम के खुले दस गेट
अटल सागर मड़ीखेड़ा डेम के दस गेट खुले हुए हैं। पांच हजार क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा हैं। इससे अधिक छोड़े जाने पर डेम के निचले हिस्से में नरवर ग्वालियर रोड पर पुल से पानी निकलता हैं। तैयारी रखते हुए कोशिश हैं की पानी नियंत्रित मात्रा में निकाला जाता रहे। इधर दूसरा चेलेंज जल संसाधन विभाग के लिए सिंध के कोलारस, बदरवास इलाके में पानी को ग्रामजनों की जान की आफत बनने से रोकना भी हैं। अटल सागर डैम प्रभारी मनोहर बोराते डेम पर ही मोजूद रहकर नियंत्रण संभाल रहे हैं। कलेक्टर अक्षय सिंह सिंध कनेक्टिंग में हैं।
कल छुट्टी हैं स्कूलों की
जिले के स्कूलों में 23 को छुट्टी घोषित की गई हैं। कलेक्टर ने एहतियात के तौर पर सभी स्कूलों की छुट्टी की हैं। शिक्षक स्कूल जायेंगे।

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