निकलेगी भव्य रथयात्रा और होगा संकुल का उद्घाटन
शिवपुरी। प्रसिद्ध जैनाचार्य आचार्य विजयचंद्र सूरि जी म.सा. के 11 दिवसीय भव्य शताब्दी महोत्सव का शुभारंभ कल 9 सितम्बर को अनेक आयोजनों के साथ किया जा रहा है। शुभारंभ समारोह में गुजरात सरकार के वनमंत्री किरीट सिंह राणा विशेष रूप से पधारेंगे। इस अवसर पर कोर्ट रोड स्थित पाश्र्वनाथ जैन मंदिर से भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी और समाधि मंदिर पर नवनिर्मित संकुल का उद्घाटन होगा। इसके साथ ही जिन शासन में पहली बार 100 माण्डलों युक्त सामूहिक गुरूधर्म पादुका का महापूजनहोगा। रात्रिकालीन कार्यक्रम में रात 7 बजे से भव्य आरती का आयोजन होगा। शताब्दी महोत्सव को लेकर शिवपुरी जैन समाज में अपार उत्साह देखने को मिल रहा है। शताब्दी महोत्सव में भाग लेने के लिए देशभर के विभिन्न प्रांतों से जैनधर्मांवलंबी शिवपुरी पहुंचेंगे।
चातुर्मास कमेटी के संयोजक तेजमल सांखला ने जानकारी देते हुए बताया कि आचार्य विजयधर्म सूरि जी ने आज से 100 साल पूर्व शिवपुरी में तीन दिन का अनशन कर समाधिली थी। आचार्य विजयधर्म सूरि जी पर सरस्वती माँ की असीम अनुकम्पा थी और उन्होंने अनेक शास्त्रों और पुस्तकों का लेखन किया है तथा शासन प्रभावना के विविध कार्य किए। जिनमें यशोविजय संस्कृत पाठशाला, बालश्रम की स्थापना, वीरम गांव में पुस्तकालय की स्थापना के साथ ही उनकी प्रेरणा से उदयपुर, जोधपुर, कलकत्ता, जामनगर और काशी में पशु बलि तथा कबूतर हिंसा पर प्रतिबंध लगा था। शिवपुरी में आचार्य विजयधर्म सूरि जी की समाधि को बने 100 वर्ष हो गए हैं, लेकिन समाधि के जीर्णोद्धार का कार्य आचार्यश्री की कुल परम्परा के आचार्य कुलचंद्र सूरि जी और पंन्यास प्रवर कुलदर्शन विजयजी म.सा. के शिवपुरी चातुर्मास के कारण संभव हुआ है। दोनों जैन संतों के कारण आचार्य विजयधर्म सूरि जी की समाधि अब तीर्थ स्थल के रूप में तब्दील होने जा रही है जिसमें भव्य जैन मंदिर का निर्माण हो रहा है। धर्मशाला, लाइब्रेरी, भोजनशाला और आर्ट गैलरी का निर्माण हो चुका है। यह भी शिवपुरी का सौभाग्य है कि आचार्यश्री के शताब्दी वर्ष में जीर्णोद्धार कार्य संपन्न हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि 11 दिवसीय आयोजन के प्रथम दिन पाश्र्वनाथ जैन मंदिर कोर्ट रोड से सुबह 8:30 बजे भव्य रथयात्रा का शुभारंभ होगा जो नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरती हुई बीटीपी स्कूल समाधि मंदिर पहुंचेंगी जहां आचार्यश्री कुलचंद्र सूरि जी के सानिध्य में जैनधर्मांवलंबी जिनालय के दर्शन करेंगे और इसके बाद नवीन संकुल का उद्घाटन किया जाएगा। तत्पश्चात सामूहिक गुरूधर्म पादुका महापूजन आचार्य कुलचंद्र सूरि जी और पंन्यास प्रवर कुलदर्शन विजयजी के सानिध्य में होगा। अन्य आयोजनों में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, मेडिकल कैम्प, पुलिसकर्मियों और शिक्षकों का सम्मान, सर्वधर्म सम्मेलन, पंडित वर्गों का सम्मान, सांस्कृतिक कार्यक्रम, व्यापार वृद्धि अनुष्ठान, युवा सम्मेलन आदि आयोजन होंगे। रात्रिकालीन आयोजनों में 21 लक्की ड्रा निकाले जाएंगे जिनमें सोने, चांदी के सिक्के और अन्य उपहार शामिल हैं।

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