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धमाका ग्रेट: कन्या महाविद्यालय में पीसीपीएनडीटी विषय पर बेटियों के ज्ञानवर्धन के लिए संगोष्ठी आयोजित

गुरुवार, 15 सितंबर 2022

/ by Vipin Shukla Mama
बेटियां घर की शान होती हैं, बेटियों से ही घर बनता है: श्रीमती नेहा यादव
शिवपुरी, 15 सितम्बर 2022। बेटियां घर की शान होती हैं। बेटियों से ही घर बनता है। आज स्थिति यह है कि बेटों से ज्यादा लायक बेटियां हैं। यह बात मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती नेहा यादव ने पीसीपीएनडीटी विषय पर बेटियों के ज्ञानवर्धन हेतु आयोजित संगोष्ठी में कही।शासकीय कन्या महाविद्यालय शिवपुरी में आयोजित संगोष्ठी में अतिथि के रूप में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती गायत्री शर्मा, पीसीपीएनडीटी जिला सलाहकार समिति के सदस्य आलोक एम इंदौरिया, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.पवन जैन, डॉक्टर अनूप गर्ग, शासकीय कन्या महाविद्यालय शिवपुरी के प्राचार्य एनके जैन, पत्रकार विपिन शुक्ला, समीर गांधी सहित पीसीपीएनडीटी जिला सलाहकार समिति के सद्स्य एडवोकेट संजीव बिलगाइयां, रमेश अग्रवाल, प्रोफेसर एसएस खंडेलवाल, प्रोफेसर ज्योत्सना सक्सेना, डॉक्टर मुकेश अनुरागी, मुकेश गोयल एवम बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित थीं।जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती नेहा यादव ने कहा कि बेटी को समाज में एक तरफ देवी का रूप माना जाता है। इसके बावजूद कई बार उससे जन्म लेने का अधिकार छीन लिया जाता है। जागरूकता से ही इस बुराई का अंत किया जा सकता है। माता-पिता को बेटे-बेटी में फर्क नहीं समझना चाहिए। इस दौरान उन्होंने छात्राओं से आवश्यक प्रश्न भी पूछे, छात्राओं द्वारा उन प्रश्नों को उत्तर भी दिए।नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती गायत्री शर्मा ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराइयों के बढ़ने का एक कारण महिलाओं का जागरूक नहीं होना भी है। कई परिवारों में बेटियों की शिक्षा पर ध्यान नहीं दिया जाता। समाज में बेटियों को समानता का अधिकार मिलना चाहिए। इसमें शिक्षा की अहम भूमिका हो सकती है। इसके साथ ही हमें समाज की मानसिकता को भी बदलने की जरूरत है।पीसीपीएनडीटी जिला सलाहकार समिति के सदस्य आलोक एम इंदौरिया ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या हमारे समाज के लिए कलंक है। हमें इस सामाजिक बुराई के खिलाफ जंग लड़नी होगी। इसके लिए सरकार ने पीसीपीएनडीटी एक्ट बनाया है। जिले में भ्रूण लिंग परीक्षण रोकने और लिंगानुपात में सुधार करने के लिए सभी के प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने छात्राओं को लिंगानुपात के संबंध भी आवश्यक जानकारी दी।
समाज में विसंगतियों के कारण ही विधायिका को कानून बनाना पड़ता है, जिसके क्रियान्वयन की जवाबदेही कार्यपालिका और समाज की होती है,उसका सही क्रियान्वयन नहीं हो पाने पर न्यायापालिका अपना कार्य करती हैं, इसलिए 1994 में pcnpndt act प्रभाव में आया-संजीव बिलगैयाँ advocate




मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.पवन जैन ने उपस्थित बालिकाओं से कहा कि कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए हमें जिले में लिंगानुपात में सुधार करने के लिए प्रयास करना होगा। हम सभी को आमजन को इस प्रकार से जागरूक करना होगा कि प्रसव से पहले गर्भ में बच्चे का लिंग परीक्षण कराना और कन्या भ्रूण हत्या कानूनी अपराध है। इसके लिए सजा का
प्रावधान है। इसके साथ ही अन्य सदस्यगणों द्वारा अपने विचार प्रस्तुत किए।श्रीमती नेहा यादव जिला पंचायत अध्यक्ष एवं नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती गायत्री शर्मा द्वारा महाविद्यालय प्रांगण में पौधारोपण भी किया गया l इस अवसर पर रक्तदान शिविर भी आयोजित किया गया जिसमें कन्या महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा 20 यूनिट स्वैच्छिक रक्तदान किया गया।

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