डेढ़ करोड़ के लफड़े की बात आई सामने
मक्का-मदीना, उमरा यात्रा पर भेजने के नाम पर जिन यात्रियों से धोखाधड़ी की बात सामने आई है। उनमें आशिक मंसूरी आदि का कहना है की उन्होंने एजेंट को प्रति व्यक्ति डेढ़ लाख रूपये पासपोर्ट वीजा के लिए दिए थे। रकम चुकाने के बाद जब उन्हें हवाई सफर का प्लान बताया तो यात्री उमरा के लिए मुंबई एयरपोर्ट पहुंचे, लेकिन हैरानी तब हुई जब यात्रियों को वहां यात्रा के संबंध में कोई भी व्यवस्था नहीं मिली। ऐसे में ये यात्री मुंबई में ही अपनी यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए मशक्कत करते रहे। यात्रा में शामिल ब्यावरा निवासी आशिक मंसूरी ने पूरे मामले को लेकर मुंबई से एक वीडियो जारी किया। मंसूरी ने कॉल पर बताया कि उमरा यात्रा की पूरी व्यवस्था के लिए ब्यावरा व पचोर के 40 लोगों ने करीब 20-25 दिन पहले इंदौर की ट्रेवल एजेंसी अल मलिक को नरसिंहगढ़ निवासी जावेद सहित कुछ अन्य दलालों के माध्यम से प्रति यात्री 75 रुपए पासपोर्ट व अन्य दस्तावेज दिए थे। इसके बाद 6 सितंबर को सभी यात्री मुंबई पहुंच गए थे। 7 सितंबर को निर्धारित समय पर मुंबई एयरपोर्ट पहुंचे, पर यहां उनकी यात्रा को लेकर कोई इंतजाम नहीं थे।
एयरपोर्ट पर परेशान होते रहे यात्री
रात में यात्रियों ने ट्रेवल एजेंसी के किसी सदस्य से बात की तो वहां उन्हें फ्लाइट के समय बुधवार सुबह 11:15 बजे के पहले एयरपोर्ट पहुंचने के लिए कहा गया था। निर्धारित समय पर यात्री एयरपोर्ट पर पहुंचे पर उन्हें रिसीव करने कोई नहीं आया, वे फ्लाइट का समय गुजर जाने के बाद भी ट्रेवल एजेंसी के एजेंट को तलाशते रहे। यात्रियों का आरोप है कि इस दौरान ट्रेवल एजेंसी के लोगों से संपर्क नहीं हो सका। दोपहर बाद यात्रियों का संपर्क नरसिंहगढ़ निवासी जावेद से हुआ जिस पर उन्होंने मुंबई आकर बात करने की जानकारी दी। इधर खबर लिखे जाने तक मुंबई एयरपोर्ट पर परेशान सभी यात्री किसी भी कीमत पर बगैर यात्रा के वापस नहीं लौटने की बात कर रहे थे।

कोई टिप्पणी नहीं
एक टिप्पणी भेजें