ग्वालियर। संस्कृति, सभ्यता और भाषा किसी भी देश की उन्नति का प्रतीक होती हैं। उद्भव संस्कृति के संरक्षण के लिए सकारात्मक रूप सेे बेहतरीन और प्रशंसनीय कार्य कर रही है। इससे हमें बहुत कुछ जानने और सीखने का मौका मिला। हम भाषा के विकास के लिए भारत के साथ मिलकर भविष्य के लिए एक शानदार काम करने जा रहे हैं। जिससे भारतीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। ताइवान के राजदूत बौशुआन गेर ने यह बात कही।
पडाव स्थित इंटरनेशनल सेंटर ऑफ मीडिया एक्सीलेंस( आईकॉम) पर मीडिया से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि उद्भव स्पोर्ट्स एंड कल्चरल एसोसिएशन ने हमें ग्वालियर आने का अवसर दिया। यहां आकर आनंद की असीम अनुभूति हुई। उद्भव का शुभारंभ समारोह इतना भव्य था जिसमें भारतीय संस्कृति और सभ्यता की पूरी झलक देखने को मिली। जिसे देख हमारे देश के कलाकार अभिभूत हो गए।
उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन विभिन्न देशों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। क्योंकि किसी भी देश के राजनीतिक और आर्थिक संबंधों की नींव देश की संस्कृति के आदान-प्रदान से ही मजबूत होती है। उद्भव उत्सव जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से हमें एक-दूसरे की संस्कृति, सभ्यता, रहन-सहन,खान-पान और भाषा को जानने का मौका मिलता है। उद्भव से हम एक सीख लेकर जा रहे हैं और भविष्य में हम भी इस तरह के आयोजनों को बढ़ावा देने के लिए प्रयास करेंगे।
उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि विभिन्न देशों के लोग हमारे यहां आएं और हमारे नागरिकों के साथ मिलकर दुनिया भर में शांति, सद्भाव, मानवता और तकनीक के क्षेत्र में कार्य करें।
एक सवाल के जवाब में गेर ने कहा कि दुनिया तेजी से आगे बढ़ रही है। शिक्षा के क्षेत्र में तीव्रगति से विकास हो रहा है। जिसमें भाषा का सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण योगदान है। ताइवान सरकार भारत में मंदारिन भाषा को सिखाने के लिए देशभर में 26 अघ्ययन केंद्र खोलने जा रही है। जहां लोग इस भाषा को सीखेंगे। ऐसे लोगों को हम अपने देश में नौकरी देंगे।
पत्रकार-वार्ता में राजदूत श्री गेर के विशेष सहयोगी पॉन्सेंग एवं मीडिया सेंटर के डायरेक्टर एवं उद्भव के अध्यक्ष डॉ. केशव पाण्डेय भी मौजूद थे।

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