भोपाल। प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर शनिवार को सीएम शिवराज सिंह ने पुलिस अधिकारियों की बैठक ले डाली। उनसे कहा कि प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार को ध्वस्त कर दें। ड्रग्स या अवैध शराब बिकी तो SP जिम्मेदार होंगे। प्रदेश में कहीं भी हुक्का लाउंज न चले। इनफॉर्मर को रिवॉर्ड देने की स्कीम भी शुरू की जायेगी। सीएम ने डीजीपी, आईजी, एसपी और कलेक्टरों से कहा कि करप्शन के मामले में जीरो टॉलरेंस है। अपने भी लोग छांट लें, जो गड़बड़ कर रहे हैं। इंदौर में मुझे शिकायत मिली है। किसी ने गलत काम किया तो उसे छोडूंगा नहीं। जरूरत पड़ी तो EOW के छापे भी पड़ेंगे। शिवराज ने एक बार फिर दोहराया कि प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार को पूरी तरह से ध्वस्त करना है। स्कूल, कॉलेज के आसपास, छोटी-छोटी दुकानों पर ड्रग्स की शिकायत मिलती है। यह युवा पीढ़ी को खोखला करने का षड्यंत्र है। इससे हमें युवा पीढ़ी को बचाना है। इसलिए पहले चरण में अभियान चलाए। एक से ज्यादा राज्यों से भी तार जुड़े हो सकते हैं। दूसरे चरण में कार्रवाई के बाद भी किसी जिले में ड्रग्स पर तत्काल कार्रवाई करें। हम इसलिए नहीं बैठे कि कोई डरा-धमकाकर गैरकानूनी काम करे। आप ऐसी लिस्ट बना लीजिए। यह एडीजी का काम है। मुझे रिपोर्ट कीजिए। जरूरत पड़ने पर EOW के छापे भी पड़ेंगे। वहीं, अच्छा काम करने वालों की पीठ थपथपाएंगे।
अगर कोई बहन-बेटी के साथ दुराचार करें तो तबाह करना, छोड़ना नहीं
सीएम ने पुलिस बीट सिस्टम को और भी एक्टिव करने को कहा। कहा कि बीट की व्यवस्था ऐसी हो कि जल्दी इन्फॉर्मेशन मिल जाए। स्कूल-कॉलेज के आसपास से लेकर आप इन्फॉर्मेशन जुटाइए और कार्रवाई कीजिए।
दुराचारी किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे। बुलडोजर चलने चाहिए, क्योंकि ऐसे लोगों को जब तक तबाह नहीं करेंगे, तब तक ये मानते नहीं हैं। अगर कोई बहन-बेटी के साथ दुराचार करें तो तबाह करना, छोड़ना नहीं। इस लायक भी नहीं रहने देना कि दोबारा वह इस बारे में सोचें। घर से निकलते हैं तो छेड़छाड़ की कई घटनाएं होती हैं। पीकर वाहन चलाना भी अपराध है। इन सबका पहले से प्रावधान है। इसका प्रभावी उपयोग करें।

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