इधर सरकारी नोकरी निकलीं, उधर ठग हुए सक्रिय
इस आपाधापी के बीच जब राज्य और केंद्र में चुनाव होने हैं और सरकारों को खबर हुई की बेरोजगारों के मन में सरकार को लेकर गुस्सा हैं तो अब सरकारी नोकरी निकाली जा रही हैं। हालाकि युवाओं को अभी समझ नहीं आ रहा की उन्हे नोकरी के नाम पर किस हद तक परेशान किया जा रहा हैं जैसे 2018 की भर्ती अब तक मुकाम पर नहीं पहुंची। पीएससी अधर में लटकी हुई हैं। अब बात की जाय शिक्षा कर्मी की तो अब mp टेक का नया फंडा खड़ा कर दिया गया हैं। यानी चुनाव तक नोकरी का कौर लटका रहेगा और फिर भगवान मालिक। आउट सोर्स, कांट्रेक्ट जैसी नौकरियां लोगों की जिंदगी वरवाद कर रही हैं जिनकी कोई गारंटी नहीं। इधर नोकरी निकलने की बात सुनते ही ठग सक्रिय होकर अपना जाल फैला देते हैं। जेसे रेलवे में आरक्षक की 19800 भर्ती निकलने की फर्जी विज्ञप्ति वाटसिप पर वायरल कर दी गई थी फिर रेलवे ने खंडन किया की कोई नोकरी नहीं निकली। लेकिन फिर भी कुछ लोग फ्रॉड के शिकार हो ही जाते हैं। जेसे शिवपुरी जिले के कुछ युवा इसी तरह के फर्जी रेकिट के जाल में फस गए अब एसएसपी कार्यालय में शिकायत करते घूम रहे हैं। आइए देखिए क्या हैं मामला
शिवपुरी जिले में बेरोजगारों को नौकरी का लालच देकर शिक्षा का प्रसार करने वाली एक फर्जी संस्था जिले के लगभग 500 से अधिक युवाओं को नौकरी का लालच देकर लगभग 25 लाख रुपए ठग कर फरार हो गई। अब ठगे गए युवक युवती एसपी कार्यालय में कार्रवाई के लिए चक्कर लगा रहे है। बताया जा रहा है कि शिवपुरी सहित मप्र के सभी जिलों इस तरह के फ्रॉड होने की खबर है। संस्था चलाने वाले लोग अपने आप को बिहार के बता रहे थे और ग्वालियर के आसपास के जिलों का ऑफिस ग्वालियर में बनाया था वही से यह ठग अपने काम को अंजाम दे रहे थे।
आवेदक विजय श्रीवास्तव निवासी बैराड ने बताया कि सी.बी.के. एजुकेशन संस्था (CBK EDUCATIONAL & WELFARE SERVICES) के पदाधिकारी उससे किसी माध्यम से मिले। उन्होने बताया कि हमारी संस्था शिक्षा के प्रचार का काम करती है और इसमें बच्चो को पढाने का काम हैं। इनका काम देखने के फील्ड ऑफिसर और फील्ड ऑफिसर के ऊपर शिक्षा सेवा कैंट का पद है। शिवपुरी जिले में संस्था के अनुसार स्वयं सेवी शिक्षक (VT) की पद संख्या 9 हजार वेतन शुरुआत में 900 ये प्रतिमाह से लेकर 9 हजार रुपए योग्यता आठवी से दसवीं पास,फील्ड मैनेजर (FM) जिले में पद संख्या 90 वेतन 12500 से लेकर 25 हजार योग्यता 10 से 12 वीं पास,शिक्षा सेवा केंट (ESC) पदों की संख्या 12 वेतन 22500 से शुरू।
कुछ ऐसा ही प्लान उसे ग्वालियर से आए संस्था के पदाधिकारी ब्रजेश त्रिपाठी और संभु सर ने बताया था, फिर मुझे फील्ड ऑफिसर का पद दिया गया था। मुझे स्वयंसेवी शिक्षकों की नियुक्ति करनी थी, बदले में मुझे 4900 रूपए प्रति शिक्षक से लेना था। 900 रूपए रजिस्ट्रेशन शुल्क और 4 हजार रुपए सिक्योरिटी के रूप में लेना था। वही संस्था ने यह भी बताया कि आज जितने शिक्षक नियुक्ति करोगे प्रतिमाह 150 रूपए प्रत्येक शिक्षक का अतिरिक्त बोनस आपकी सैलरी में जुड़ जाएगा। इस लालच में आकर मैंने लगभग 90 स्वयंसेवक शिक्षक नियुक्त कर दिए और संस्था को सभी का भुगतान कर दिया। इन स्वयं सेवकों को अपने ही घर पर बच्चों का पढ़ाना था बच्चों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लेना था।
इसी प्रकार संस्था ने दो दर्जन से अधिक फील्ड आफिसर जिले में नियुक्त कर दिए। इन फील्ड ऑफिसर ने अपने अपने क्षेत्रों में स्वयं सेवक शिक्षकों की नियुक्ति कर दी और संस्था के लिए वसूली भी कर ली। एसपी ऑफिस पहुंचे युवक और युवतियों ने बताया कि जिले में किसी की एक माह की सैलरी और किसी को 2 माह सैलरी आई है अब पूरी संस्था गायब हो गई है। ग्वालियर ऑफिस में ताले लटके हैं। संस्था के पदाधिकारियों के मोबाइल बंद आ रहे हैं।
अपने आपको बिहार का बताने वाले ठगो ने बेरोजगारों को आसानी से नौकरी और अच्छी वेतन का लालच देकर चैन सिस्टम में फसाकर चूना लगा दिया। प्रतिनियुक्ति 4900 रूपए की वसूली कर ली और कुछ को वेतन के रूप में 900 रुपए भी दे दिए गए जिससे किसी को शक न हो। वही फील्ड आफिसर को अधिक लालच दिया गया 150 रुपए प्रति नियुक्ति पर हर माह 150 रुपए का लालच दिया गया। जिससे फील्ड आफिसर ने दम से काम किया और कंपनी के प्लान में स्वयं फसते हुए दूसरो को भी फसवा दिया।
एसपी ऑफिस पर इस मामले की शिकायत करने 1 दर्जन से अधिक संख्या में आए युवक-युवतियां और महिलाओ ने बताया कि शिवपुरी जिले में पोहरी-बैराड़, नरवर-सतनवाड़ा और करैरा क्षेत्र में लगभग 500 बेरोजगार लोगों का फंसाया गया है और 25 लाख रुपए का चूना लगा दिया। ये युवा कह रहे थे कि सागर में कुछ ऐसे फ्रॉड करने वाले पुलिस ने पकडे हैं। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि मप्र के कई जिलों में शिक्षा प्रसार के नाम पर फ्रॉड हुआ हैं।
जाल सुनियोजित था ठगों का
युवकों ने बताया की हमें नियुक्ति के साथ एक किट देते थे और प्रतिदिन ऑनलाइन मीटिंग भी लेते थे। हमें काम करने के दिशा निर्देश भी देते थे कुल मिलाकर पूरे तरीके से ठगने का काम किया जिससे कोई शक न हो फिर बेरोजगारों को फंसाकर हुए फरार।
आपस मे लड रहे थे शिकायतकर्ता
एसपी आफिस पर इस मामले की शिकायत करने आए लोग आपस में लड रहे थे। एक दूसरे पर आरोप लगा रहे थे कि आपने फसवा दिया मेरे को, अब मैने जिनकी नियुक्ति की है वह सब मेरे घर पैसा मांगने आ रहे है। अब मैं पैसा कैसे वापस करूंगा। घर आ रहे लोग पुलिस में जाने की धमकी दे रहे और कह रहे थे हमने तो तेरे कहने पर ही पैसा दिया था हम नहीं जानते कंपनी को। उस पर भी दुखद ये कि इन लुटे पिटे बेरोजगारी लोगों की एसपी शिवपुरी राजेश सिंह चंदेल से मुलाकात नही हो सकी।

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