ग्वालियर। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में आयोजित की गई दो दिवसीय गाजियाबाद ओपन आर्म रेसलिंग प्रतियोगिता में ग्वालियर के पहलवानों का दबदबा रहा। पहलवानों ने विभिन्न भार वर्ग में चार पदक हासिल कर अपना दम दिखाकर ग्वालियर-चंबल अंचल को गौरवांवित किया।
प्रतियोगिता में योगेंद्र यादव ने 70 किलोग्राम भार में, पूजा भदौरिया और अरविंद रजक ने 50-50 किलोग्राम वजन वर्ग में स्वर्ण पदक जीते। जबकि सचिन तोमर ने 50 किलोग्राम भार में रजत पदक हासिल किया। चार पदक जीतने वाले पहलवानों के अलावा राज भदौरिया, विकास गुर्जर, आदित्य भदौरिया और रोहित लोधी का प्रदर्शन भी बेहतर रहा। बेशक ये पदक जीतने में कामयाब नहीं हो सके लेकिन इन्होंने आयोजकों और रेफरियों को खासा प्रभावित किया। सभी पहलवानों के नगर आगमन पर भव्य स्वागत कर उन्हें सम्मानित किया गया।
पड़ाव स्थित इंटरनेशनल सेंटर ऑफ मीडिया एक्सीलेंस (आईकॉम) पर ग्वालियर आर्म रेसलिंग वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. केशव पाण्डेय ने प्रतिभागियों को सम्मान करते हुए कहा कि बिरला नगर स्थित आर्म रेसलिंग अकेडमी ने इतिहास रचा है। पूरे देश में ग्वालियर को आर्म रेसलिंग का हब बना दिया है। इस मौके पर संस्था के सचिव दीपक तोमर, उपाध्यक्ष डॉ. नितिन भारद्वाज, कोच-वर्ल्ड चैम्पियन मनीष कुमार, सोनिया एवं गुरमीत सिंह राणा ने भी खिलाड़ियों का स्वागत कर उनके बेहतर भविष्य की कामना की।
जानिए, क्या होती है आर्म रेसलिंग
आर्म रेसलिंग दो खिलाड़ियों के बीच होने वाली एक प्रतियोगिता है। जिसमें दोनों खिलाड़ी(पहलवान) एक-दूसरे का सामना करते हैं। दोनों पहलवान अपनी कोहनी को मेज पर रखते हैं और एक बने हुए निशान के बीच एक-दूसरे के हाथों (पंजों) को मजबूती से पकड़ लेते हैं। इसके बाद एक-दूसरे के पंजे को नीचे झुकाने के लिए अपनी ताकत लगाते हैं। आसान भाषा में इसे पंजा लड़ाओ प्रतियोगिता कहते हैं।

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